तीसरे चरण के मतदान में कौन कहां भारी, किसकी कितनी तैयारी?
Teesra Charan Matdaan: मतदान के सभी चरण सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन मंगलवार को होने जा रहा तीसरा चरण भाजपा के लिए करो या मरो का सवाल बन गया है। तीसरे चरण में मोदी और शाह के गृह प्रदेश गुजरात की सभी 26 सीटों पर मतदान के साथ ही दूसरे सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश कर्नाटक की बाकी बची 14 सीटों भी मतदान भी होना है।
अन्य राज्यों में असम की 4, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 7, गोवा की 2, मध्य प्रदेश की 8, महाराष्ट्र की 11, उत्तर प्रदेश की 10, बंगाल की 4, दादरा नागर हवेली और दमन दीव की एक-एक सीट पर मतदान होना है। कश्मीर की अनंतनाग सीट पर होने वाले चुनाव को खराब मौसम के कारण 25 मई को शिफ्ट कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश की तीसरे चरण की नौ सीटों मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़ और बैतूल में से मुरैना और राजगढ़ में दिग्विजय सिंह चुनौती देते दिख रहे है। गुना से सिंधिया और विदिशा से शिवराज सिंह चौहान के साथ अन्य सीटों पर भाजपा की जीत तय है।
उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण की 10 सीटों संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली सीटों में से संभल, मैनपुरी, फिरोजाबाद, बंदायू सीटों पर समाजवादी पार्टी मजबूत दिख रही है, वहीं हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, एटा, आंवला और बरेली भाजपा को आराम से मिल सकती हैं। पश्चिम बंगाल की चार सीटों मालदा उत्तर, मालदा दक्षिण, जंगीपुर और मुर्शिदाबाद की बात करें तो कांग्रेस मालदा दक्षिण 2019 में जीती थी। इस बार भाजपा यह जीत सकती है। जंगीपुर और मुर्शिदाबाद में टीएमसी और भाजपा में कड़ी टक्कर है। मालदा उत्तर भाजपा जीत रही है।
कर्नाटक की 14 लोकसभा सीटों चिक्कोटी, बेलगांव, बगलकोट, बीजापुर, गुलबर्गा, रायचूर, बीदर, कोप्पल, बेल्लारी, हावेरी, धारवाड़, उत्तर कन्नड, दावणगेरे, शिमोगा में से शिमोगा सीट पर बागी ईशवरप्पा पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के बेटे को चुनौती दे रहे हैं। गुलबर्गा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दामाद के चुनाव लड़ने से उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है। इस चरण में कर्नाटक में सत्तासीन कांग्रेस तीन सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचाती दिख रही है।
बिहार के तीसरे चरण में पांच सीटों झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा और खगड़िया में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। मुख्य मुकाबला राजद और जदयू में है। खगड़िया सीट से चिराग पासवान की पार्टी के राजेश वर्मा राजद के संजय सिंह कुशवाह से हार सकते हैं। लालू प्रसाद यादव और शरद यादव की बैटलफील्ड रही मधेपुरा में 2008 के परिसीमन के बाद सहरसा के तीन विधानसभा क्षेत्र सोनवर्षा, सहरसा और महिषी के शामिल होने के बाद अब 'रोम पोप का और मधेपुरा गोप का' वाली कहावत टूटती दिखाई दे रही है।
जदयू के दिनेश चंद्र यादव के लिए जीत बरकरार रखना चुनौती है, वहीं पहली बार मैदान में उतरे प्रो कुमार चंद्रदीप यादव को लालू और तेजस्वी से आशा है। मधेपुरा सीट पर पप्पू यादव के समर्थक जदयू का समर्थन कर रहे हैं और पूर्णिया का बदला लालू से मधेपुरा में ले रहे हैं। अररिया सीट पर भाजपा के सांसद प्रदीप कुमार सिंह 2009 और 2019 में जीत चुके हैं। तीसरी बार जीतने के लिए उन्हें तस्लीमुद्दीन के छोटे बेटे और जोकीहाट से विधायक शाहनवाज आलम से चुनौती मिल रही है। सुपौल सीट पर पहली बार कांग्रेस के बदले राजद मैदान में है। राजद ने नया प्रयोग किया है। सामान्य सीट पर दलित चेहरा चंद्रहास चौपाल को मैदान में उतारा है। जदयू से दिलेश्वर कामैत हैं। इसी तरह झंझारपुर सीट सीट पर वीआईपी की चुनौती का सामना जदयू के सांसद रामप्रीत मंडल को करना पड़ रहा है।
असम में तीसरे चरण में चार सीटों धुबरी, कोकराझार, बारपेटा और गुवहाटी में चुनाव होना है। धुबरी सीट से बदरूद्दीन अजमल की जीत तय है। इस सीट पर 85 फीसदी मुसलमान हैं। एआइयूडीएफ के प्रमुख अजमल तीन बार से सांसद है। भाजपा भी 14 में से 13 जीतने का दावा कर रही है लेकिन धुबरी भाजपा ने छोड़ दी है। कोकराझार एसटी सीट से 2019 में निर्दलीय नबा कुमार सरानिया जीते थे। इस बार कांग्रेस जीत सकती है। बारपेटा सीट कांग्रेस 2019 में जीती थी। इस बार भी कांग्रेस जीत सकती है। गुवहाटी से कांग्रेस उम्मीदवार मीराबार ठाकुर पहले भाजपा में थी। भाजपा से बिजुली कालिया मैदान में हैं। मोदी और शाह यहां रोड शो कर चुके हैं। मुकाबला कड़ा है।
