UP BJP: लक्ष्य 70 सीटों के पार, लेकिन नयी टीम नहीं है तैयार
भूपेंद्र सिंह चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त हुए छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक वह अपनी टीम घोषित नहीं कर पाये हैं।

UP BJP: केंद्र में सरकार बनाने वाले किसी भी दल के लिये यूपी सबसे महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यहां लोकसभा की 80 सीटें हैं। यहां सर्वाधिक सीटें पाने वाला दल सत्ता के करीब पहुंच जाता है, लेकिन बीते दो चुनाव से सर्वाधिक सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर उतनी गंभीर नहीं दिख रही है।
टीम की घोषणा ना होने से भाजपा कार्यकर्ता भी निराश हैं। कई कार्यकर्ता संगठन में समायोजित होने के लिए लखनऊ से दिल्ली तक नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। क्षेत्र में उनकी सक्रियता बेहद कम है। उम्मीद जताई जा रही थी कि निकाय चुनाव टल जाने के बाद भूपेंद्र सिंह चौधरी अपनी नई टीम घोषित कर देंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर संगठन में फेरबदल किया जायेगा। जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए मात्र चालीस फीसदी बदलाव की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी की रणनीति को देखते हुए नई टीम में पिछड़े एवं दलित नेताओं को प्रमुखता दिये जाने की संभावना है। जिला एवं मंडल स्तर भी बदलाव होंगे, जिनमें स्थानीय समीकरण का ध्यान रखा जायेगा।
मुख्य विपक्षी दल सपा भी आक्रामक रणनीति अपनाते हुए बिहार की तर्ज पर जातीय जनगणना की मांग तेज कर रही है, लिहाजा भाजपा अपने पिछड़े वोटरों को साधे रखने के लिये यूपी की टीम में ज्यादा से ज्यादा पिछड़े एवं दलित नेताओं को वरीयता देने जा रही है। मीडिया टीम में भी इस बार जातीय समीकरण का ख्याल रखा जायेगा, जिसे पिछली बार नजरंदाज कर दिया गया था।
पुरानी टीम के कई चेहरों का कद और पद बदले जाने के साथ कुछ लोगों को बाहर भी किया जायेगा। बीते दिनों लखनऊ एवं दिल्ली में संगठन एवं सरकार के शीर्ष नेतृत्व में संगठन में बदलाव को लेकर कई दौर की मीटिंग हो चुकी है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल के बीच ज्यादातर नये चेहरों को लेकर सहमति बन चुकी है।
खबर है कि एक दो चेहरों को लेकर लखनऊ और दिल्ली के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। एक व्यक्ति एक पद के भाजपा के सिद्धांत के आधार पर पुरानी टीम से तीन पदाधिकारियों की संगठन से विदाई तय है। प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, अरविंद कुमार शर्मा तथा प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर योगी मंत्रिमंडल में मंत्री हैं। इनका संगठन से बाहर होना तय है।
पार्टी संगठन में लंबे समय से वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद से विभिन्न पदों पर काबिज चेहरों को भी इस बार विदा किये जाने की तैयारी है। इनकी जगह नये चेहरों को मौका दिया जा सकता है। भाजपा के सात मोर्चों में भी बदलाव किया जायेगा। मोर्चा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहे कुछ नेताओं को मुख्य टीम में शामिल किये जाने की बात भी सामने आ रही है।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी विधान परिषद सदस्य चुने जा चुके हैं। उम्र के लिहाज से भी प्रांशु युवा मोर्चा के समीकरण में फिट नहीं हैं, इसलिए उनका बाहर होना तय है। प्रांशुदत्त को यूपी की टीम में कोई पद दिया जा सकता है। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप भी राज्य सरकार में राज्य मंत्री हैं, इनका हटना भी तय है।
