New MLAs Rajasthan: मरुधरा में हिंदुत्व की धार, चार संत चुनावी नैया पार
New MLAs Rajasthan: राजनीति में साधु संतों का प्रवेश कोई नयी बात नहीं है। कुछ बुद्धिजीवियों और चिंतकों को भले ही धर्म और राजनीति का यह जुड़ाव नहीं सुहाता हो, मगर देश में मंडल के खिलाफ कमंडल की ताकत जब से दिखना शुरू हुई तो संतों, महंतों और धार्मिक नेताओं का भी सियासत में बड़ी संख्या में प्रवेश हुआ है। कोई पार्टी का प्रचार करके मुख्यमंत्री की गद्दी तक पहुंच गया, कोई कार्यकर्ता के रूप में आगे बढ़कर सत्ता के शिखर तक पहुंचा। हालांकि, राजस्थान की राजनीति में यह पहला चुनाव है, जब एक साथ चार संत चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं।
बाबा बालकनाथ, बालमुकुंदाचार्य, महंत प्रताप पुरी और भोपाजी ओटाराम देवासी, ये चारों राजस्थान के वे संत-महंत हैं जो बीजेपी के उम्मीदवार बनकर विधानसभा में पहुंचे हैं। कहा जा सकता है कि हिंदुत्व और सनातन के विचार को लेकर बीजेपी ने जो रणनीति तैयार की थी वह इस बार के विधानसभा चुनाव में बहुत कारगर साबित हुई। बीजेपी के हिंदुत्ववादी एजेंडे पर फिट बैठने वाले इन संतों महंतों के चुनाव प्रचार में जगह जगह 'राजतिलक की करो तैयारी, आ रहे हैं भगवाधारी' के नारे लगते सुने गए। जिससे माहौल कुछ अलग ही रहा तथा इन इलाकों में मतदान भी अन्य सीटों से ज्यादा हुआ।

राजस्थान विधानसभा चुनाव में 199 सीटों में से बीजेपी ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है, जिनमें से चार संतों ने भी चुनावी मैदान में शानदार जीत दर्ज की है। इन चार संतों में से एक अलवर के वर्तमान सांसद बाबा बालकनाथ अलवर जिले की मुस्लिम बहुल सीट तिजारा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। बालकनाथ बीजेपी के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं और नाथ संप्रदाय की राजस्थान व हरियाणा में प्रभावशाली गद्दी अस्थल बोहर मठ के महंत हैं। रोहतक में इस मठ के अस्पताल, स्कूल, कॉलेज व यूनिवर्सिटी भी हैं।
तिजारा में बाबा बालकनाथ के चुनाव प्रचार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो बार आए थे। बालकनाथ के तिजारा सीट से चुनाव लड़ने से यह पूरे प्रदेश में हॉट सीट बन गई थी। बालकनाथ ने वैसे तो अपनी तरफ से ऐसी कोई कोशिश नहीं की, फिर भी आम जनता में उन्हें 'राजस्थान का योगी' के नाम जाना जाता है। इस बार तिजारा में 86.11% मतदान हुआ और बालकनाथ ने कांग्रेस के उम्मीदवार इमरान खान को बहुत ही कड़े मुकाबले में 6,173 वोटों से हराया।
2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अलवर से कांग्रेस के भंवर जितेंद्र सिंह को हराया था। बालकनाथ मात्र 40 साल के हैं और राजनीतिक रूप से अभी कच्चे हैं। उनके कुछ भावुक समर्थक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर बालकनाथ को राजस्थान का भावी मुख्यमंत्री भी देखते हैं, जो कि आसान नहीं है। वे राजस्थान बीजेपी के उपाध्यक्ष भी हैं।
पश्चिमी राजस्थान के मारवाड़ इलाके के पाली जिले के मंडारा गांव स्थित चामुंडा माता के तीर्थ के भोपाजी के रूप में मशहूर ओटाराम देवासी ने पड़ोस की सिरोही विधानसभा पर तीसरी बार जीत दर्ज की है। इससे पहले वर्ष 2008 और 2013 में भी सिरोही से वे दो बार विधायक चुने गए थे और वसुंधरा राजे की सरकार में वे मंत्री भी रहे।
इस बार भी उन्होंने कांग्रेस के उन्हीं संयम लोढ़ा को 35,805 मतों से बुरी तरह हराया जिन्हें वे पहले भी दो बार हरा चुके हैं। वर्ष 2005 में वे राजस्थान पशुपालक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए थे। ओटाराम देवासी को सिरोही में 1,14,729 वोट मिले। वे देवासी समाज के धर्मगुरु हैं और मारवाड़ में उनके लाखों अनुयायी हैं। मारवाड़ इलाके के जोधपुर, जैसलमेर, नागौर, बाड़मेर, पाली, सिरोही व जालोर जिलों में रह रहे देवासी समाज में उनका जबरदस्त प्रभाव है।
हाथोज धाम के संत बालमुकुंदाचार्य ने जयपुर शहर के हवामहल क्षेत्र से कांग्रेस के आरआर तिवारी को बेहद कड़े मुकाबले में 974 वोटों से शिकस्त देकर विधानसभा में प्रवेश किया है। अखिल भारतीय संत समाज राजस्थान के अध्यक्ष संत बालमुकुंदाचार्य ने बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के दूसरे दिन से ही जयपुर की सड़कों पर मांसाहार के अवैध ठेलों के विरुद्ध अभियान छेड़ दिया, जिसे काफी सराहा जा रहा है, तो कुछ लोग उनकी आलोचना भी कर रहे हैं।
