पिछले 15 साल में बीजेपी ने MCD को ऐसा लूटा कि आज कर्मचारियों की सैलरी तक नहीं निकल रही- दुर्गेश पाठक
नई दिल्ली, जून 1। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने एमसीडी कर्मचारियों के वेतन में हो रही देरी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा ने पिछले 15 साल से एमसीडी को इस कदर लूटा है कि कर्मचारियों की तनख्वाह तक नहीं निकल पा रही है। दुर्गेश पाठक ने कहा है कि अब वक्त आ गया है कि बीजेपी को एमसीडी से बाहर का रास्ता दिखा देना का। उन्होंने कहा कि बीजेपी को एमसीडी में बने रहने का अब कोई अधिकार नहीं है, एमसीडी भंग करके नए चुनाव होने चाहिए।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा ने एमसीडी को नीलामी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी ने कोरोना की महामारी में तक अपने कर्मचारियों को परेशान करने का एक मौका नहीं छोड़ा है। जबसे भाजपा एमसीडी में आई है, अपने कर्मचारियों का जीना दूभर कर दिया है। भाजपा शासित एमसीडी पिछले 2 सालों से अपने कर्मचारियों को, चाहे वो टीचर हों, डॉक्टर हों, नर्स हों, सफाई कर्मचारी हों, किसी को तनख्वाह नहीं दे रही है। इसे लेकर कोर्ट पहले कई बार कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट का चार्ज लगाने की चेतावनी दे चुकी है। लेकिन एमसीडी हर बार एक नया बहाना बताकर कर्मचारियों को वेतन देने से भागती रही है।
दुर्गेश पाठक ने हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा, आज कोर्ट ने भाजपा के बहानों और अमानवीय स्वभाव से परेशान होकर एमसीडी की प्रॉपर्टीज नीलाम करने का फैसला किया है। कोर्ट ने कहा है कि वह एमसीडी की प्रॉपर्टीज को नीलाम करके कर्मचारियों को तनख्वाह देगी। एमसीडी में शासित भाजपा अपने पार्षदों का फंड बढ़ाकर 2-2 करोड़ कर सकती है लेकिन कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। यदि वह चाहती तो सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सकता था लेकिन एमसीडी के मन में भ्रष्टाचार का चोर है। दिल्ली की भाजपा ने 15 सालों से एमसीडी को इतना लूटा है की आज कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नही हैं। और अब कोर्ट को वेतन देने के लिए एमसीडी की ज़मीनें नीलाम करना पड़ रहा है।












Click it and Unblock the Notifications