Maharashtra Seats: महाविकास अघाड़ी के सीट बंटवारे से शिंदे, अजीत पर बना दबाव

पिछले लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में दो गठबंधन थे, एनडीए और यूपीए। एनडीए में भाजपा ने 25 और शिवसेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था| दूसरी तरफ यूपीए में कांग्रेस ने 26 और एनसीपी ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था|
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए छोड़कर यूपीए में शामिल हो गई थी, और इस नए गठबंधन को महाविकास आघाडी नाम दिया गया|

Maharashtra Seats

इसके बाद शिवसेना और एनसीपी के दो टुकड़े हो चुके हैं| शरद पवार तो कांग्रेस के ही साथ आघाडी में हैं, लेकिन उनके भतीजे अजीत पवार दो तिहाई सांसद लेकर एनडीए में चले गए हैं| उद्धव ठाकरे भी आघाडी में ही हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे शिवसेना के दो तिहाई से ज्यादा विधायक और सांसद अपने साथ लेकर एनडीए में चले गए|

महाराष्ट्र में भाजपा-एनसीपी-शिवसेना गठबंधन को महायुति कहा जाता है| महाविकास आघाडी में हुए सीट बंटवारे में उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने सबसे ज्यादा 21 सीटें हासिल कर ली है, कांग्रेस को 17 सीटें मिली है, जबकि एनसीपी को मात्र दस सीटें मिली हैं| इस लिहाज से देखा जाए तो उद्धव ठाकरे ने महाविकास आघाडी में 21 सीटें हासिल करके अपनी स्थिति को लगभग बरकरार रखा है| माँगी गई पांच सीटें नहीं मिलने पर प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी गठबंधन से बाहर हो गई है| उनके इंडी एलायंस से बाहर निकलने के बाद बाकी बचे तीनों दलों के लिए सीट शेयरिंग करना आसान हो गया|

महाविकास आघाडी या यह कहिए कि इंडी एलायंस में सीटों का बंटवारा तो हो गया है| कांग्रेस ने जिस तरह दिल्ली में त्याग किया है, उसी तरह महाराष्ट्र में भी सांगली और भिवंडी सीटों का त्याग कर दिया| कांग्रेस ने सांगली सीट उद्धव ठाकरे की शिवसेना और भिवंडी सीट एनसीपी के लिए छोड़ दी| शरद पवार और उद्धव ठाकरे दोनों ने ही इन सीटों पर सीट शेयरिंग से पहले अपने उम्मीदवारों का एलान करके कांग्रेस को दबाव में ला दिया था|

शरद पवार ने सीट शेयरिंग होने से पहले ही कांग्रेस के मजबूत दावे वाली भिवंडी सीट से सुरेश महात्रे को उम्मीदवार घोषित कर दिया था| कांग्रेस से टिकट मांग रहे दयानन्द चौरघे बागी उम्मीदवार खड़े होकर एनसीपी के लिए मुसीबत खडी कर सकते हैं| इसी तरह उद्धव ठाकरे ने सीट शेयरिंग होने से पहले ही सांगली से पहलवान चन्द्रहार पाटिल को उम्मीदवार घोषित कर दिया था| जबकि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री वसंत दादा पाटिल के पोते विशाल पाटिल को चुनाव लड़वाना चाहती थी| लेकिन बैकफुट पर आई कांग्रेस को दोनों दलों के सामने घुटने टेकने पड़े|

इतना ही नही, बल्कि यह भी कहा जा रहा है कि पवार और उद्धव ने अपनी बेहतर रणनीति के चलते कांग्रेस को हारने वाली सीटें थमा दी हैं| जैसे उत्तर मुम्बई, जहां से भाजपा ने पीयूष गोयल को टिकट दिया है, यह सीट भाजपा की मजबूत सीट है, लेकिन मुम्बई पर अपना पहला दावा करने वाली उद्धव शिव सेना के पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं था, तो यह सीट कांग्रेस को थमा दी गई|

Maharashtra Seats

उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने कांग्रेस से 31 सीटें हासिल करके एनडीए में गए एकनाथ शिंदे और अजीत पवार पर भी भाजपा से अपनी पार्टियों के लिए ज्यादा सीटें हासिल करने का मानसिक दबाव बना दिया है| भाजपा ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को दस से चौदह और अजीत पवार की एनसीपी को 4 सीटें देने की पेशकश की थी|

