चुनावी हिंसा: ममता सरकार ने CBI जांच का किया विरोध, SC में हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
नई दिल्ली, 01 सितंबर: पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान और इलेक्शन रिजल्ट के बाद राज्य में चुनावी हिंसा देखने को मिली थी। कई जगहों पर लोगों के घरों में आगजनी से लेकर मारपीट और हत्या के मामले सामने आए थे। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है, जिसके बाद बुधवार को सीबीआई जांच के खिलाफ ममता बनर्जी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा की सीबीआई जांच का निर्देश दिया गया था। अपनी याचिका में ममता सरकार ने बताया कि सीबीआई केंद्र के इशारे पर काम करती हैं। ऐसे में सरकार को निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। हालांकि हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद टीएमसी नेताओं ने पहले ही इशारा कर दिया था कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
दरअसल, इस पूरे मामले में सीबीआई ने मंगलवार को 10 और एफआईआर दर्ज की थी। वहीं इससे पहले रविवार को सीबीआई ने 7 मामले दर्ज किए थे। ऐसे में अब तक सीबीआई ने चुनावी हिंसा के मामले में 31 एफआईआर दर्ज कर चुकी हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच कर रही सीबीआई ने उन मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली है, जो पहले से पश्चिम बंगाल के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं।
आपको बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने हाल ही विधानसभा चुनावों के बाद कथित तौर पर हिंसा, दुष्कर्म और हत्या के मामलों की जांच सीबीआई को दी थी। हाईकोर्ट ने यह फैसला हिंसा की निष्पक्ष जांच की मांग करने वाली कई जनहित याचिकाओं पर सुनाया था। मालूम हो कि इस साल 2 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों में टीएमसी ने एकतरफा बहुमत हासिल किया था। वहीं रिजल्ट के बाद राज्य से हिंसा भी खबरें आना शुरू हो गई थी। इस दौरान बीजेपी ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के कार्यकर्ता बीजेपी के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।












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