पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान को लिखा पत्र, 29 वाइस चांसलरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
पश्चिम बंगाल भाजपा चीफ ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर द्वारा लिए गए बड़े फैसलों को रद्द करने की मांग की।

लोकसभा सांसद और पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर उनसे अपील की है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों द्वारा जो भी बड़े नीतिगत फैसले लिए गए हैं उसे रद्द किए जाएं क्योंकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने 14 मार्च को उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया है। मजूमदार ने कहा कि चूंकि वाइस चांसलरों के पद की नियुक्ति गैरकानूनी तरीके से की गई थी और जानबूझकर उन्हें इस पद पर बने रहने दिया गया ताकि वह इस पद का गलत फायदा उठा सके। मेरी अपील है कि वाइस चांसलरों द्वारा लिए गए सभी बड़े फैसलों को रद्द किया जाए। साथ ही मजूमदार ने अपील की है कि इस मामले की जांच की जाए। जब वाइस चांसलर पद की नियुक्ति का अधिकार तत्कालीन शिक्षा मंत्रालय का है और वह जेल में हैं जिनपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो कैसे उनकी वाइस चांसलर की नियुक्ति को सही ठहराया जा सकता है।
मजूमदार ने उस पत्र का भी जिक्र किया है जिसे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को उन्होंने भेजा था। इस पत्र को पिछले महीने भेजा गया था। जिसमे कहा गया, मुझे पश्चिम बंगाल में गैरकानूनी तरीके से कई विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर की नियुक्ति की जानकारी दी गई है। यह नियुक्ति बिना यूजीसी के नियमों का पालन किए की गई, उस वक्त के राज्यपाल जगदीप धनकर को इसकी जानकारी नहीं दी गई। कोलकाता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य द्वारा चलाए जा रहे 29 विश्वविद्यालयों के चांसलरों की नियुक्ति को गैरकानूनी करार दिया है। लिहाजा इन वाइस चांसलर्स के बडे़ फैसलों को रद्द किया जाना चाहिए।












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