अयोध्या विवाद: श्री श्री रविशंकर को मध्यस्थ बनाए जाने पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। मध्यस्थता से होगा फैसला। मन में बहुत सवाल हैं। व्यक्त नहीं करने का विधान है। ऐसे में कोई मौका अगर मध्यस्थता पर सवाल उठाने का पैदा होता है तो उस मौके को कोई छोड़ना नहीं चाहेगा। यही हो रहा है। तीन मध्यस्थों के पैनल में शामिल एक श्री श्री रविशंकर की तटस्थता पर सवाल उठ रहे हैं।

श्री श्री रविशंकर की तटस्थता पर सवाल सिर्फ एक व्यक्ति पर सवाल नहीं है। यह उस पूरी प्रक्रिया पर सवाल है जिसके तहत उन्हें इस पैनल का हिस्सा बनाया गया है। जाहिर है सुप्रीम कोर्ट भी इस सवाल की परिधि से बाहर नहीं आता क्योंकि प्रक्रिया का निर्धारक आखिरकार वही है।
श्री श्री रविशंकर की उस पैनल में मौजूदगी जो अयोध्या विवाद को हल करने के लिए मध्यस्थता करने वाली है, कई सवालों में घिर चुकी है। पेश हैं ऐसे ही 7 सवाल :
1. एक पक्षपाती से कोई तटस्थता की उम्मीद कैसे कर सकता है? श्री श्री रविशंकर का पक्ष अयोध्या विवाद पर स्पष्ट है। वे स्वयं एक पक्ष हैं। 2017 में श्री श्री रविशंकर के मन की बात सामने आ चुकी है जब उन्होंने कहा था कि अगर मुसलमानों ने अयोध्या पर दावा नहीं छोड़ा तो भारत सीरिया बन जाएगा। मतलब साफ है कि उनकी राय में भारत को अगर सीरिया बनने से बचाना है तो मुसलमान अपना दावा वापस ले लें। अयोध्या मसले का भी हल हो गया। किसी मध्यस्थता की भी ज़रूरत ख़त्म हो जाएगी।
2. जो प्राकृतिक पर्यावरण को हानि पहुंचाने का दोषी साबित हो चुका है क्या उससे सामाजिक, धार्मिक या किसी अन्य विवाद में निष्पक्षता की उम्मीद की जा सकती है या की जानी चाहिए? ऑर्ट ऑफ लिविंग का भव्य आयोजन कर जो पर्यावरण को नुकसान श्री श्री रविशंकर ने पहुंचाया था उसके लिए उन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
3. जो व्यक्ति ट्रिब्यूनल के फैसले का आदर नहीं करता, उसकी मौजूदगी वाले पैनल के फैसले या उनकी सलाह का आदर कौन करेगा? श्री श्री रविशंकर ने एनजीटी के जुर्माने को अदा करने से भी खुलेआम मना कर दिया था।
4. संवैधानिक संस्था की तरफ से जो दोषी ठहराया जा चुका हो, क्या उससे तटस्थता की उम्मीद की जा सकती है? जुर्माने से बचने के लिए श्री श्री रविशंकर ने उल्टे एनजीटी को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। कहा कि आयोजन की अनुमति देने वाली एनजीटी ही पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार है। यह उल्लेख करना जरूरी है कि एनजीटी ने अनुमति जरूर दी थी लेकिन वह सशर्त थी।
5. जो व्यक्ति किसान की आत्महत्या की वजह गरीबी मानने को तैयार नहीं हो। बल्कि, यह विचार थोपने पर आमादा हो कि अध्यात्म की कमी के कारण ही किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे शख्स से क्या उम्मीद की जा सकती है कि वे किसी विवाद से जुड़े पक्षों से हठ छोड़ने का रास्ता निकाल लेंगे? वे ये भी कह सकते हैं कि अध्यात्म की कमी के कारण ही अयोध्या का विवाद है।
6. नोबेल शांति पुरस्कार ठुकराने वाले व्यक्ति को कभी ढिंढोरा पीटने की जरूरत होती है क्या? नोबेल शांति पुरस्कार को ठुकराने वाला व्यक्ति जरूर इसे स्वीकार करने वालों से कद में ऊंचा होगा। क्या ऐसे ऊंचे कद वाले व्यक्ति से तालिबानियों की गोली खाने वाली बच्ची मलाला युसूफजई को नोबेल पुरस्कार के अयोग्य बताने की उम्मीद की जा सकती है? श्री श्री रविशंकर ऐसे व्यक्ति के तौर पर उभरे हैं जो खुद नोबेल पुरस्कार लेना नहीं चाहते और जो लेते हैं उनको इसके योग्य मानना नहीं चाहते। ऐसा विरोधाभासी व्यक्तित्व क्या अयोध्या विवाद को हल करने वाले पैनल में तटस्थता का सम्मान रख सकता है?
