Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

ई टी मोहम्मद बशीर

ई टी मोहम्मद बशीर
ई. टी.
By Moumi Majumdar | Tuesday, February 19, 2019, 12:09:52 PM [IST]

ई टी मोहम्मद बशीर जीवनी

ई. टी. मोहम्मद बशीर का जन्म 1 जुलाई 1946 को केरल के मलप्पुरम जिले में हुआ था। वह वर्तमान में भारत की संसद के सदस्य हैं। वह पोन्नानी निर्वाचन क्षेत्र, केरल से लोकसभा के लिए चुने गए थे। वह सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य हैं, और संसदीय सलाहकार समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (IUML) के राज्य पार्टी सचिव थे। उन्होंने एस.एस.एल.सी., चलीयम इमपिची हाई स्‍कूल से शिक्षा ग्रहण की।बशीर ने रुक्‍कि‍या बशीर से शादी की और दंपत्ति के तीन बेटे और एक बेटी है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF) के सक्रिय सदस्य के रूप में की। बाद में वे सक्रिय रूप से ट्रेड यूनियन क्षेत्र में लगे रहे और S.T.U के राज्य सचिव बने, उन्होंने स्वाथ्थ्रा थोजिल्ली यूनियन (S.T.U) से संबद्ध विभिन्न ट्रेड यूनियनों के अध्यक्ष के रूप में काम किया।

और पढ़ें

ई टी मोहम्मद बशीर निजी जीवन

पूरा नाम ई टी मोहम्मद बशीर
जन्म तिथि 01 Jul 1946 (उम्र 79)
जन्म स्थान वाजहक्कड़, मलप्पुरम, केरल
पार्टी का नाम Indian Union Muslim League
शिक्षा 10th Pass
व्यवसाय सामाजिक कार्यकर्ता
पिता का नाम श्री ई.टी. मूसाक्‍कूट्टी
माता का नाम श्रीमती फाति‍मा
जीवनसाथी का नाम श्रीमती रुक्‍कि‍या बशीर
संतान 3 पुत्र 1 पुत्री
धर्म इस्लाम
वेबसाइट mpofficeponnani.com

ई टी मोहम्मद बशीर शुद्ध संपत्ति

शुद्ध संपत्ति
₹81.03 LAKHS
सम्पत्ति
₹81.03 LAKHS
उत्तरदायित्व
N/A

ई टी मोहम्मद बशीर के बारे में रोचक जानकारी

ई. टी. मोहम्मद बशीर भी एक लेखक हैं। उन्होंने विधानमंडल दिवस समारोह के संबंध में विधायकों के लिए आयोजित प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ लघु कथाकार का पुरस्कार जीता।

ई टी मोहम्मद बशीर का राजनीतिक जीवन

  • 2018: 6 जनवरी 2018: सरकारी आश्वासनों पर समिति के सदस्य चुने गए।
  • 2016: 19 अक्‍टूबर 2016: विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पर्यावरण और वन पर स्थायी समिति के सदस्य चुने गए।
  • 2014: 1 सितम्‍बर 2014 - 18 अक्‍टूबर 2016: उद्योग पर स्थायी समिति और अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय संबंधी परामर्शदात्री समिति के सदस्य चुने गए।
  • 2014: 16 वीं लोकसभा के लिए पोन्‍नी लोकसभा सीट से पुन: निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल) हुए। उन्‍होंने स्‍वतंत्र उम्मीदवार अब्‍दुर रहमान को 25 हजार 401 वोटों से हराया।
  • 2013: भारतीय हज समिति, सदस्‍य, केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद के सदस्‍य बने। साथ ही इंडियन यूनियन मुस्‍लिम लीग की राष्‍ट्रीय समिति के सचिव बने।
  • 2012: गृह मामलों की स्थायी समिति के सदस्य चुने गए।
  • 2012: मानव संसाधन विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य चुने गए।
  • 2011: भारतीय संघ मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय सचिव चुने गए।
  • 2009: 15 वीं लोकसभा के लिए चुने गए। उसके बाद वे सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति और याचिकाओं पर समितिके सदस्य चुने गए।
  • 2006: सीएच केंद्र, तिरुवनंतपुरम के अध्‍यक्ष बने। साथ ही वे ग्लोबल इस्लामिक फाउंडेशन फॉर द ब्लाइंड पुलिक्कल, मलप्पुरम, केरल के चेयरमैन चुने गए।
  • 2006: भारतीय संघ मुस्लिम लीग की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य नियुक्त किए गए।
  • 2006: भारतीय मुस्लिम लीग, केरल राज्य समिति के सदस्‍य चुने गये।
  • 2004: 2004-2006: केरल सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
  • 2001: 2001-2004: विकलांग व्यक्ति अधिनियम; निगरानी समिति (केरल विधानमंडल का प्रतिनिधित्व) के सदस्य चुने गए।
  • 2001: 2001-2004: केरल विधानमंडल की प्राक्कलन समिति के सदस्य चुने गए। गवर्निंग काउन्‍सिल केरल एग्रीकल्‍चरल यूनिवर्सिटी (केरल विधान मंडल का प्रतिनिधित्‍व करते हुए) के सदस्य चुने गए।
  • 1996: 1996-2001: केरल विधानमंडल की लोक लेखा समिति के सदस्य चुने गए।
  • 1991-1996: केरल सरकार में शिक्षा मंत्री रहे।
  • 1985: 1985 और फिर 1991 से 2006: ई. टी. मोहम्मद बशीर चार बार केरल विधानसभा सदस्य चुने गये।
  • :

