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अरुण जेटली

अरुण जेटली
वकील से एक सफल राजनेता तक का सफर तय करने वाले अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री थे। भारत के पूर्व वित्त मंत्री और भारत सरकार में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री रहे अरुण जेटली का नाम हमेशा भारतीय जनता पार्टी के स्‍वर्णिम इतिहास में शामिल रहेगा। राजनीति में आने से पहले वह सुप्रीम कोर्ट में लॉ प्रैक्टिस कर रहे थे। उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था। जेटली ने 1975 में आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। उस समय वह युवा मोर्चा के संयोजक थे। उन्हें पहले अंबाला जेल में और फिर तिहाड़ जेल में रखा गया था। वाजपेयी सरकार के दौरान जेटली पहले कैबिनेट मंत्री भी थे। उन्होंने अतिरिक्त कार्यभार के रूप में मोदी सरकार में रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। यूपीए शासन के दौरान उन्होंने 2009 से 2014 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। एक लंबा राजनीतिक सफर पर काफी आगे तक पहुंचने वाले अरुण जेटली का साथ उनके स्‍वास्‍थ्‍य ने नहीं दिया और 24 अगस्त 2019 को 66 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।. .
By Shalini | Saturday, August 24, 2019, 01:35:20 PM [IST]

अरुण जेटली जीवनी

वकील से एक सफल राजनेता तक का सफर तय करने वाले अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री थे। भारत के पूर्व वित्त मंत्री और भारत सरकार में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री रहे अरुण जेटली का नाम हमेशा भारतीय जनता पार्टी के स्‍वर्णिम इतिहास में शामिल रहेगा। राजनीति में आने से पहले वह सुप्रीम कोर्ट में लॉ प्रैक्टिस कर रहे थे। उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था। जेटली ने 1975 में आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। उस समय वह युवा मोर्चा के संयोजक थे। उन्हें पहले अंबाला जेल में और फिर तिहाड़ जेल में रखा गया था। वाजपेयी सरकार के दौरान जेटली पहले कैबिनेट मंत्री भी थे। उन्होंने अतिरिक्त कार्यभार के रूप में मोदी सरकार में रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। यूपीए शासन के दौरान उन्होंने 2009 से 2014 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। एक लंबा राजनीतिक सफर पर काफी आगे तक पहुंचने वाले अरुण जेटली का साथ उनके स्‍वास्‍थ्‍य ने नहीं दिया और 24 अगस्त 2019 को 66 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

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अरुण जेटली निजी जीवन

पूरा नाम अरुण जेटली
जन्म तिथि 28 Dec 1952
मृत्यु तिथि 24 Aug 2019 (उम्र 66)
जन्म स्थान नई दिल्ली
पार्टी का नाम Bharatiya Janta Party
शिक्षा स्नातक
व्यवसाय भारत के सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील
पिता का नाम महाराज किशन जेटली
माता का नाम श्रीमती रतन प्रभा जेटली
जीवनसाथी का नाम संगीता डोगरा
जीवनसाथी का व्यवसाय N/A
संतान 1 पुत्र 1 पुत्री
वेबसाइट https://www.arunjaitley.com/

अरुण जेटली शुद्ध संपत्ति

शुद्ध संपत्ति
₹104.82 CRORE
सम्पत्ति
₹113.02 CRORE
उत्तरदायित्व
₹8.2 CRORE

अरुण जेटली के बारे में रोचक जानकारी

जब उन्हें विनिवेश राज्य (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री नियुक्त किया गया, तो मंत्रालय को नव निर्मित किया गया। उन्हें जम्मू-कश्मीर सरकार के नामांकित व्यक्तियों और जुलाई 2002 में राज्यों में शक्तियों के विभाजन के मुद्दे पर अन्य समूहों के साथ चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार के प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। उन्होंने लोकसभा चुनाव कभी नहीं जीता।

