CM भूपेश बघेल ने कहा- 32 हजार सिंचाई पंपों के लिए बिजली कनेक्शन का टेंडर पूरा
रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश के 32 हजार सिंचाई पंपों को बिजली कनेक्शन देने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लॉकडाउन की स्थिति सामान्य होते ही किसानों को कनेक्शन देने का काम शुरू कर दिया जाएगा। सीएम भूपेश ने बिजली कंपनियों के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर उनके कार्याें और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें। अपने और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कोरबा जनरेशन कंपनी के अधिकारियों से प्लांट के संचालन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन का कार्य महत्वपूर्ण है। यदि किसी को सर्दी-बुखार हो तो उन्हें अलग रखें, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। ऐसे व्यक्ति का इलाज कराएं। प्लांट में बाहरी व्यक्ति को प्रवेश न दें। सीएम बघेल ने कोयला आपूर्ति की भी जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। बैठक में सीएस अमिताभ जैन, एसीएस सुब्रत साहू, सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, विशेष सचिव अंकित आनंद और दुर्ग, रायपुर, कोंडागांव, जांजगीर-चांपा, बस्तर, महामुंद, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कांकेर, बालोद और कोरबा जिले के बिजली विभाग के मैदानी अमला शामिल हुआ।
सभी कर्मचारियों को दे रहे मेडिकल एडवांस
अधिकारी-कर्मचारियों ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का कोविड टीकाकरण कराने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। इस पर सीएम ने कहा कि वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर तेजी से वैक्सीनेशन किया जाएगा। एक मई को वैक्सीन की मात्र डेढ़ लाख डोज प्राप्त हुई, जबकि इस आयु समूह में 1.35 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन किया जाना है। बिजली कंपनी के अध्यक्ष अंकित आनंद ने बताया कि कोविड संक्रमित अधिकारी-कर्मचारियों को इलाज के लिए कुल आंकलित खर्च की 90 फीसदी राशि मेडिकल एडवांस के रूप में दी जा रही है, जबकि संविदा कर्मचारियों को 50 हजार रुपए तक मेडिकल एडवांस दिया जा रहा है।
5 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज
राज्य सरकार द्वारा काेरोना पीड़ित मरीजों का इलाज डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना व आयुष्मान योजना से कराया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं से अब तक सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालों में पांच हजार 157 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। दोनों योजनाओं के लिए अस्पताल में 20 फीसदी बेड आरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शासकीय एवं पंजीकृत निजी अस्पतालों में योजना अन्तर्गत जनरल वार्ड में रोज दो हजार , एचडीयू आक्सीजन हेतु 5 हजार 5 सौ और बिना वेंटिलेटर के आईसीयू का रोज सात तथा वेंटिलेटर आईसीयू का नौ हजार निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत 3 हजार 978 मरीजों का शासकीय चिकित्सालयों में एवं 1179 मरीजों का निजी चिकित्सालयों में इलाज किया गया है।कोरोना से बचाव के लिए 104 हेल्प लाइन नंबर को वन स्टाॅप सॉल्यूशन के रूप में सुदृढ़ किया जा रहा है।












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