पूर्व इतिहास

  • 1984: उन्होंने ट्रेड यूनियनों के नेताओं के लिए भारतीय सामाजिक संस्थान बैंगलोर द्वारा आयोजित 3 महीने की कार्यशाला में भाग लिया, बर्लिन में आयोजित विश्व मलयाली सम्मेलन में भाग लिया।
  • 1982: वे केरल कृषि विश्वविद्यालय सीनेट, केरल राज्य अनाथालय नियंत्रण बोर्ड और उद्योग संबंध समिति के सदस्य बने, उन्होंने ओस्लो (नॉर्वे) में आयोजित एनजीओ अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में विषय 21 वीं सदी के विकास विकल्पों पर थीसिस प्रस्तुत किए।
  • 1964: ई. टी. मोहम्मद बशीर राज्य युवा महोत्सव में एलोक्यूशन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार धारक थे।

ई टी मोहम्मद बशीर की उपलब्धिया‍ँ

वे (i) केंद्रीय सलाहकार बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CABE)(2) भारत सरकार की शिक्षा प्रबंधन विकेन्‍द्रीकरण संबंधी समिति (3) राष्ट्रीय शैक्षिक नीति पर जनार्दन रेड्डी आयोग; और अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति के सदस्य चुने गए। बशीर ने बर्लिन, जर्मनी में हुए विश्‍व मल्‍याली सम्‍मेलन में केरल का प्रतिनिधित्‍व किया। उन्होंने माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर ग्रेडिंग सिस्टम भी शुरू किया, जिसने राष्ट्रीय प्रमुखता प्राप्त की। वह स्व-वित्तपोषण शैक्षिक संस्थान की अवधारणा को सामने लाए। उन्होंने कन्‍नूर विश्‍वविद्यालय श्री शंकर संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय कलाड़ी और कोच्‍ची में नेशनल यूनिवर्सटी ऑफ एडवान्‍सड लीगल स्‍टडी्ज की स्‍थापना की। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी समर्पित शिक्षा का व्‍यापक विस्‍तार किया और माध्‍यमिक स्‍तर पर पाठयक्रम के रूप में सूचना प्रौद्योगिकी को शामिल किया। नेता ने शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग बच्चों की शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए विशेष पैकेज लागू किया। उन्होंने शिक्षा के अन्‍तरराष्‍ट्रीयकरण के भाग के रूप में 2005 में कोचीन में वैश्‍विक शिक्षा सम्‍मेलन आयोजन किया। उन्होंने औद्योगिक फर्मों में एसटीयू से जुड़ी विभिन्न ट्रेड यूनियनों के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया जैसे: मावूर ग्‍वालियर रेयन्‍स, मालाबार सिमेन्‍ट्स, पालाकड़, इडारिकोड टैक्‍सटाइल्‍स, केरल इलैक्‍ट्रिकल्‍स एण्‍ड एलाइड, कुन्‍दरा, मालाबार स्‍पिनिंग मिल्‍स, कोजीकोड़, मार्डन स्‍पिनंग मिल्‍स, कोजीकोड़, स्‍टील काम्‍पलैक्‍स, कोजीकोड़ के एस डी सी कुट्टीपुरम। 1964 में हुए राज्‍य युवा समारोह में वक्‍तृत्‍व प्रतिस्‍पर्धा में प्रथम पुरस्‍कार प्राप्‍त किया। उन्होंने भारत स्‍काउस्‍ट्स और गाइड आन्‍दोलन को प्रदान की गई प्रशंसनीय सेवा हेतु भारत के राष्‍ट्रपति से सिल्‍वर एलीफैन्‍ट अवार्ड प्राप्‍त हुआ। उन्हें सर्वश्रेष्‍ठ मंत्री के लिए कर्म श्रेष्‍ठ पुरस्‍कार प्रदान किया गया। उन्होंने पिछड़े वर्गो और अल्‍पसंख्‍यकों की शिक्षा के उत्‍थान के लिए प्रदान की गई सेवाओं के लिए सर सैय्यद पुरस्‍कार प्रदान किया गया। उन्हें सर्वश्रेष्‍ठ सांसद के लिए सेट्टी साहिब पुरस्‍कार प्रदान किया गया। युवाओं के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी पहलो को प्रोत्‍साहन देने के लिए केरल शस्‍त्र वेदी द्वारा पुरस्‍कार प्रदान किया गया। उन्हें शैक्षणिक संस्‍थाओं में स्‍वापकरोधी और मादक पदार्थों के दुरूपयोग संबंधी कानूनों के प्रभावी कार्यान्‍वयन के लिए भारत के नशा विरोधी परिषद द्वारा एक विशेष पुरस्कार भी मिला।

Disclaimer:The information provided on this page is sourced from various publicly available platforms including https://en.wikipedia.org/, https://sansad.in/ls, https://sansad.in/rs, https://pib.gov.in/, https://affidavit.eci.gov.in/ and the official websites of state assemblies respectively. While we make every effort to maintain the accuracy, comprehensiveness and timeliness of the information provided, we cannot guarantee the absolute accuracy or reliability of the content. The data presented here has been compiled without consideration of the objectives or opinions of individuals who may access it.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+