देश की स्वास्थ्य सेवा के लिए गेमचेंजर हैं ओडिशा सरकार की बीएसकेवाई हेल्थ कार्ड योजना
देश की स्वास्थ्य सेवा के लिए गेमचेंजर हैं ओडिशा सरकार की बीएसकेवाई हेल्थ कार्ड योजना
भुवनेश्वर, 23 अगस्त: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीव पटनायक ने जब 2018 में पहली बार बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) की घोषणा की थी तो इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य बुद्धिजीवियों के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र के लोगों से भी तारीफ मिली था। यहां तक कि वो लोग जो इसे केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत कार्यक्रम के सामने एक योजना देने की तरह देख रहे थे, उन्होंने भी माना कि ये एक शानदार पहल है।

केंद्र की आयुष्मान भारत योजना ओडिशा में 60 लाख परिवारों को कवर करती है, जबकि बीएसकेवाई से राज्य में 96 लाख परिवारों को लाभ मिलेग यानी करीब 30 फीसदी ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे। राज्य में 3.5 करोड़ लोग इस कार्यक्रम का लाभ उठाएंगे, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक आंकड़ा है। नवीन पटनायक ने इस योजना के तहत काफी बड़ा कदम उठाया है।
भुवनेश्वर में अपने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन के दौरान राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए भी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, बीएसकेवाई योजना में देश में पहली बार लाभार्थियों को चिप बेस स्वास्थ्य कार्ड दिया गया है। कार्ड ना केवल कैशलेस, बल्कि पेपरलेस भी है। जो योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान करता है। पहले राशन कार्ड को आधार सीडिंग के साथ और अब बीएसकेवाई योजना के साथ राज्य में चीजों को डिजिटल की ओर भी मोड़ा जा रहा है। लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए कैसे काम किया जाए, ओडिशा सरकार ने ये करके दिखाया है, जिससे पूरी दुनिया सीख सकती है।
इस कार्ड से राज्य में तो लाभ मिलेगा ही। राज्य के अलावा पूरे भारत में 200 से अधिक प्रमुख हॉस्पिटल चेन से भी जुड़ा हुआ है, जो हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। साथ ही घरेलू महिलाओं के लिए साल में 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य लाभ देता है।
इस स्मार्ट हेल्थ कार्ड के बारे में बात करें तो मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि कार्ड एक निश्चित राशि के लिए डेबिट कार्ड के रूप में काम करेंगे और लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ये लाभ मिलेगा। सस्ती स्वास्थ्य देखभाल, जिसे राज्य सरकार चला रही है। जरूरतमंदों के लिए इससे बेहतर क्या हो सकता है, जो पैसे की वजह से या तो अस्पतालों तक जा ही नहीं पाते हैं या इलाज की वजह से कर्ज में दब जाते हैं।
किसी भी राजनीतिक दल के लोग हों या फिर प्रशासक हों, सभी ने पार्टी लाइन से अलग नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली सरकार की इस स्वास्थ्य सेवा की प्रशंसा की है। बीएसकेवाई के अलावा पटनायक सरकार की ओर से कोरोना के दौराम सरकार का काम, नए मेडिकल कॉलेज, हाल ही में एक प्रमुख कैंसर केयर और अनुसंधान केंद्र की घोषणा, राज्य के नेतृत्व में सस्ती दवा वितरण और एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सुधार को लेकर ऐलान किए गए हैं। ये कुछ ऐसे काम हैं, जिनको पूरे देश को अपनाने की जरूरत है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य में सेवा में सुधार हो सके। खासतौर से कोरोना महामारी से अगर सबक लें और राजनेता संवेदनशीलता से देखें तो ये साफ है कि लोगों के अच्छे स्वस्थ से आबादी से बड़ी कोई पूंजी नहीं है।
( विभूति राउतरे एक लेखक, राजनीतिक सलाहकार और स्टैंडपॉइंट इंडिया के सह-संस्थापक हैं। उनसे [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है)












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