Suchana Seth: अबोध बेटे की हत्यारिन मां
Suchana Seth: दुनिया ने ऐसे किस्से तो बहुत सुने हैं कि किसी मां ने अपने बच्चे के लिए किसी और का कत्ल कर दिया लेकिन ऐसा किस्सा कम ही सुना होगा कि किसी मां ने किसी और के लिए अपने बेटे को ही कत्ल कर दिया।

गोवा में पढी लिखी बिजनेस वुमेन द्वारा अपने ही बच्चे का कत्ल कर देना एक ऐसा ही भयावह और डरावना किस्सा है, जो सच है।
बंगाली मूल की सूचना सेठ इंग्लिश मीडियम में पढाई करनेवाली महिला हैं। भारत ही नहीं उन्होंने हार्वर्ड जाकर सूचना तकनीकी की पढाई की है। उनको आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स की दुनिया के 100 सबसे ताकतवर महिला चेहरों में गिना जाता है। आर्टिफिशिएल इंटेलिजेन्स को लेकर ही उन्होंने एक कंपनी भी बना रखी है जिसका नाम है "माइंडफुल एआई लैब।" उनकी एआई एथिक्स एण्ड एडवाइजरी में विशेषज्ञता है। लेकिन एआई की नैतिकता पर ज्ञान देनेवाली सूचना सेठ ने अपने जीवन की नैतिकता का कोई पाठ शायद नहीं पढा और न समझा।
जैसी खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक 6 जनवरी को सूचना सेठ गोवा के सोल बेनयन ग्रैंड होटल में अपने चार साल के बेटे के साथ आई थी। इसके बाद उसने सोमवार यानी 8 जनवरी को होटल से चेक-आउट किया था। सूचना सेठ होटल में चेक इन के वक्त अपने बच्चे के साथ आती दिख रही थी लेकिन 8 जनवरी को सूचना को अपने बेटे के बिना बाहर निकलते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई और सूचना की तलाश तेज की।
होटल के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि जब सूचना ने बंगलूरू लौटने के लिए टैक्सी बुलाने के लिए कहा, तो उन्हें समझाया गया कि विमान से जाना ज्यादा सस्ता और सुविधाजनक रहेगा, लेकिन उन्होंने सड़क से यात्रा करने पर जोर दिया। इस पर होटल ने एक स्थानीय टैक्सी की व्यवस्था कर दी। होटल स्टाफ ने जब यह पुलिस को बताया तो पुलिस का शक और पुख्ता हो गया।
इसके बाद पुलिस ने टैक्सी ड्राइवर का पता लगाकर फोन किया और उसे महिला को फोन देने के लिए कहा जो उस समय गाड़ी में साथ थी। अपने बेटे के बारे में पूछे जाने पर उसने बताया कि उसने उसे एक दोस्त के घर पर छोड़ दिया है। जब पुलिस द्वारा उस दोस्त का पता बताने के लिए कहा गया तो उसने गलत जानकारी दी जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। इसके बाद पुलिस ने टैक्सी ड्राइवर से दोबारा बात की और कहा कि वह अपनी गाड़ी किसी नजदीक के पुलिस स्टेशन में लेकर चला जाए और सूचना सेठ को इसकी भनक न लगे।
सूचना सेठ को भनक लगे बिना ही ड्राइवर कार को चित्रदुर्ग जिले के ऐमंगला पुलिस स्टेशन की ओर ले गया। जब उसकी जांच की गई तो बैग में बच्चे का शव मिला। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। फिलहाल अदालत ने अपने ही अबोध बेेटे की हत्या के आरोप में सूचना को 6 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर दे दिया है। महिला द्वारा अपने बेटे की हत्या के पीछे की जो वजह बताई जा रही है वह यह कि महिला नहीं चाहती थी कि बच्चे का पिता हर हफ्ते बच्चे से मिलने के लिए आये।