अमित शाह ने एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के साथ बातचीत में कहा था कि भाजपा 30-34 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है| लेकिन एकनाथ शिंदे ने अमित शाह से सोलह सीटों की मांग रखी है| महाविकास आघाडी में हुए सीट बंटवारे के बाद एकनाथ शिंदे और अजीत पवार पर अपनी अपनी पार्टियों के भीतर ज्यादा सीटें मांगने का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है|

महाराष्ट्र में भाजपा के पुराने सहयोगी रामदास अठावले ने आरपीआई के लिए दो सीटें माँगी है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि भाजपा उनकी मांग नहीं मानती है, तो भी वह एनडीए नहीं छोड़ेंगे| इससे स्पष्ट है कि भाजपा ने उन्हें राज्यसभा में बनाए रखने का आश्वासन दे दिया है| अलबत्ता भाजपा उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण को दो सीटें देने पर विचार कर रही है|

एनडीए ने भले ही सीट शेयरिंग का सार्वजनिक एलान नहीं किया है, लेकिन 36 सीटों पर तीनों दलों में सहमति बन चुकी है| अभी तक भाजपा 24, एकनाथ शिंदे 8 और अजीत पवार तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं| अजीत पवार ने परभणी सीट के लिए राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) के संस्थापक महादेव जानकर का समर्थन किया है| इसका मतलब साफ़ है कि इन 36 सीटों पर आपसी सहमति के बाद ही उम्मीदवारों का एलान हुआ है| बाकी 12 सीटों पर सहमति बनना बाकी है|

भाजपा ने अपनी सूची में महाराष्ट्र के किसी उम्मीदवार का एलान नहीं किया था, लेकिन दूसरी सूची में महाराष्ट्र के जिन 20 नामों की घोषणा की, उनमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को उनके गृह क्षेत्र नागपुर से, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को मुंबई उत्तर से, पंकजा मुंडे को उनकी बहन प्रीतम की जगह बीड से, सुधीर मुनगंटीवार, मिहिर कोटेचा और रावसाहेब दानवे जैसे दिग्गजों को भी उनकी सीटों पर बरकरार रखा है| पिछली बार एनसीपी के समर्थन से निर्दलीय जीती, लेकिन उद्धव ठाकरे के घर के सामने हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा कर चर्चा में आई नवनीत राणा को भाजपा ने उनकी पुरानी अमरावती सीट से टिकट देकर मैदान में उतारा है|

एकनाथ शिंदे ने मुंबई दक्षिण मध्य, कोल्हापुर, शिरडी (एससी), बुलढाणा, मावल, हटकनंगले से आठ मौजूदा सांसदों में से पांच को बरकरार रखा है| रामटेक (एससी) के लिए उसने मौजूदा सांसद कृपाल तुमाने को हटा दिया है और उनकी जगह कांग्रेस से शिवसेना विधायक बने राजू परवे को मैदान में उतारा है|

एकनाथ शिंदे भाजपा से मिले फीडबैक के आधार पर उम्मीदवार बदल भी रहे हैं| भाजपा के सुझाव पर उन्होंने हिंगोली के सांसद हेमंत पाटिल की जगह बाबूराव कदम कोहलीकर को और पांच बार की यवतमाल-वाशिम की सांसद भावना गवली की जगह हिंगोली के सांसद की पत्नी राजश्री पाटिल को टिकट दिया है| शिंदे शिवसेना मुंबई उत्तर-पश्चिम से कांग्रेस में शामिल हुए फिल्म अभिनेता गोविंदा को भी मैदान में उतार सकती है|

शिव सेना अपनी झोली में तीन और सीटें चाहती है- नासिक, सिंधुदुर्ग और छत्रपति संभाजीनगर (तत्कालीन औरंगाबाद), जिस पर अभी भी बातचीत चल रही है| इसी तरह आपसी सहमति के बाद अजित पवार की राकांपा ने शिरूर से शिवसेना से राकांपा सदस्य बने शिवाजीराव अधालाराव पाटिल और रायगढ़ से राजन तटकरे को मैदान में उतारा है| इसने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को शरद पवार के गढ़ बारामती से उनकी बेटी और मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ मैदान में उतार कर इसे परिवार की लड़ाई बना दिया है|

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+