West Bengal election:क्या ममता बनर्जी के 'घायल बाघिन' वाले दावे से डर गई है भाजपा ?
कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की चोट के बारे में माना है कि 'घायल शेरनी अब ज्यादा खतरनाक' हो चुकी है। पार्टी के नेता यह भी मान रहे हैं कि चोट की वजह से टीएमसी सुप्रीमो को सहानुभूति वोट मिल सकते हैं। लेकिन, फिर भी पार्टी का दावा है कि वह राज्य में आसानी से 200 सीटों का आंकड़ा पार करेगी। क्योंकि बीजेपी के लोगों को लगता है कि वोटरों को चोट की विश्वसनीयता और नाटकीयता का पूरा इल्म है। इसकी वजह ये है कि पार्टी का दावा है कि राज्य की जनता टीएमसी के 'कुशासन और गुंडाराज' से ऊब चुकी है और हर हाल में वह बदलाव चाहती है। ये बातें प्रदेश में बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कही हैं।

डेरेक ओ ब्रायन बेवकूफी कर रहे हैं- विजयवर्गीय
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में पार्टी की बड़ी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में प्रचार अभियान के दौरान लगी चोट के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी खुलकर बात की है और सत्ताधारी दल की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी जवाब दिया है। जब उनसे पूछा गया कि बंगाल में उनकी पार्टी की ओर से टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाने पर उसने कहा है कि भाजपा के हाथ तो 2002 के खून से रंगे हैं तो विजयवर्गीय ने कहा - '2002 मामले में फैसला आ चुका है। न्याय किया जा चुका है, सभी को क्लीनचिट मिल चुकी है, तो फिर अब ये सब क्यों ?मैं समझता था कि टीएमसी के कुछ लोग बुद्धिमान हैं, लेकिन वो भी खो चुके हैं। मुझे लगता था कि डेरेक ओ ब्रायन के पास कुछ तथ्य रहता है, लेकिन अब मुझे लगता है कि वो बेवकूफी कर रहे हैं।'

'हम 200 से 220 सीट आसानी से जीत लेंगे।'
व्हीलचेयर पर प्रचार से ममता को फायदा मिलने के बारे में उन्होंने कहा है कि यही 'विश्वसनीयता और नाटकीयता में अंतर है। इससे उन्हें थोड़े सहानुभूति वोट मिल सकते हैं, लेकिन पार्टी को पहले पूरे घटनाक्रम के बारे में बताना चाहिए, मुख्यमंत्री पर 'हमला' कैसे हो सकता है? पहले मुख्य सचिव और कलेक्टर ने कुछ कहा और फिर पीछे हट गए। उन्हें सच्चाई नहीं छिपानी चाहिए। 'हमले' के पीछे का सच सब लोग जानना चाहते हैं। अब पार्टी और उसके काम का पर्दाफाश हो चुका है।' जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अभी भी लगता है कि बंगाल में बीजेपी आगे है और इस चुनाव में वह जीतने जा रही है ? इसपर उन्होंने कहा कि 'हम 200 से 220 सीट आसानी से जीत लेंगे।' वह ये दावा किस दम पर कर रहे हैं, इसके जवाब में वो बोले- 'क्योंकि लोग दीदी से और टीएमसी के गुंडों की दादागीरी, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, कट-मनी कल्चर, तुष्टीकरण और कुशासन से परेशान हो चुके हैं। '

'ये तो ऐसी शेरनी है जो मारने के बाद पानी भी नहीं मांगती है।'
जब उनसे सीधे पूछ लिया गया कि क्या वो ममता के 'जख्मी बाखिन ज्यादा खतरनाक' वाले दावे से सहमत हैं तो उन्होंने कहा- 'इसमें कोई शक नहीं है कि ये शेरनी अब ज्यादा खूंखार है। मैं हैरान हूं कि पिछले 6 साल में जब से मुझे पश्चिम बंगाल का दायित्व दिया गया है, जिस पार्टी के लोगों ने हमारे 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्याएं कर दी हैं, वो ये कह रही है। लोकसभा चुनाव के बाद से हमने अपने 130 कार्यकर्ता खो दिए हैं। ये तो ऐसी शेरनी है जो मारने के बाद पानी भी नहीं मांगती है।'

इसबार महीने भर से ज्यादा चुप रहेंगे टीएमसी नेता-भाजपा
झारग्राम में भीड़ नहीं जुटने के चलते अमित शाह की रैली के लिए नहीं जाने के टीएमसी नेताओं के आरोपों पर वो बोले- 'लोकसभा चुनाव के बाद टीएमसी बेहोशी की हालत में चली गई थी और डेरेक ओ ब्रायन का ट्विटर अकाउंट 15 दिनों तक निष्क्रिय रहा था....इस बार वो एक महीने से ज्यादा वक्त तक चुप रहेंगे। इसबार निश्चित ही राज्य से उनकी सत्ता चली जाएगी। 'बंगाल में 27 मई से आठ चरणों की वोटिंग शुरू हो रही है और 29 अप्रैल तक सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होंगे। 2 मई को वोटों की गिनती की जाएगी।












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