TMC ने सुवेंदु अधिकारी पर लगाया अपराधियों को शरण देने का आरोप, EC से मांगी CAPF की अतिरिक्त तैनाती
कोलोकाता। पश्चिम बंगाल में कल यानी शनिवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान किया जाएगा। वोटिंग से ठीक एक दिन पहले सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र लिख सुरक्षा का हवाला देते हुए भागबनपुर, खेजुरी, एगरा, रामनगर में अतिरिक्त सीएपीएफ (केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती की मांग की। इसके साथ ही टीएमसी ने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपराधियों को शरण दिया है।

उधर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी आज मतदान के दौरान पोलिंग बूध पर सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक और पुलिस पर्यवेक्षक से मुलाकात की। उन्होंने कहा, मैं उनसे मिला क्योंकि हम स्थानीय पुलिस के आचरण को लेकर चिंतित हैं। हमारी बार-बार की दलीलों के बावजूद यहां गुंडागर्दी बढ़ी है। आज हमारे नेता सुवेंदु अधिकारी केंडा मारी जाने वाले थे।' धर्मेंद्र प्रधान ने दावा करते हुए कहा, 'हिस्ट्रीशीटर शेख सूफियान, अबू ताहिर, शेख शहाबुद्दीन और बाबुल अख्तर के इशारे पर यहां गुंडागर्दी बढ़ी है। मैंने उनसे पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है और ऐसे गुंडों पर नजर रखी जाए और उन्हें हिरासत में लिया जाए।'
धर्मेंद्र प्रधान ने ममता बनर्जी के उस बयान पर भी पलटवार किया है जिसमें उन्होंने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गुंडा बताया था। बीजेपी नेता ने कहा, यह देश की प्रजातंत्र का अपमान है। लोकसभा चुनाव में हमने 18 सीटें जीती है। क्या उन्होंने गुंडे को PM बनाया। क्या भाषा बोलते हैं? यह भारत के संस्कार नहीं है। गौरतलब है कि चुनाव के चलते बंगाल में सियासी पारा अपने चरम पर है। टीएमसी के अलावा सुवेंदु अधिकारी ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हल्दिया के एडीएल एसपी पार्थ घोष, हल्दिया के एसडीपीओ बरुणबैद्य और नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है।
यह भी पढ़ें: West Bengal Election 2021:बंगाल चुनाव में अब तक प्रचार करने क्यों नहीं पहुंचा गांधी परिवार, जानें खास वजह












Click it and Unblock the Notifications