जयपुर में हवामहल सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है और बीजेपी ने एक खास रणनीति के तहत ही उनको चुनाव मैदान में उतारा था। हवामहल सीट से नामांकन के लिए जब बालमुकुंदाचार्य चुनाव अधिकारी के समक्ष परचा दाखिल करने गए थे तो हाथ में हनुमानजी की गदा लेकर पहुंचे थे। तब भी लोगों ने उनके बारे में कई टिप्पणियां की थी। मगर, बालमुकुंदाचार्य के इस सीट से चुनाव लड़ने के काराण लोगों में जोश इतना रहा कि इस बार 76.30 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव से चार फीसदी ज्यादा है।
मारवाड़ इलाके के ही महंत प्रताप पुरी जैसलमेर जिले की पोकरण सीट से विधायक चुने गए हैं। महंत प्रताप पुरी तारातरा मठ के प्रमुख हैं और बाड़मेर जिले के महाबार गांव के मूल निवासी हैं। उन्होंने हरियाणा में एक गुरुकुल से शास्त्रों की शिक्षा ली। महंत प्रताप पुरी ने 2018 में भी चुनाव लड़ा था, लेकिन वे कांग्रेस उम्मीदवार सालेह मोहम्मद से हार गए थे। सालेह मोहम्मद मुस्लिम धर्मगुरू गाजी फकीर के बेटे हैं, जो सिंधी मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रताप पुरी के समर्थकों ने उनकी तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करते हुए महंत प्रताप पुरी को बाड़मेर के योगी का नाम दिया है। सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने वाले प्रताप पुरी सामाजिक एकता को लेकर भाषण देते रहे हैं, लेकिन उनके भाषणों का पूरा सार हिंदुत्व और सनातन पर ही निहित रहता है।
संतों को सियासत में लाने की बीजेपी की इस रणनीति से साफ है कि वह अपने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे भी मजबूत करती रहेगी। यही वजह है कि अपने 200 प्रत्याशियों में एक भी मुस्लिम को बीजेपी ने प्रदेश में उम्मीदवार नहीं बनाया। बीजेपी के बारे में यह कहा जाए कि राजस्थान में पूरा चुनाव ही हिंदुत्व के मुद्दे पर लड़ा और उदयपुर के कन्हैयालाल की हत्या जैसे नृशंस 'सर तन से जुदा' मामले को मुद्दा भी बनाया, तो गलत नहीं होगा।
एक खास रणनीति के तहत बीजेपी ने हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए संतो, महंतों व साधुओं को उम्मीदवार तो बनाया ही, उनके उम्मीदवार होने को पूरे प्रदेश मे प्रचारित भी किया। इससे पार्टी को जबरदस्त लाभ हुआ है। अब बाबा बालकनाथ, बालमुकुंदाचार्य, महंत प्रताप पुरी और ओटाराम देवासी, ये चारों जीते हुए संत लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे, यह तय है।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
Tamil Nadu चुनाव से आउट क्यों हुए अन्नामलाई? टिकट नहीं मिला या कुछ और है वजह, तोड़ी चुप्पी -
Bengal Chunav: बंगाल चुनाव में ‘पैसों की पावर’! TMC से BJP तक टॉप 10 सबसे अमीर उम्मीदवार, किसके पास कितना धन? -
Bengal Election 2026: '2026 में गिरेगी दिल्ली की सरकार' मालदा में दीदी ने अमित शाह को दिया खुला चैलेंज -
Kerala Elections 2026: पीएम मोदी के तिरुवनंतपुरम रोड शो में उमड़ा जनसैलान, दावा किया- BJP-NDA की बनेगी सरकार -
Keralam Election 2026: 'केरलम में चलेगी बदलाव की आंधी' तिरुवल्ला में PM मोदी ने किया BJP की जीत का बड़ा दावा -
Professor Alok Khare कौन हैं? BJP नेता Madhvi लता को 'सेक्सी' बताया, खुद को कहा- 'मैं खतरों का खिलाड़ी' -
Bengal Election: दीदी की फिर होगी वापसी या BJP की बनेगी सरकार? ये 'हॉट सीटें' तय करेंगी किसके सिर सजेगा ताज -
'मुझे उस शादी में नहीं रहना', Aishwarya Rai संग 19 साल के रिश्ते पर पति अभिषेक बच्चन का बड़ा बयान -
'Raghav Chadha अगला शिकार', 1.5 साल पहले Kumar Vishwas की सटीक भविष्यवाणी! सुने VIDEO में क्या-क्या कहा? -
'मैं कुछ गलत नहीं करती', 54 साल की Hema का पब वीडियो वायरल, पुलिस की रेड में एक्ट्रेस को ये क्या हुआ? -
Raghav Chadha:'परिणीति ने खत्म किया पति का करियर',अभिनेत्री पर क्यों भड़के लोग? क्या है PM मटेरियल वाली बात? -
Ajay Devgn की जीप के सामने आया बच्चा, 15 Minute तक बीच सड़क पर 25 लोगों ने जमकर पीटा, क्या हुई बात?












Click it and Unblock the Notifications