अमाहा ने दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में पहले 3 मेंटल हेल्थ सेंटर लॉन्च किए
अमाहा ने डिजिटल रूप से 45 लाख लोगों की जिंदगी को प्रभावित करने के बाद दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में पहले तीन मेंटल हेल्थ सेंटर स्थापित किए हैं।

अमाहा (जिसे पहले इनरऑवर के नाम से जाना जाता था) की स्थापना 2016 में मशहूर मनोचिकित्सक और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उद्यमी डॉ. अमित मलिक द्वारा की गई। अमाहा (Amaha) का लक्ष्य किसी भी जरूरतमंद को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। 2019 में सामाजिक उद्यमी और वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य राजदूत नेहा कृपाल सह-संस्थापक के रूप में अमाहा में शामिल हुईं।
एक ऐसे देश में, जहां पहले से ही 20 करोड़ लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे हों, कोविड के दौरान मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कठिनाईयां कई गुना बढ़ गईं। इनमें नशे की लत, मनोविकृति, खुदकुशी का ख्याल, खुद को चोट पहुंचाना, पीड़ा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दूसरी चुनौतियां शामिल थीं।
पिछले सात सालों में, अमाहा भारत के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य संगठनों में से एक के रूप में उभरा है। अमाहा मानसिक बीमारियों की पूरी श्रृंखला के लिए क्लीनिकल विशेषज्ञता, सर्वोत्तम उपचार और टेक्नोलॉजी आधारित सहायता प्रदान करता है। पिछले साल ही अमाहा की 110 मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों की टीम ने देश के 300 से ज्यादा शहरों में 15 से ज्यादा भाषाओं में 35 हजार से ज्यादा लोगों के लिए ऑनलाइन थेरेपी और मनोचिकित्सा के सेशन आयोजित किए।

बेंगलुरु, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और मुंबई में अमाहा ने पहले तीन केंद्र स्थापित किए, जहां व्यक्ति आकर अपनी मानसिक परेशानी का इलाज करवा सकते हैं। अमाहा के डिजिटल ऐप ने दुनिया भर में 45 लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। अपनी मानसिक स्थिति में सुधार के लिए, अमाहा ने सेल्फ-केयर उपचार,शैक्षणिक लेखन मैटेरियल/सामग्री और आंकलन सेवाएं उपलब्ध की हैं। पेशेवर सेवाओं के साथ, मरीजों को 20,000 से अधिक सदस्यों के ऑनलाइन समर्थन समुदाय तक भी पहुंच प्राप्त होती है।
परिवारों और उनके सदस्यों को उनके संपूर्ण जीवनकाल के दौरान मानसिक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने के लिए, अमाहा ने 2022 में मशहूर बाल और किशोर मानसिक स्वास्थ्य संगठन- चिल्ड्रेन फर्स्ट (दिल्ली-एनसीआर) का अधिग्रहण किया चिल्ड्रेन फर्स्ट ने अपनी शुरुआत से लेकर अब एक दशक में 12 हजार से ज्यादा परिवारों को मदद प्रदान की है।

अमाहा का उद्देश्य है कि वो ऐसी संस्था का निर्माण करें, जहां मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को संपूर्ण जीवन काल के दौरान निरंतर मानसिक चिकित्सा की सुविधा प्राप्त हो सके। वह व्यक्तियों, परिवारों और अलग-अलग कार्यस्थल पर काम करने वाले लोगों को थेरेपी सेशन, मनोवैज्ञानिक देखभाल, सेल्फ केयर टूल्स और अन्य मानसिक स्वास्थ्य सुविधायें प्रदान करने का लक्ष्य रखता है। देश भर के दफ्तरों और कॉलेजों के लिए अमाहा के इमोशनल वेल-बीइंग प्रोग्राम में 700,000 से ज्यादा व्यक्तियों को शामिल किया गया है। चिल्ड्रेन फर्स्ट के साथ मिलकर यह संगठन स्कूल और कॉलेजों को क्लिनिकल सपोर्ट और ट्रेनिंग प्रदान करता है।
संगठन के संस्थापक और सीईओ डॉ. अमित मलिक ने बताया कि, "मेरा मानना है कि भारत जैसे विशाल देश में, जहां अभी तक बहुत से क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंची हैं, मरीजों की प्रभावी और जल्द रिकवरी के लिए उच्च गुणवत्ता की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सभी तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। इससे लोग वास्तव में बेहतर महसूस कर सकेंगे, जल्दी अच्छे हो सकेंगे और उनका रहन-सहन अव्वल दर्जे का हो सकेगा। अमाहा में हमारा लक्ष्य भारत में अपने सभी केंद्रों में विश्वसनीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है। दुनिया के मानसिक रोगियों का एक तिहाई हिस्सा भारत में है, इसलिए अमाहा मरीजों को उनकी मानसिक सेहत के लिए वर्ष में 365 दिन सुबह से आधी रात तक बेहतरीन गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं ऑनलाइन प्रदान करना चाहता है।"
अमाहा के विषय में
अमाहा, जिसे पहले इनरऑवर के नाम से जाना जाता है, एक मानसिक स्वास्थ्य संगठन है। इसकी स्थापना मशहूर मनोवैज्ञानिक और हेल्थकेयर के क्षेत्र में उद्यमी डॉ. अमित मलिक ने 2016 में की थी। 2019 में इस संगठन में सह-संस्थापक के रूप में नेहा कृपाल शामिल हुई। यहां 110 मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों की इनहाउस विशेषज्ञों की टीम है। यह संगठन तरह-तरह की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए इलाज और केयर प्लान भी मुहैया कराता है।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म के द्वारा ऑनलाइन या व्यक्तिगत रूप, दोनों से सेवाएं उपलब्ध कराता है। इसमें एक मोबाइल ऐप भी शामिल है, जिसने दुनिया भर में 45 लाख लोगों की जिंदगी को डिजिटल रूप से प्रभावित किया है। इसके साथ ही संगठन ने मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई केंद्र खोले हैं, जहां व्यक्ति जाकर अपनी मानसिक परेशानियों का इलाज करा सकते हैं। पिछले एक साल में कंपनी ने 300 से ज्यादा भारतीय शहरों में 15 से ज्यादा भाषाओं में 35,000 थेरेपी और मनोचिकित्सा के सेशन की शुरुआत की है।
अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें -
- पलक जायसवाल [email protected] l 9682811524
- पद्मा राव l [email protected] l 9833180409












Click it and Unblock the Notifications