7. एक तरफ श्री श्री रविशंकर मलाला युसूफजई को नोबेल पुरस्कार के लायक नहीं समझ रहे थे तो दूसरी तरफ उन्होंने आतंक का पर्याय इस्लामिक स्टेट यानी आईएस को सीरिया में शांति का पैगाम भेज दिया है। शांति अगर इतनी सस्ती मिल रही होती, तो दुनिया में अशांति होती क्या?
जो 7 सवाल हैं। इनमें से किसी एक सवाल का जवाब भी अगर नहीं मिलता है तो श्री श्री रविशंकर अयोध्या विवाद की मध्यस्थता के मानदंड पर खुद सवाल बन जाते हैं। अयोध्या जैसे विवाद का हल करने के लिए उच्च स्तर की नैतिकता होना जरूरी है। यह नैतिकता चाहे अदालत जैसी किसी संस्था के इतिहास से जुड़कर हो या फिर वैयक्तिक विश्वास से अर्जित हो। किसी भी पक्ष से आंशिक तौर पर भी झुकाव रखने वाला व्यक्ति इस भूमिका के लायक नहीं हो सकता।
(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं।)
-
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना हुआ और सस्ता! 10 ग्राम गोल्ड की कीमत में बड़ी गिरावट, आज क्या है नया रेट -
'मुझे रात 9 बजे अजीब सी तलब लगती है और फिर', फेमस एक्ट्रेस का शॉकिंग खुलासा, जेल से बाहर आकर बताई सच्चाई -
आज का सिंह राशिफल 15 मार्च 2026: कार्यक्षेत्र में मिलेगी नई पहचान, रिश्तों में रखें धैर्य -
North Korea missile launch: युद्ध के माहौल के बीच किम जोंग उन ने दागी मिसाइल, जपानी PM ने बुलाई इमरजेंसी बैठक -
Gold Rate Today: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट! ₹2990 सस्ता हुआ गोल्ड, 15 मार्च को क्या है 22K-18K का भाव -
Shani Asta 2026: शनि हुए अस्त, इन तीन राशियों की किस्मत बनेगी रॉकेट, जमकर होगा धनलाभ -
LPG Gas Rule: घर में कितने गैस सिलेंडर रखना कानूनी? ज्यादा रखे तो हो सकती है जेल, सरकार का पूरा नियम जान लें -
Explained: रूस अब क्यों नहीं दे रहा भारत को तेल पर छूट? पुतिन भी खेल गए, देखें 2022 से 2026 तक का ग्राफ -
Tanushree Dutta Caste: बॉलीवुड की पोल खोलने वालीं तनुश्री दत्ता की क्या है जाति? लड़कियों पर किया ऐसा कमेंट -
PNG New Rule: घर में पाइपलाइन गैस और LPG दोनों हैं तो सावधान! तुरंत करें ये काम, सरकार का नया आदेश लागू -
1-2 नहीं 6 हसीनाओं के साथ चला Pawan Singh का चक्कर, बेवफाई-धोखेबाजी का लगा ऐसा आरोप, कर ली तीसरी शादी? -
North Korea missile launch: अचानक क्यों भड़के किम जोंग उन? क्यों दागीं 10 मिसाइलें, किस देश से है लफड़ा?












Click it and Unblock the Notifications