IPL Mini Auction: कुछ करोड़ों में तो कई कौड़ियों में भी नहीं बिके
IPL ऑक्शन में जहां कई खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात हुई वहीं कई खिलाड़ियों को कोई खरीददार ही नहीं मिला। सैम करन सबसे मंहगे खिलाड़ी के रूप में बिके तो इंग्लैंड के ही रूट, साउथ अफ्रीका के रुसो में किसी ने रूचि नहीं दिखाई।

IPL Mini Auction: भारत में खेल की सबसे बड़ी लीग इंडियन प्रीमियर लीग के 16 वें सीजन के लिए 23 दिसंबर 2022 को केरल के कोच्चि में मिनी ऑक्शन हुआ। इस ऑक्शन में घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट के 405 खिलाड़ियों पर इंडियन प्रीमियर लीग की 10 फ्रेंचाइजी टीमों ने बोली लगाई। इन टीमों के पास कुल 87 खिलाड़ियों के लिए जगह खाली थी। बीसीसीआई और आईपीएल की संयुक्त कमेटी ने मिलकर इस ऑक्शन को आयोजित किया था। ऑक्शन के होस्ट ब्रिटेन के ह्यूज एडमीड्स थे। ह्यूज एडमीड्स ने पिछले मेगा ऑक्शन को भी होस्ट किया था। उनसे पहले रिचर्ड मैडली आईपीएल का ऑक्शन कराते थे।
इस बार मिनी ऑक्शन हुआ क्योंकि पिछले आइपीएल से पहले मेगा ऑक्शन हुआ था, जिसमें 2 नई टीमों लखनऊ सुपरजायंट्स और गुजरात टाइटन्स को भी शामिल किया गया था। इस कारण सभी टीमों को बराबर मौके देने के लिए 2 दिन का मेगा ऑक्शन आयोजित किया गया था। इस कारण इस बार एक दिन का मिनी ऑक्शन रखा गया। मेगा ऑक्शन से पहले टीमें 3-3 खिलाड़ी ही रिटेन कर सकी थीं। तब 10 टीमों को 220 प्लेयर्स की जरूरत थी। लेकिन, इस बार ऑक्शन से पहले टीमों ने कई खिलाड़ियों को रिटेन कर अपने साथ रख लिया है। ऐसे में 10 टीमों को 87 प्लेयर्स की ही जरूरत थी।
पिछले साल मेगा ऑक्शन में टीमों के पास 90 करोड़ रुपए का पर्स था। लेकिन, इस बार पर्स में 5 करोड़ रुपए बढ़ाए गए थे, जिसका अर्थ यह हुआ कि टीमें अपने 25 प्लेयर्स का स्क्वॉड बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा 95 करोड़ रुपए तक खर्च कर सकती थी। मेगा ऑक्शन के बाद टीमों के पास कुछ पैसा बचा था। 23 दिसंबर को कोच्चि में हुए ऑक्शन के पहले टीमों ने अपने कुछ प्लेयर्स को मुक्त कर दिया था। उन प्लेयर्स की कीमत और मेगा ऑक्शन का बचा हुआ अमाउंट ही मिनी ऑक्शन में टीमों के पर्स में था जिसमें अब 5 करोड़ रुपए और जुड़ गए थे।
आइपीएल में इस वक्त 10 टीमें हैं। सभी फ्रेंजाइजी अपनी टीमों में 18 से 25 प्लेयर्स रख सकती हैं। इनमें ज्यादा से ज्यादा 8 विदेशी प्लेयर्स हो सकते हैं। कोच्चि में हुए ऑक्शन से पहले सनराइजर्स हैदराबाद, कोलकाता नाइटराइडर्स और लखनऊ सुपरजायंट्स के पास सबसे कम खिलाड़ी थे। सनराइजर्स हैदराबाद में 13, कोलकाता नाइटराइडर्स में 11 और लखनऊ सुपरजायंट्स में 10 खिलाड़ियों की जगह खाली थी। इस बार आइपीएल के मिनी ऑक्शन के लिए 991 प्लेयर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 714 भारतीय और 277 विदेशी प्लेयर्स शामिल थे। 10 टीमों ने 991 में से 405 खिलाड़ियों को खरीदने में रूचि दिखायी थी इस कारण ऑक्शन में 405 खिलाडियों पर बोली लगी।
405 में से 273 भारतीय और 132 विदेशी खिलाड़ी थे। खास बात यह थी कि विदेशी खिलाड़ियों में 4 खिलाड़ी असोसिएट देशों के भी थे। इनमें 123 इंटरनेशनल खिलाड़ी तो 282 अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल थे।। अनकैप्ड यानी वो खिलाड़ी जिन्होंने अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया। इनमें अंडर-19 और घरेलू क्रिकेट के प्लेयर्स शामिल रहते हैं।
इस ऑक्शन में 2 करोड़ ऑक्शन का सबसे बड़ा बेस प्राइज रखा गया था। इसमें 19 खिलाड़ी थे। 1.5 करोड़ में 11 और एक करोड़ के बेस प्राइज में 20 खिलाड़ी के नाम शामिल थे। 75 लाख के बेस प्राइज में 9 खिलाड़ी थे। इनके अलावा 275 खिलाड़ियों का बेस प्राइज 20 लाख, 4 प्लेयर्स का 30 लाख, 6 प्लेयर्स का 40 लाख और 61 प्लेयर्स का 50 लाख रुपए था।
इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी के इतिहास में सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। कोच्चि में हुए मिनी ऑक्शन में 24 साल के करन को 18.50 करोड़ रुपए में पंजाब किंग्स ने खरीदा। इस बार आइपीएल नीलामी इतिहास में एक और रिकॉर्ड बना। विकेटकीपर के तौर पर अब तक सबसे महंगे बिकने का रिकार्ड वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन के नाम रहा। उन्हें 16 करोड़ में लखनऊ सुपर जॉयंट्स ने खरीदा। इससे पहले सबसे ज्यादा कीमत पाने वाले विकेटकीपर मुंबई के ईशान किशन (15.25 करोड़) थे। टीमों के पास 206.5 करोड़ रुपए का टोटल पर्स था और अधिकतम 87 प्लेयर्स खरीदे जा सकते थे।
हालांकि, सभी 10 टीमों ने मिलकर 167 करोड़ रुपए ही खर्च किए और 80 खिलाड़ी खरीदे। ऑलराउंडर्स सबसे ज्यादा डिमांड में रहे। उनपर 103.95 करोड़ रुपए खर्च किए गए। यह नीलामी में खर्च की गई राशि का 62.25% है। 405 खिलाड़ियों के नाम नीलामी में थे। लेकिन, 153 खिलाड़ियों पर ही बोली लगी। 73 अनसोल्ड रहे और 80 प्लेयर्स को खरीदार मिल गए। इनमें 29 विदेशी और 51 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं।
जहा इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी के इतिहास में सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ी बन गए वही अनकैप्ड खिलाड़ियों के ऑक्शन में जम्मू-कश्मीर के विव्रांत शर्मा पर लगी बोली ने सबको आश्चर्यचकित कर दिया। लेफ्ट स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी करने में सक्षम विव्रांत को सनराइजर्स ने 2.6 करोड़ रुपए में खरीदा।
अनकैप्ड तेज गेंदबाज शिवम मावी को भी टाइटंस ने 6 करोड़ रुपए में खरीदा। उनके अलावा बंगाल के पेसर मुकेश कुमार को 5.50 करोड़ में दिल्ली ने खरीदा। टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले लेफ्ट हैंड पेसर जोश लिटिल पर भी बड़ी बोली लगी। उन्हें गुजरात टाइटंस ने 4.40 करोड़ में खरीदा। वे पहली बार आइपीएल ऑक्शन में थे।
उम्मीद के मुताबिक मिनी ऑक्शन में तेज गेंदबाज ऑलराउंडर सबसे ज्यादा डिमांड में रहे। 6 घंटे में सभी ऑलराउंडर्स ने 103.95 करोड़ रुपए बटोर लिए। पिछले टी-20 वर्ल्ड कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट सैम करन को सबसे ज्यादा 18.50 करोड़ रुपए में पंजाब ने खरीदा। ऑस्ट्रेलिया के कैमरून ग्रीन को मुंबई इंडियंस ने 17.50 करोड़ रुपए में अपने नाम किया। इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स को 16.25 करोड़ रुपए मिले। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा। जेसन होल्डर को राजस्थान रॉयल्स ने 5.75 करोड़ रुपए में खरीदा।
इस ऑक्शन में जहा कई खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात हुई वहीं कई खिलाड़ियों को कोई खरीददार ही नहीं मिला। इंग्लैंड के रूट, साउथ अफ्रीका के रुसो और बांग्लादेश के शाकिब में किसी ने रूचि नहीं दिखाई। रूट की बेस प्राइस एक करोड़ रुपए और रुसो की बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए थी। रूट पहली बार ऑक्शन में थे। रुसो 2014 और 2015 के आइपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम का हिस्सा थे। बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन को किसी ने नहीं खरीदा। वे 2021 में हैदराबाद की टीम में थे।
बांग्लादेश के दाएं हाथ के बैटर लिटन दास भी नहीं बिके। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के एडम जम्पा, साउथ अफ्रीका के तब्रैज शम्सी, अफगानिस्तान के मुजीब-उर रहमान और वेस्टइंडीज के अकील हुसैन को कोई खरीदार नहीं मिला। इनके अलावा इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन और न्यूजीलैंड के एडम मिल्न भी नहीं बिके।
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2023 के इंडियन प्रीमियर लीग में 10 टीमों के बीच कुल 74 मैच खेले जाएंगे। इंडियन प्रीमियर लीग का 16वां एडिशन मार्च के तीसरे सप्ताह में शुरू होकर मई के आखिर तक आयोजित होगा। 2022 का इंडियन प्रीमियर लीग 26 मार्च से शुरू हो कर 29 मई तक चला था। तब हार्दिक पंड्या की कप्तानी में गुजरात टाइटंस टीम ने राजस्थान रॉयल्स को फाइनल में हराकर खिताब उठाया था।
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(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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