मैनपुरी से ताल्लुक रखने वाली यूपी भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गीता शाक्य को पार्टी ने राज्य सभा भेज दिया है। गीता शाक्य के जरिये पिछड़े एवं महिलाओं को साधने का प्रयास पार्टी ने किया था, लेकिन मैनपुरी उपचुनाव में अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर इनका पत्ता कटना तय है। इनके कहीं और समायोजित होने की संभावना भी कम है।
महिला मोर्चा की जिम्मेदारी अब किसी दमदार एवं मजबूत पिछड़े चेहरे को दिये जाने की संभावना है। दूसरी तरफ, पार्टी अपने सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों को भी बदलने की तैयारी में है। पिछड़े एवं दलित चेहरों को प्राथमिकता दी जायेगी। अवध क्षेत्र शेष नारायण मिश्रा के निधन के बाद से ही खाली है। काशी, गोरखपुर, ब्रज एवं पश्चिम क्षेत्र के चेहरों को बदला जायेगा।
सांसदों का रिपोर्ट कार्ड पार्टी ने तैयार करा लिया है। इस रिपोर्ट कार्ड के हिसाब से कई सांसदों का टिकट काटा जाना है या फिर सीट बदले जाने की तैयारी है। सांसदों के टिकट कटने से संसदीय क्षेत्र में होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिये पार्टी जिला एवं महानगर अध्यक्षों को भी जातीय एवं क्षेत्रीय समीकरण के हिसाब से बदलने वाली है।
इसके अलावा वो जिला एवं महानगर अध्यक्ष भी निशाने पर हैं, जिन पर भ्रष्टाचार, परिवारवाद या पार्टी में विभाजनकारी माहौल बना देने का आरोप है। खबर है कि यूपी ने अपनी टीम तैयार कर ली है, लेकिन दिल्ली से हरी झंडी नहीं मिल रही है। दिल्ली को कुछ नामों पर ऐतराज है, इसलिये लखनऊ से भेजी गई सूची पर सहमति नहीं मिल पा रही है।
भूपेंद्र चौधरी अपने हिसाब से टीम तैयार करना चाहते हैं, लेकिन खतौली उपचुनाव में हार के बाद शीर्ष नेतृत्व सब कुछ उनके भरोसे छोड़ने से परहेज कर रहा है। जाट एवं गुर्जर बहुल खतौली विधानसभा में भाजपा की जीती हुई सीट हार जाने के बाद भूपेंद्र चौधरी की क्षमता को लेकर शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
शीर्ष नेतृत्व ने बिहार में जदयू के अलग होने के बाद संभावित नुकसान को देखते हुए यूपी को भरपाई वाले राज्य की सूची में रखा हुआ है। यहां भाजपा 70 से ज्यादा सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है, इसलिये टीम को लेकर भी मामला लंबा खिंच रहा है। अभी भाजपा के पास उपचुनावों में जीत के बाद 66 लोकसभा सीट है, जिसे वह 2014 की तरह 70 पार ले जाना चाह रही है।
यह भी पढ़ेंः Migration in India: बढ़ रहा है पलायन, पर न मिल रही माया, न मिल रहे राम
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’ -
Iran War Impact: क्या महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर? संसद में PM मोदी ने दिया बड़ा अपडेट -
Bangalore Gold Silver Rate Today : सोना-चांदी धड़ाम, बैंगलोर में कहां पहुंचा ताजा भाव? -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
LPG Crisis: 14.2 किलो के सिलेंडर में अब सिर्फ इतनी KG ही मिलेगी गैस! LPG किल्लत के बीच सरकार ले सकती है फैसला -
Petrol Shortage In Ahmedabad: अहमदाबाद में पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट -
Ravindra Kaushik कौन थे? Dhurandhar क्यों कहलाए? Pakistan में कैसे मेजर बना भारत का जासूस? जेल में गुमनाम मौत -
PM Modi Speech Highlights: संसद में गरजे PM मोदी, Hormuz Strait पर दिया बड़ा बयान, भारत का बताया प्लान












Click it and Unblock the Notifications