छत्तीसगढ़ः बेमेतरा में छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिखाई जा रही हैं खेती
रायपुर। रायपुर से करीब 80 किमी दूर खंडसरा हायर सेकेंडरी स्कूल (बेमेतरा) ने अनुकरणीय पहल की है। स्कूल द्वारा 10वीं के विद्यार्थियों को जमीन से जोड़े रखने के लिए महामाया मंदिर परिसर ग्राम चमारी में श्रीविधि पद्धति से धान की रोपाई कराई गई। उल्लेखनीय है कि नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम कृषि ट्रेड शासन द्वारा चलाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षा के साथ खेती-बाड़ी के कार्य से विद्यार्थियों को रूबरू कराना है।

स्कूल के कृषि प्रशिक्षक रोहित कुमार वर्मा व अजय शर्मा ने मोहल्ला क्लास के अंतर्गत धान के वर्तमान परिवेश के लिए बहुउपयोगी श्रीविधि पद्धति की विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए प्रायोगिक के तौर पर खेत में उन्हें रोपा लगाने का प्रशिक्षण दिया। बताया जाता कि श्रीविधि पद्धति से कम बीज, कम पानी, कम खाद व कम लागत से अधिक उत्पादन मिलता है। इस मौके पर स्कूल के पूर्व शाला नायक रामप्रसाद जायसवाल ने स्कूल की ओर से की गई इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में भी आगे चलकर खेती-किसानी के प्रति रुचि जागृत होगी।
मोहल्ला क्लास से जानकारी
कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में स्कूल-कालेज तो नहीं खुले हैं, लेकिन शासन द्वारा पूरे प्रदेश में मोहल्ला क्लास चलाई जा रही हैं। इसके तहत बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत अभी खेती-बाड़ी का सीजन होने के कारण बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
शासन द्वारा नवीन व्यावसासियक पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है। स्कूल में कृषि और आईटी ट्रेड के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आईटी ट्रेड के विद्यार्थियों को बैंकिंग कार्य और कंप्यूटर की बेसिक जानकारी दे रहे हैं। इसके तहत हर साल विद्यार्थियों को खेती-बाड़ी समेत कंप्यूटर की जानकारी ट्रेनर के माध्यम से दी जा रही है-महेश साहू, खंडसरा हायर सेकेंडरी स्कूल












Click it and Unblock the Notifications