अरुण जेटली का राजनीतिक जीवन

  • 2019: करीब दो साल तक लंबी बीमारी के बाद 24 अगस्‍त 2019 को अरुण जेटली का 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
  • 2018 : जेटली चौथी बार राज्य सभा के सांसद चुने गये।
  • 2017 : 13 मार्च 2017 से 3 सितंबर 2017 के बीच वे रक्षा मंत्री रहे।
  • 2014 : 9 नवंबर 2014 से 5 जुलाई 2016 तक वे सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे।
  • 2014 : 2 जून 2014 को राज्य सभा में सदन के नेता चुने गये।
  • 2014 : 27 मई 2014 से 14 मई 2018 के बीच वे वित्तमंत्री के साथ-साथ कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री रहे।
  • 2014 : 27 मई से 9 नवंबर 2014 के बीच वे रक्षा मंत्री रहे।
  • 2012 : जून से नवंबर 2012 के बीच लोकपाल एवं लोकायुक्त बिल पर सेलेक्ट कमेटी के सदस्‍य रहे।
  • 2012 : अरुण जेटली तीसरी बार राज्य सभा से सांसद चुने गये।
  • 2009 : दिसंबर 2009 से मई 2014 के बीच हेरिटेज मेनटेनेंस एवं संसद भवन के विकास पर ज्‍वाइंट संसदीय समिति के सदस्‍य रहे।
  • 2009 : अगस्‍त 2009 से मई 2014 के बीच वे संसद भवन में राष्‍ट्रीय नेताओं, संसद सदस्‍यों और सांसदों के चित्र एवं मूर्तियां लगवाने की ज्‍वाइंट संसदीय समिति के सदस्‍य रहे।
  • 2009 : जनरल पर्पस कमेटी के सदस्‍य बने।
  • 2009 : 3 जून 2009 से 26 मई 2014 राज्य सभा नेता विपक्ष रहे।
  • 2009 : 3 जून 2009 से 2 अप्रैल 2012 के बीच वे वाणिज्य समिति के सदस्‍य रहे।
  • 2006 : अगस्‍त 2006 से दिसंबर 2009 के बीच ऑफिस ऑफ प्रॉफिट की ज्‍वाइंट कमेटी के सदस्‍य रहे।
  • 2006 : अगस्‍त 2006 से दिसंबर 2008 के बीच वे ज्वाइंट कमेटी टू इग्जामिन दि कॉन्‍स्‍टीट्यूशनल एंड लीगर पोजीशन टू ऑफिस आफ प्रॉफिट के सदस्‍य रहे।
  • 2006 : अरुण जेटली फिर से राज्यसभा के सदस्‍य चुने गये।
  • 2006 : जनवरी 2006 से जुलाई 2010 के बीच विश्‍व मामलों की भारतीय समिति के सदस्य रहे।
  • 2005 : मार्च 2005 से मार्च 2010 के बीच वे एक बार फिर दिल्ली विश्‍वविद्यालय के कोर्ट सदस्‍य रहे।
  • 2004 : अक्टूबर 2004 से मई 2009 के बीच वे गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रहे।
  • 2004 : अगस्‍त 2004 से मई 2009 के बीच वे वाणिज्य समिति के सदस्‍य रहे।
  • 2004 : अगस्‍त 2004 से जुलाई 2009 के बीच जेटली ने प्रिविलेज कमेटी के सदस्‍य के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
  • 2003 : 29 जनवरी 2003 से 21 मई 2004 तक वे विधिक एवं न्याय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री रहे।
  • 2003 : 29 जनवरी 2003 को वे गृह मामलों की कमेटी एवं बाहरी मामलों की कमेटी का सदस्‍य चुने गये।
  • 2002 : 29 जुलाई 2002 से 29 जनवरी 2003 तक वे दिल्ली विश्‍वविद्यालय के कोर्ट सदस्‍य रहे।
  • 2001 : 20 मार्च 2001 से 1 सितंबर 2001 तक वे शिपिंग मंत्रालय के मंत्री (अतिरिक्त प्रभार) रहे।
  • 2000 : 7 नवंबर 2000 से 1 जुलाई 2002 के बीच वे विधिक, न्यायिक एवं कंपनी मामलों के मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) रहे।
  • 2000 : अप्रैल 2000 में अरुण जेटली राज्यसभा के सांसद के रूप में चुने गये। 23 जुलाई 2000 से 6 नवंबर. 2000 तक उन्‍होंने विधिक, न्यायिक एवं कंपनी मामलों के मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) का पद संभाला।
  • 1999 : 10 दिसंबर 1999 से जुलाई 2000 तक वे विनिवेश विभाग में राज्यमंंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अतिरिक्त प्रभार रहे।
  • 1999 : 13 अक्तूबर 1999 से 30 सितंबर 2000 के बीच वे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे।
  • 1989 : भारत सरकार द्वारा उन्हें एडिशनल सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया। वे एक साल तक इस पद पर रहे।
  • 1977 : अरुण जेटली जनसंघ में शामिल हुए। आगे चलकर उन्हें विद्यार्थी परिषद का राष्‍ट्रीय सचिव मनोनीत किया गया।
  • 1975 : इमरजेंसी के दौरान एमआईएसए के अंतर्गत अरुण जेटली 19 महीने के लिये जेल में बंद रहे।
  • 1974 : वे दिल्ली विश्‍वविद्यालय छात्र संघ के अध्‍यक्ष चुने गये।
  • 1970 : अरुण जेटली ने भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में बतौर सदस्‍य कदम रखा। 1973 में भ्रष्‍टाचार के विरुद्ध जय प्रकाश आंदोलन में अरुण जेटली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूर्व इतिहास

  • 1990: जनवरी 1990 में दिल्ली हाई कोर्ट में उन्हें वरिष्‍ठ अधिवक्ता की उपाधि दी गई।
  • 1977: एलएलबी की डिग्री प्राप्‍त करने के बाद अरुण जेटली ने वकालत शुरु कर दी। उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट और देश के कई हाईकोर्ट में वे अधिवक्ता रहे।

अरुण जेटली की उपलब्धिया‍ँ

उन्हें 2010 में सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह जून 1998 में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भारत सरकार की ओर से एक प्रतिनिधि थे, जहां ड्रग्स और मनी लॉंडरिंग से संबंधित कानूनों पर घोषणा को मंजूरी दे दी गई थी।

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