'अनियंत्रित भीड़ ने जानबूझकर किया हमला, काम करने से रोका गया', बंगाल में हमले पर बोला NIA
West Bengal: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) टीम पर हमले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस हमले पर एनआईए ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उसकी कार्रवाई प्रामाणिक, वैध और कानूनी रूप से अनिवार्य थी। एनआईए ने कहा कि कच्चे बम के निर्माण से संबंधित जघन्य अपराध की चल रही जांच के हिस्से के रूप में एक विस्फोट हुआ जिसमें नरूबिला गांव, पीएस भूपतिनगर, जिला पुरबा मेदिनीपुर में तीन लोगों की मौत हो गई।
बता दें कि एनआईए की टीम पर अनियंत्रित भीड़ ने हमला कर दिया। जिसमें एनआईए के एक अधिकारी घायल भी हो गए। उन्होंने कहा कि वे मामले की जांच के सिलसिले में नरूआबिला गांव में तलाशी लेने गए थे। एजेंसी ने कहा कि हमला पूरी तरह से अकारण और अनावश्यक था।

कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद गिरफ्तारियां की गईं
एनआईए को अपने कर्तव्यों को पूरा करने से रोकने का प्रयास था। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में और सीआरपीएफ द्वारा प्रदान किए गए सुरक्षा घेरे में पांच स्थानों पर तलाशी ली गई। जिसमें महिला कांस्टेबल भी शामिल थीं। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद गिरफ्तारियां की गईं।
बता दें कि एनआईए ने पश्चिम बंगाल के भूपतिनगर में निवासियों पर हमला करने के आरोपों का सिरे से खारिज किया है। एनआईए ने एक बयान में कहा कि उसकी टीम पर अनियंत्रित भीड़ ने हिंसक हमला किया जब वे नरूआबिला गांव में तलाशी लेने गए थे।
एनआईए ने कहा कि हमला पूरी तरह से अकारण और अनावश्यक था और एनआईए को उसके कानूनी कर्तव्यों को पूरा करने से रोकने का एक प्रयास था। इसमें कहा गया है कि स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा प्रदान किए गए सुरक्षा कवर के तहत पांच स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें महिला कांस्टेबल भी शामिल थीं।
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