तीसरे चरण में महाराष्ट्र में 11 सीटों पर चुनाव होना है। यह सीटें है रायगढ़, बारामती, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर, माढ़ा, सांगली, सतारा, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और हातकणंगले। इन सीटों में से लातूर, सोलापुर में भाजपा बनाम कांग्रेस तो हातकणंगले में शिवसेना बनाम शिवसेना का मुकाबला है। वहीं बीजेपी और शरद पवार के बीच सातारा, माढ़ा में और भाजपा और उद्धव ठाकरे का मुकबला धाराशीव, सांगली, रत्नागिरी सिंधुदुर्ग में होगा। शरद पवार बनाम अजीत पवार का मुकाबला बारामती, कोल्हापुर और रायगढ़ में है।
लातूर में भाजपा से सुधाकर श्रृंगारे और कांग्रेस से शिवाजी कालगे मैदान में है। यहां भाजपा मजबूत है। सोलापुर सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रणिती शिंदे विधायक हैं और इस बार लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा से राम विट्ठल सातपुते मैदान में हैं। इस सीट पर मौजूदा दो विधायकों के बीच मुकाबला दिलचस्प होना तय है। हातकंगणगले सीट पर शिवसेना बनाम शिवसेना मुकाबला है। यहां राजू शेट्टी की स्वााभिमानी शेतकरी संगठन किसी का भी खेल खराब कर सकती है।
सतारा सीट पर पिछले 73 साल से भाजपा हार रही है। यह शरद पवार और कांग्रेस का मजबूत किला है। शिवाजी महाराज के 13वें वंशज उदयन राजे भोंसले एनसीपी से पाला बदलकर इस बार भाजपा से मैदान में है। धाराशीव से कांग्रेस के दिग्गज शिवराज पाटील की बहू अर्चना पाटिल अजीत पवार के टिकट पर जीत सकती हैं। सांगली लोकसभा सीट भाजपा के संजय पाटिल जीतते हुए दिख रहे हैं।
रत्नागिरी सिधुदूर्ग सीट से केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे के सामने उद्धव गुट से विनायक राउत मैदान में है। यहा राणे बनाम उद्धव का मुकाबला है। बारामती सीट तीसरे चरण की सबसे हाट सीट है। यहां शरद पवार बनाम अजीत पवार मुकाबला है। दोनों में पार्टी और परिवार का मत बंटना तय है लेकिन धनकर समाज का वोट जिसके पास जाएगा वही जीतेगा। कोल्हापूर सीट पर कांग्रेस ने कोल्हापुर राजघराने के शाहू छत्रपति महाराज को उम्मीदवार बनाकर मुकबला दिलचस्प कर दिया है। शाहू महाराज के सामने संजय मांडलिक हैं। रायगढ सीट पर अजीत पवार की एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे उद्धव ठाकरे के अनंत गीते से हार सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की बात करें तो तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ की सात लोकसभा सीटों रायपुर, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, जांजगीर चांपा और सरगुजा पर होना है। कोरबा सीट से कांग्रेस की ज्योत्सना महंत फिर जीत सकती हैं। सरगुजा सीट से भाजपा ने कांग्रेस से आए चिंतामणि मालवीय के सामने कांग्रेस के शशि सिंह कड़ी चुनौती दे रहे हैं। रायपुर सीट पर भाजपा की जीत तय है यहां वह सिर्फ मार्जिन के लिए लड़ रही है। भाजपा ने इस बार यहां से राज्य मंत्री और कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल को उतारा है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक की तरह छत्तीसगढ में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला है। रायगढ़, जांजगीर चापा सीट भाजपा के खाते में जाती दिख रही है तो बिलासपुर सीट पर कांग्रेस भाजपा में कड़ा मुकाबला है। दुर्ग सीट कांग्रेस के राजेन्द्र साहू का मुकाबला भाजपा के मौजूदा सांसद विजय बघेल से है। इसी तरह गोवा की दो सीटों में से साउथ गोवा कांग्रेस जीत सकती है।
तीसरे चरण के चुनाव को देखें तो इतना साफ दिख रहा है कि इस चरण में भी भाजपा को कांग्रेस या फिर क्षेत्रीय दलों से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसलिए मोदी शाह ने भले ही 370 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा हो लेकिन तीसरे चरण में अगर मतदान कम रहता है और विपक्षी पार्टियां ताकत दिखा पाने में कामयाब रहती हैं तो उसे अपने घोषित लक्ष्य से बहुत पीछे रहना पड़ेगा।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
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