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अजीत जोगी

अजीत जोगी
2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ के नए राज्य बनने के बाद, पहले मुख्यमंत्री का पद अजीत जोगी ने संभाला। यह राज्य विधायिका के लिए निर्वाचित होने के अलावा संसद के दोनों सदनों के सदस्य भी रह चुके है। 2016 में, अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को कांग्रेस विरोधी गतिविधियों के लिए कांग्रेस से हटाने के साथ ही छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में उप-चुनावों को खत्म कर दिया गया था। अमीत जोगी को तो 6 साल के लिए कांग्रेस से हटाया गया था। वर्ष 2018 के विधान सभा चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी बुरी तरह हार गयी और वे राजनितिक नेपथ्य में चले गये थे। वर्ष 2004 में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में जोगी बुरी तरह घायल होकर आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए और तब से वे व्हीलचेयर पर ही थे लेकिन एक नेता के रूप में उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी। 9 मई 2020 को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित रायपुर के श्री नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वे निरंतर कोमा में थे और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। 20 दिनों तक अनेक हृदयघात से जूझने के बाद 29 मई 2020 को 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।. .
By Keshav Karna | Sunday, January 31, 2021, 01:24:21 PM [IST]

अजीत जोगी जीवनी

2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ के नए राज्य बनने के बाद, पहले मुख्यमंत्री का पद अजीत जोगी ने संभाला। यह राज्य विधायिका के लिए निर्वाचित होने के अलावा संसद के दोनों सदनों के सदस्य भी रह चुके है। 2016 में, अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को कांग्रेस विरोधी गतिविधियों के लिए कांग्रेस से हटाने के साथ ही छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में उप-चुनावों को खत्म कर दिया गया था। अमीत जोगी को तो 6 साल के लिए कांग्रेस से हटाया गया था। वर्ष 2018 के विधान सभा चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी बुरी तरह हार गयी और वे राजनितिक नेपथ्य में चले गये थे। वर्ष 2004 में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में जोगी बुरी तरह घायल होकर आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए और तब से वे व्हीलचेयर पर ही थे लेकिन एक नेता के रूप में उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी। 9 मई 2020 को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित रायपुर के श्री नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वे निरंतर कोमा में थे और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। 20 दिनों तक अनेक हृदयघात से जूझने के बाद 29 मई 2020 को 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

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अजीत जोगी निजी जीवन

पूरा नाम अजीत जोगी
जन्म तिथि 29 Apr 1946
मृत्यु तिथि 29 May 2020 (उम्र 74)
जन्म स्थान बीलासपुर, छत्तीसगढ़
पार्टी का नाम Indian National Congress
शिक्षा स्नातक
व्यवसाय इंजीनियर, आईएएस आॅफिसर
पिता का नाम के पी जोगी
माता का नाम कांती मणी
जीवनसाथी का नाम रेणु जोगी
संतान 1 पुत्र

अजीत जोगी शुद्ध संपत्ति

शुद्ध संपत्ति
₹4.55 CRORE
सम्पत्ति
₹4.55 CRORE
उत्तरदायित्व
N/A

अजीत जोगी के बारे में रोचक जानकारी

एक राजनेता से अलग छवि बनाते हुए अजीत जोगी ने अपनी पहचान लेखक के तौर पर ‘दा रोल आॅफ डिस्ट्रीक कलेक्टर’ और ‘एडमिनिस्ट्रेशन आॅफर पेरीफेरल एरियाज’ जैसी किताबें भी लिख चुके है। इतना ही नहीं यह भोपाल के मौलाना आजाद कॉलेज में मैकनिकल इंजिनियरिंग में गोल्ड मेडेलिस्ट रह चुके है। साथ ही आईएएस के तौर पर इन्होंने 1981-85 तक इंदौर के जिला कलेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दी है।

