ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जांच नहीं करना चाहती केंद्र सरकार: मनीष सिसोदिया
नई दिल्ली, अगस्त 26: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से संबंधित मौतों की जांच के लिए एक पैनल बनाने की आवश्यकता को खारिज कर दिया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त टास्क फोर्स इस मामले को देख रहा है। उन्होंने बुधवार को यह भी कहा, केंद्र जांच से भाग रहा है, क्योंकि यदि मौतों की जांच की जाती है तो जनता को उनकी लापरवाही और धोखाधड़ी का पता चल जायेगा।

मनीष सिसोदिया ने मंडाविया को पत्र लिखकर एक बार फिर कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों की संख्या को सही ढंग से पेश करने के लिए एक जांच समिति की आवश्यकता है। सिसोदिया ने एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि नेशनल टास्क फोर्स के पास 12 प्रासंगिक शर्तें हैं, जिनमें से पांच ऑक्सीजन से संबंधित हैं और इस कारण दिल्ली सरकार द्वारा एक जांच समिति गठित करने की आवश्यकता नहीं है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का दावा है कि राष्ट्रीय टास्क फोर्स के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया जनादेश ऑक्सीजन की कमी के कारण होने वाली मौतों से संबंधित है, लेकिन टास्क फोर्स के लिए शीर्ष अदालत द्वारा निर्देशित 12 सूत्री एजेंडा अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति और भविष्य के लिए सिफारिशें और प्रबंधन से जुड़ा है। इसके साथ उन्होंने कहा कि जब ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई मौतों की जांच के लिए टास्क फोर्स के जनादेश में कहीं भी इसका उल्लेख नहीं किया गया है, तब भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री दावा कर रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मौतों का आकलन करने के लिए एक जांच समिति गठित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इसके अलावा मंडाविया द्वारा दिया गया दूसरा कारण यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने टास्क फोर्स के तहत दिल्ली के लिए एक उप-समूह बनाने का निर्देश दिया है और एक अंतरिम रिपोर्ट पहले ही जारी की जा चुकी है, इसलिए जांच समिति का गठन महत्वपूर्ण नहीं है। वहीं, मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि इतनी सारी मौतों के पीछे केंद्र द्वारा ऑक्सीजन का घोर कुप्रबंधन है।












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