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Mahua Moitra: संसद में प्रश्न पूछकर प्रश्नों के घेरे में फंसी महुआ मोइत्रा

Mahua Moitra: भाजपा के लोकसभा सांसद निशिकांत दूबे ने 15 अक्टूबर, 2023 को तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) से सांसद महुआ मोइत्रा पर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया है। संसद में पहले भी इस तरह के आरोप लगे हैं और सांसदों का निष्कासन भी हुआ है। दूबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

उनके सभी आरोप सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई द्वारा दी गई सूचनाओं पर आधारित है। देहाद्राई की लिखित शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास भी दर्ज है। अधिवक्ता देहाद्राई के अनुसार "कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से कैश और तोहफे लेकर महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछे, इस बात के उनके पास अकाट्य सबूत हैं।" आरोप यह भी लगाया गया है कि मोइत्रा ने हीरानंदानी को अपने ऑनलाइन लोकसभा अकाउंट का लॉग इन एक्सेस दे दिया था, जिसका दुरुपयोग अपनी पसंद के संसदीय प्रश्न पोस्ट करने के लिए किया गया।

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अधिवक्ता देहाद्राई महुआ मोइत्रा पर जिस दर्शन हीरानंदानी के फेवर की शिकायत कर रहे हैं, वो भारत के निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी हीरानंदानी ग्रुप के 42 वर्षीय सीईओ हैं। दर्शन ने न्यूयॉर्क स्थित रोशेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एमबीए किया है। वे हीरानंदानी ग्रुप के संस्थापक निरंजन हीरानंदानी के बेटे हैं। उनकी कंपनी टाउनशिप, आईटी पार्क सहित निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जानी जाती है। इसके अलावा दर्शन हीरानंदानी योट्टा डेटा सर्विसेज, ऑयल एंड गैस सेक्टर की कंपनी एच-एनर्जी, टार्क सेमीकंडक्टरर्स और कंज्यूमर सर्विसेज तेज प्लेटफॉर्म्स के भी चेयरमैन हैं। फ़ोर्ब्स के सबसे अमीर 100 भारतीयों की सूची में हीरानंदानी परिवार भी शामिल है।

देहाद्राई द्वारा सीबीआई में और निशिकांत द्वारा लोकसभा अध्यक्ष के पास शिकायत के बाद महुआ शिकायत करने वाले देहाद्राई को अपना करीबी दोस्त बता रही हैं। उन्होंने दूबे के आरोपों को अपने पूर्व प्रेमी के झूठ पर आधारित बताया है। अब दो और दो जोड़ने वाले कई लोग मान रहे हैं कि पूर्व प्रेमी और करीबी दोस्त दोनों जय अनंत ही हैं लेकिन यह मोइत्रा ने स्पष्ट नहीं किया है। जय अनंत की लिंक्डइन प्रोफाइल देखने से पता चलता है कि उन्होंने पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज से स्नातक किया है। इसके बाद पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के लॉ स्कूल से मास्टर की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश शरद ए बोबडे के साथ काम किया। वो टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन समीर जैन के कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं।

सीबीआई को भेजी गई अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई की शिकायत में उन सवालों का उल्लेख है जो महुआ ने अब तक संसद में पूछे हैं। शिकायत के अनुसार महुआ ने 61 में से 50 सवाल गौतम अडानी के व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी दर्शन हीरानंदानी को फायदा पहुंचाने के लिए पूछे हैं। जय अनंत के अनुसार 08 जुलाई 2019 को पारादीप पोर्ट को लेकर पेट्रोलियम मंत्री से सवाल पूछे गये थे। शिकायत में बताया गया है कि इस पोर्ट पर अडानी समूह के सामने हीरानंदानी समूह सबसे बड़ा प्रतिद्वन्दी है। 18 नवंबर 2019 को महुआ द्वारा संसद में पूछा गया प्रश्न अडानी पर निशाना साधने के लिए ही पूछा गया था। जय अनंत की शिकायत में एक-एक कर कई सवालों का जिक्र है और उन सवालों से हीरानंदानी समूह को पहुंचने वाले लाभ का जिक्र इन दस्तावेजों में हैं।

