Aurat March Pakistan: महिला दिवस और पाकिस्तान का "औरत मार्च"
इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान बनने के 75 साल बाद भी पाकिस्तान की महिलाएं अपने जिस्म, जान और सामान्य नागरिक अधिकारों के लिए जूझ रही हैं।

Aurat March Pakistan: औरत मार्च को लेकर पाकिस्तान में हर साल घमासान मचता है। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है और उसी दिन पाकिस्तान की महिलाएं सड़कों पर निकलकर अपने अधिकारों की बात जोरदार ढंग से उठाती हैं। इस बार भी पाकिस्तान की खातूनों ने मार्च निकाला और इस बार भी पाकिस्तानी समाज, पुलिस और नेताओं ने उनका जमकर विरोध किया।
पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति पर आज के ही डॉन अखबार में राफिया जकारिया लिखती हैं- "यह आश्चर्यजनक नहीं होगा कि पाकिस्तान में जन्म लेते समय लड़कियां कहेंगी 'साॅरी' और मरते वक्त कहेंगी 'थैंक यू''।" वह आगे लिखती हैं "एक लड़की होने के नाते आपका अस्तित्व अच्छा खाना पकाने, घर साफ करने और अच्छा करेंगे तो एक दो क्लास की शिक्षा हासिल करने तक है। एक पत्नी के नाते आपको बच्चा पैदा करना पड़ेगा, उनको पाल पोस कर बड़ा करना पड़ेगा और अगर बूढ़ी हैं तो आपको अपने इलाज और कुछ पैसों के लिए आदमी की खुशामद करनी पड़ेगी। यहां महिलाएं किसी भी फैसले में शामिल नहीं की जातीं।"
औरतों के प्रति पाकिस्तान का यह नजरिया हमेशा से ही ऐसा ही रहा है। सरकार में चाहे कोई तानाशाह हो या चुनाव के जरिए जीती कोई पार्टी, सबका एक जैसा सुलूक रहा है। औरतों की आवाज कोई नहीं सुनता। 2018 से पाकिस्तान में कुछ महिला संगठनों ने मिलकर 8 मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर अपनी आवाज उठाने की परिपाटी शुरू की। इस बार उनकी पांचवीं कोशिश थी। इस कोशिश के लिए पाकिस्तान की महिलाओं को काफी कीमत चुकानी पड़ी।
इस्लामाबाद में पुलिस की लाठियों से पिटीं, पंजाब की सरकार ने लाहौर में औरत मार्च रोकने के लिए धारा 144 लगा दी। मुल्तान पुलिस ने कई तरह की पाबंदियों के साथ सीमित मार्च की अनुमति दी और इन सबसे ऊपर पाकिस्तान के जमात ए इस्लामी को औरत मार्च के खिलाफ "हया मार्च" निकालने की अनुमति दे दी गई। जबकि सिंध हाई कोर्ट ने औरत मार्च पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी थी।
पाकिस्तान का रिकार्ड महिला अधिकारों के मामले में बहुत ही खराब रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार मर्दों के मुकाबले औरतों के अधिकार और सामाजिक स्थान के मामले में दुनिया के 146 देशों में से पाकिस्तान का नंबर 145 वां रहा है। केवल अफगानिस्तान से आगे। महिला स्वास्थ्य के मामले में भी पाकिस्तान का नंबर 143 वां है तो शिक्षा के मामले में135 वां। पाकिस्तानी टीवी चैनल समा टीवी ने अपनी एक सर्वे रिपोर्ट में यह दावा किया कि यहां हर दो घंटे पर एक बलात्कार होता है और बलात्कारियों पर मुकदमें तक दायर नहीं होते। बलात्कार के मामले में वहां सजा की औसत दर 0.2 प्रतिशत है।
2022 में पाकिस्तान की 44 अदालतों में 1301 बलात्कार के केस पहुंचे, लेकिन केवल इसके 4 फीसदी केस ही ट्रायल तक गए। पाकिस्तान में महिलाओं की ऑनर किलिंग आम बात है और इसकी रिपोर्ट पुलिस में नहीं लिखी जाती। संयुक्त राष्ट्र संघ तक ने इस पर चिंता जताई है। पाकिस्तान के मानवाधिकार संगठन के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में 1957 ऑनर किलिंग की घटनाएं सामने आईं। पाकिस्तानी अखबार 'दि एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार पाकिस्तान में हर 10 लाख महिलाओं में से 15 महिलाएं आनर किलिंग की शिकार होती हैं।
पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति के लिए अकेले वहां के मुल्ला, मौलवी या कठमुल्ले जिम्मेदार नहीं है, बल्कि वहां का राजनैतिक नेतृत्व भी बराबर का हिस्सेदार है। जून 2021 में प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान ने कहा था कि रेप से बचने के लिए महिलाओं को भड़काउ कपड़े पहनकर पुरूषों को उत्तेजित करने से बचना चाहिए। बाद मे जब बवाल हुआ तो उन्होंने अपनी सफाई दी। इमरान ही क्यों लगभग सभी दलों के नेता महिलाओं के लिए भद्दे कमेंट करते रहे हैं। पीएमएल एन के नेता तलाल चौधरी ने तहरीके इंसाफ की नेता फिरदौस आशिक अवान को कहा कि मुंह धोने के बाद फिरदौसी बाजी फिरदौस खान नजर आएंगी। इमरान की पार्टी के नेता फयाजुल हसन चौहान ने अभिनेत्री नरगिस मेघा को कहा कि उन्हें वह हाजी नरगिस बना देंगे।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता खुर्शीद अहमद शाह ने असेम्बली में स्पीकर से एक बार कहा था कि महिला सांसदों को बोलने से मत रोकिए, वे चुप रहेंगी तो बीमार पड़ जाएंगी। मौजूदा समय में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तहरीक ए इंसाफ की नेता और पूर्व मंत्री शिरीन मजारी को ट्रैक्टर ट्राॅली कह कर संबोधित किया तो इसी ख्वाजा आसिफ ने फिरदौस आशिक अवान को डम्पर कहा था। जब शिरीन मजारी ने पीएमएल (एन) के नेता आबिद शेर अली को उनसे दूर हट कर खड़े होने को कहा तो आबिद ने कहा कि आपमें छूने के लिए है क्या?
नवाज शरीफ की पार्टी के नेता मियां जावेद लतीफ ने सार्वजनिक रूप से तहरीक ए इंसाफ के नेता मुराद सईद की दो बहनों का संबंध इमरान से होने का आक्षेप लगाया तो जनरल मुशर्रफ ने पाकिस्तान के मौजूदा विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो पर महिलाओं जैसा बोलने का कटाक्ष किया था। इमरान खान के बेहद करीबी और पूर्व इंटीरियर मिनिस्टर शेख रसीद तो खुलेआम बिलावल भुट्टो को बिल्लो रानी कहकर बुलाते हैं। शेख रसीद पर तो कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध के किस्से बाहर आ चुके हैं। हाल ही में इमरान खान का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वो किसी महिला के साथ बेहद अश्लील बात करते सुनाई दिए।
औरत मार्च में पाकिस्तान की महिलाएं इसी तरह का दुख दर्द लेकर दुनिया के सामने आना चाहती थीं। लेकिन पुलिस और अदालतों ने भी उनकी जुबान पर ताला लगाने का पूरा प्रयास किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उनके हाथों की तख्तियों पर पूरी नजर रखी, ताकि कथित रूप से इस्लामी रिवायत का उल्लंघन ना हो। पिछले साल 'मेरा जिस्म मेरी मर्जी' की तख्ती पर काफी ऐतराज जताया गया था। लेकिन इस बार पाकिस्तान की महिलाएं अपने हुकूक के लिए आवाज उठाने वाले नारे ही लेकर आई थी। वो कह रही थी - 'महिलाओं के खिलाफ युद्ध बंद करो, कानूनी हक सबको दो, उचित मजदूरी दो, स्वास्थ्य एवं शिक्षा का अधिकार दो और मुल्क में पनाह लेने वाली महिलाओं को समुचित सुविधा दो।'
फिर भी अब तक तो उनकी आवाज पाकिस्तान के नक्कारखाने में गायब होती रही हैं। इसके लिए इस्लाम जिम्मेदार है या इस्लामिक शासन चलाने वाले हुक्मरान, इसे जानने का प्रयास भी किया जाना चाहिए।
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(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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