असल में बंगाल की सूचना सेठ ने 2010 में केरल के वेंकट रमन से शादी कर ली थी। उस समय दोनों बंगलौर में रहते थे और दोनों ही तकनीकि जगत के प्रोफेनशल थे इसलिए एक दूसरे से मेल मुलाकात के बाद उन्होंने प्रेम विवाह करने का फैसला कर लिया। विवाह के करीब 9 साल बाद 2019 में दोनों के बेटे का जन्म हुआ। बच्चे के जन्म के बाद कुछ दिन तो दोनों के बीच सब कुछ ठीक था लेकिन फिर उनके बीच विवाद शुरू हो गए। इसके बाद दोनों तलाक के लिए अदालत पहुंच गये। अदालत ने हर रविवार को पिता वेंकट को बच्चे से मिलने देने की शर्त पर तलाक मंजूर कर लिया।
लेकिन सूचना सेठ को वेंकट रमन से इतनी नफरत हो चुकी थी कि वह नहीं चाहती थी कि उसका पति अपने बेटे से मिले, इसलिए उसने अपने बेटे को ही मार डालने की साजिश रच डाली। यह उसकी नफरत और अहंकार की इंतहा थी कि उसने तकिये से उसके मुंह को दबाकर अपने ही मासूम बच्चे की सांसों की डोर हमेशा के लिए काट दी। गोवा पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि सूचना सेठ ने बच्चे की हत्या के बाद आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। पुलिस को होटल के सर्विस अपार्टमेन्ट से जो खून के धब्बे मिले हैं, कथित तौर पर वो सूचना सेठ के ही हैं। उसने अपनी नस काटकर अपनी जान देने की कोशिश भी की, लेकिन वह बच गयी।
सवाल यह है कि कथित तौर पर एक पढी लिखी महिला ने इतना जघन्य और पापपूर्ण कदम भला कैसे उठा लिया? अगर इस घटना का विश्लेषण करें तो समझ में आता है कि बेमेल विवाह कलह का कारण बनते हैं और जिसके परिणामस्वरूप कभी कभी ऐसी दर्दनाक घटनाएं घटित हो जाती हैं जिन्हें शब्दों में बयान करना भी कठिन हो जाता है। आखिर क्या कारण हुआ होगा कि जिस वेंकटरमन से उसने प्रेम विवाह किया उसी से इतनी नफरत हो गयी कि अपने अबोध बच्चे को ही खत्म कर दिया?
विवाह का आधार सिर्फ दो लोगों का प्रेम नहीं हो सकता। स्त्री पुरुष के बीच प्रेम एक अस्थाई और परिवर्तनीय अवस्था है। इसलिए दो नौजवान सिर्फ प्रेम के बल पर समाज, धर्म, भाषा, क्षेत्र हर सीमा लांघकर विवाह कर लें तो घर में कलह या खटपट होना स्वाभाविक होता है। मुश्किल यह होती है कि ऐसे मामलों में बीच बचाव करनेवाला कोई नहीं होता, न ही किसी प्रकार का सामाजिक दबाव या प्रभाव होता है। ऐसे में प्रेम विवाह कई बार कलह विवाह बन जाते हैं जिसकी परिणिति गोवा जैसी जघन्य और अविश्वसनीय घटना के रूप में सामने आती है।
ऐसा भी नहीं है कि सूचना सेठ ने जो किया उसके पहले किसी ने नहीं किया। समाज में ऐसी घटनाएं दिखती हैं जब परिवार या पति से झगड़े के कारण महिलाएं बच्चे सहित अपने आप को ही खत्म कर लेती हैं। कुछ ऐसा ही काम सूचना सेठ ने भी करने का प्रयास किया लेकिन अन्य महिलाओं से सूचना सेठ का मामला इसलिए अलग है क्योंकि उसने आधुनिक पढाई कर रखी थी। वह एक प्रोफेशनल महिला थी फिर अनपढ महिलाओं की तरह का व्यवहार उसने क्यों किया?
यहां यह भी समझ में आता है कि स्कूली पढाई से हमारे मूल स्वभाव में कोई बहुत बदलाव नहीं आता है। एक पुरुष हो या स्त्री निजी जीवन की समस्याओं को लेकर वह कमोबेश एक जैसा ही सोचते हैं। बल्कि कैरियर की बजाय जीवन को महत्व देने वाले लोग मुश्किल के वक्त में अधिक व्यावहारिक रास्ते निकाल सकने में सक्षम होते हैं। कम से कम इस हत्याकांड को देखकर तो ऐसा ही लगता है जिसने पूरे देश को सकते में डाल दिया है।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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