CM बघेल ने वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की बैठक में लिए कई अहम फैसले
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अधिकारियों के साथ वन विभाग की बैठक ली। बैठक में सीएम बघेल ने कई अहम निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की बैठक में कई फैसले लिए है। सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मिशन मोड में कोदो, कुटकी, रागी के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। ताकि किसानों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि मिलेट्स के संग्रहण, प्रसंस्करण और वेल्यू एडिशन से किसानों, महिला समूहों और युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसलिए प्रदेश में मिशन मोड में मिलेट उत्पादन को बढ़ावा बहुत जरूरी है।

गांव में स्थापित की जाए छोटी-छोटी इकाईयां
सीएम ने कहा कि हमारे प्रदेश में बड़े क्षेत्र में मिलेट का उत्पादन होता है। मिलेट्स के संग्रहण, प्रसंस्करण और वेल्यू एडिशन से किसानों, महिला समूहों और युवाओं के लिए रोजगार के साथ अच्छी आय के साधन विकसित किए जा सकते हैं। इसलिए हमें इस पर फोकस करना चाहिए। सीएम ने कहा कि मिलेट का उत्पादन बढ़ाने के लिए हमें गांवों में प्रसंस्करण की छोटी-छोटी इकाईयां स्थापित की जाएगी। जिसे लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद से उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी सहयोग लिया जाएगा।
कोदो, कुटकी से बढ़ेगी मिलेट्स की खपत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोदो, कुटकी और रागी के क्षेत्र तथा उत्पादन में वृद्धि कर प्रसंस्करण के माध्यम से विभिन्न उत्पाद तैयार कर प्रदेश में मिलेट्स की खपत को बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश में कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा सहित राजनांदगांव, कवर्धा और बेमेतरा तथा सरगुजा के कुछ क्षेत्रों में इनका उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स का उत्पादन बढ़ाने के लिए चुनिंदा विकासखण्डों में मिलेट क्लस्टर चिन्हांकित कर उन्नत खेती को बढ़ावा दिया जाए. मिलेट्स की खेती से महिला स्व सहायता समूहों को जोड़ा जाए। क्योंकि महिलाएं इस अभियान से जुड़ेगी तो इस काम में तेजी आएगी।
सभी को करना है सहयोग
बैठक में सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मिशन मोड को आगे बढ़ाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की छोटी सी छोटी चीजों को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। जिसमें कोदो कुटकी प्रमुख है। सीएम ने कहा कि कोदो, कुटकी और रागी से तैयार व्यंजनों व्यापक स्तर पर प्रमोशन किया जाए। क्योंकि जब यह व्यंजन लोगों की पसंद बनेंगे तो निश्चित ही कोदो, कुटकी और रागी का उत्पादन बढ़ेगा।












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