अजीत जोगी का राजनीतिक जीवन

  • 2018 : अजीत जोगी ने घोषणा की वह राजनंदगांव और मारवाही सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसका मतलब है कि वह सीधे डॉ. रमन सिंह को चुनौती देंगे।
  • 2016 : जून 2016 में, अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस नामक एक नए राजनीतिक संगठन की स्थापना की।
  • 2009 : 2009 के लोकसभा चुनावों में चुने जाने के बाद जोगी ने लोकसभा सदस्य छत्तीसगढ़ के महासामुंड निर्वाचन क्षेत्र के रूप में काम किया। हालांकि, जोगी 2014 के लोकसभा चुनावों में अपनी सीट बरकरार रखने में असफल रहे और बीजेपी के चंदू लाल साहू से 133 मतों से हार गए।
  • 2008 : छत्तीसगढ़ की विधान सभा के सदस्य के रूप में जोगी चुने गए, यह मारवाही निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे।
  • 2004 : यह 14 वीं लोकसभा में महासामुंड, छत्तीसगढ़ के लिए सांसद के रूप में चुने गए।
  • 2000 : नवंबर, 2000 को नवीन्तम राज्य छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री के रूप में इन्होंने शपथ ली थी। इन्होंने 2003 में छत्तीसगढ़ में विकास यात्रा का भी नेतृत्व किया।
  • 1999 : इन्होंने छत्तीसगढ़ के अलग राज्य के लिए जागरूकता फैलाने के लिए दंतेवाड़ा के मां दांतेश्वरी मंदिर से अंबिकापुर के महामाया मंदिर तक जात्रा का नेतृत्व किया।
  • 1998 : जोगी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से 12 वीं लोक सभा के लिए चुने जा चुके है।
  • 1997 : इन्हें दिल्ली राज्य कांग्रेस कमेटी चुनावों के पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा परिवहन और पर्यटन समिति, ग्रामीण व शहरी विकास सदस्य समिति, परामर्श समिति, कोयला मंत्रालय, लोक लेखा समिति, अप्रत्यक्ष कर पर ऊर्जा, संयोजक, उप-समिति के सलाहकार समिति का सदस्य चुना गया। इतना ही नही जोगी राज्य सभा के उपाध्यक्ष के पैनल में सदस्य भी बन चुके है। इसी बीच उन्होंने 1997 से 1999 तक मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस संसदीय दल के साथ-साथ एआईसीसी के मुख्य प्रवक्ता के रूप में काम किया।
  • 1996 : कोर समूह और संसदीय चुनाव (लोकसभा) के बाद में जोगी संसद में कार्यकारी समिति के सदस्य बन गए।
  • 1995 : जोगी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति और पर्यावरण व वन पर बनी कमेटी के अध्यक्ष का भी भार सौंपा गया।
  • 1995 : सिक्किम विधानसभा चुनावों के दौरान जोगी ने कांग्रेस पार्टी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में काम किया।
  • 1989 : मणीपुर राज्य के लोकसभा चुनावों के दौरान जोगी को कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यवेक्षक का काम सौपा। जोगी ने मध्यप्रदेश के 1500 किमी के जनजातियों वाले इलाके में काम कर उनके बीच जनजागृति फैलाई और उन्हें कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जूटा लिया।
  • 1987 : जोगी को जनरल-सेक्रेटरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, मध्य प्रदेश के रूप में भी नियुक्त किया गया था। इतना ही नहीं इसके अलावा इन्हें लोक उपक्रमों की समिति, उद्योग समिति, रेलवे, अध्यक्ष, राज्य अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जनजाति (मध्य प्रदेश) समिति का हिस्सा बनाया गया।
  • 1986 : अजीत जोगी ने 1986 में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य बनकर राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत की। इसके बाद कांग्रेस ने इन्हें राज्यसभा में नामित किया।

पूर्व इतिहास

  • 1974: अजीत जोगी भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुने गए। 1974 से 1986 तक मध्य प्रदेश के सिधी, शाहडोल, रायपुर और इंदौर जिलों में 12 वर्षों से जोगी ने सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट का रिकॉर्ड स्थापित किया।
  • 1968: उन्होंने स्वर्ण पदक के साथ मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। कॉलेज के दिनों में जोगी अपने विभाग में छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने जा चुके है।
  • 1967: अजीत जोगी ने सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, रायपुर (छत्तीसगढ़) में एक व्याख्याता (1967-68) के रूप में भी काम किया।

अजीत जोगी की उपलब्धिया‍ँ

1984 में इन्हें गेन्ट्स इंटरनेशनल की ओर से ‘मोस्ट आउटस्टेंडिंग मैन’ पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

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