महुआ के खिलाफ देहाद्राई ने जो शिकायत की है उसमें उन उपहारों का उल्लेख भी किया है जो कथित तौर पर दर्शन हीरानंदानी द्वारा उन्हें सवाल पूछने के बदले में दिया गया है। शिकायत में जिन उपहारों का जिक्र है, उनकी कीमतों का खुलासा एक वेबसाइट ने अपने अध्ययन में किया है। वेबसाइट के अनुसार एप्पल के आईफोन 14 प्रो की कीमत लगभग एक लाख चालीस हजार है। हेमीज के स्कार्फ का जिक्र है, जिसकी कीमत 510 डॉलर (42,449 रुपए) बताई गई है। हालांकि स्कार्फ की कुल संख्या का जिक्र देहाद्राई की शिकायत में नहीं है। लुई वुइटन के स्कार्फ का जिक्र भी शिकायत में है, जिसकी कीमत 50 हजार से लेकर 05 लाख रुपए तक है। सेलवेटो फेलगामो के 35 जोड़े जूते, जिनकी एक जोड़े की कीमत 70 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक है। फ्रांस और इटली से वाइन मँगाई गई थी, जिनकी एक बोतल की कीमत पांच हजार से लेकर पचास हजार तक है। वेबसाइट के अनुसार गुच्ची के 02 लाख तक के बैग उपहार में मोइत्रा को मिले। उन्हें उपहार में मगरमच्छ के चमड़े वाला भी एक बैग मिला है, जिसकी कीमत 12 लाख रुपए तक हो सकती है।

मामला मीडिया में उछला तो महुआ मोइत्रा ने पूरे मामले को लोकसभा अध्यक्ष तक ले जाने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दूबे, अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई समेत 15 मीडिया संस्थानों को लीगल नोटिस भेजा है। इसमें द टाइम्स ऑफ इंडिया, एनडीटीवी, इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टुडे, हिन्दुस्तान टाइम्स, फ्री प्रेस जर्नल, एएनआई, इकानॉमिक टाइम्स, डेक्कन हेराल्ड, द स्टेट्समैन, इंडिया टीवी, द वायर, लाइव मिन्ट, डीएनए इंडिया, द न्यू इंडिया शामिल है। इनके साथ साथ नोटिस की सूची में गूगल, यू ट्यूब और एक्स भी हैं।

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा पर बीजेपी के आक्रामक तेवर के बावजूद ममता बनर्जी की खामोशी पर सवालिया निशान लग रहे हैं। कुछ लोगों को इससे आने वाले समय में महुआ की गिरफ्तारी का अंदेशा हो रहा है और एक वर्ग ऐसा भी है जिसे लगता है कि समय आने पर ममता बोलेंगी। 20 अक्टूबर को महुआ की अवमानना याचिका पर पहली सुनवाई होनी है। इस बीच इंडिया गठबंधन में शामिल राजद के नेता तेजस्वी यादव महुआ मामले को लोकतंत्र से हमले से जोड़ कर देख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि तेजस्वी खुद जमीन के बदले नौकरी घोटाले में सीबीआई चार्जशीट में नामजद है।

संसद में सवाल पूछने पर महुआ मोइत्रा से किसी को आपत्ति नहीं है। संसद में प्रश्न पूछने के लिए ही जनता ने उनका चयन किया है लेकिन एक सांसद क्षेत्र की समस्या को भूल कर किसी उद्योगपति की प्रवक्ता बन जाए तो समस्या है। अभी मोइत्रा द्वारा संसद में पूछे गए सवालों की जांच होनी है। उसका निर्णय आने में देर लगेगी लेकिन उनके द्वारा पूछे गए सवालों की सूची में क्षेत्र की समस्या कहां है? यह तो जनता उनसे पू्छ ही सकती है।

लेकिन शुरुआत से ही उनके सवाल अगर किसी एक व्यावसायिक घराने को निशाना बनायें तो शक पैदा होता है कि जनता का कोई प्रतिनिधि किसी कॉरपोरेट हाउस के खिलाफ इतना मुखर क्यों है? कहीं वह संसद को कॉरपोरेट वॉर का हिस्सा तो नहीं बना रहा है? संसद में पहली बार महुआ अपने भाषणों की वजह से चर्चा में आई थी। अब उन्हीं महुआ मोइत्रा के भाषणों की स्क्रूटनी संसद की एथिक्स कमेटी करेगी। उन्होंने संसदीय भाषणों में जिस अडानी का मुद्दा सबसे अधिक बार उठाया, उसी मामले में उनके संसदीय आचरण पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

बहरहाल, अब मोइत्रा की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष और सीबीआई के पास है। मीडिया ट्रायल की जगह भारतीय समाज को जांच पर विश्वास करना चाहिए। मोइत्रा को भी मीडिया संस्थानों को लीगल नोटिस भेजने की जगह, जो आरोप लग रहे हैं उनका जवाब देना चाहिए। हाल में वे न्यूज क्लिक के मामले में प्रेस की आजादी का समर्थन कर चुकी हैं और उसके बाद खुद मीडिया संस्थानों को वे लीगल नोटिस भेजकर क्या संदेश देना चाह रही हैं?

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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