'राहुल गांधी नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकते', TMC ने अभी से क्यों शुरू कर दिया खेला ?
कोलकाता, 17 सितंबर: टीएमसी नेताओं ने अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी को चेहरा मानने से इनकार कर दिया है। पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने साफ शब्दों में कह दिया है कि राहुल पीएम मोदी को नहीं हरा सकते। वे यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि वे बहुत गौर से राहुल गांधी को लंबे समय से परखने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन वे अभी तक खुद को विकसित नहीं कर पाए हैं। तृणमूल सांसद ने साफ तौर पर 2024 के लिए विपक्ष के चेहरे के तौर पर अपनी नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दावेदारी पेश कर दी है। गौरतलब है कि खुद बनर्जी यही दावा करती रही हैं कि वह तो सिर्फ विपक्ष की एकता चाहती हैं, उनके लिए पद का महत्त्व नहीं है।

'राहुल गांधी नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकते'
गुरुवार को उत्तर कोलकाता में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक बैठक में पार्टी के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विपक्ष का चेहरा हैं, राहुल गांधी नहीं। उन्होंने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सीधा सवाल उठाते हुए कह दिया कि 'राहुल गांधी नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकते, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी का देश में मूल्य शून्य है।' ऐसे समय में जब विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ एकजुटता की कोशिशों में लगा हुआ है, ममता के सांसद का बयान काफी मायने रखता है और वह बिना पार्टी सुप्रिमो के इशारे पर इतना बड़ा बयान देंगे, इसकी संभावना दूर-दूर तक नहीं लगती है। बंदोपाध्याय अकेले नहीं हैं, पार्टी के कई नेता अगले लोकसभा चुनाव के लिए इसी अंदाज में बोल रहे हैं। हालांकि, ऑन द रिकॉर्ड बनर्जी यही कहती रही हैं कि उनके लिए पद से ज्यादा विपक्ष की एकता मायने रखती है।

राहुल, मोदी के विकल्प के रूप में खुद को विकसित नहीं कर पाए- टीएमसी सांसद
हालांकि, बंधोपाध्याय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन पर हामी जरूर भरी है। उन्होंने कहा है- 'हम कांग्रेस के बिना गठबंधन के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। मैंने राहुल गांधी का लंबे समय से अवलोकन किया है और वह खुद को मोदी के विकल्प के तौर पर विकसित नहीं कर पाए हैं। पूरा देश ममता को चाहता है, सो हम ममता का चेहरा आगे रखेंगे और प्रचार करेंगे।' वैसे तो टीएमसी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रति हमेशा सम्मान दिखाया है, लेकिन जब बात राहुल गांधी की आती है तो पार्टी के नेता उनको लेकर हमेशा आपत्ति जाहिर कर देते हैं। पार्टी चाहती है कि टीएमसी सुप्रीमो ही विपक्ष का चेहरा बनें, इसलिए उनके लिए अभी से बैटिंग कर रही है।

2024 का अनुमान अभी से लगाना जल्दबाजी-कांग्रेस सांसद
दरअसल, इस साल बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ मिली बड़ी जीत के बाद से ही ममता और पार्टी के तेवर और बदल चुके हैं। टीएमसी ने तभी से कांग्रेस को एक साझा-योद्धा कहना शुरू कर दिया है, न कि वह उसे बॉस मानने के लिए तैयार है। बंधोपाध्याय ने जो राग अलापा है, वह उसी खेला के मुताबिक लग रहा है। उधर कांग्रेस सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने न्यूज 18 से कहा है कि '2024 में क्या होगा यह अभी से अनुमान लगाना बहुत ही जल्दबाजी है।' वैसे आमतौर पर कांग्रेस और टीएमसी में ताल्लुकात अभी सौहार्दपूर्ण हैं और दिल्ली दौरे पर आईं ममता बनर्जी कांग्रेस हाई कमान से भी मुलाकात करके जा चुकी हैं। लेकिन, लोकसभा चुनाव में अभी तीन साल बाकी है, इतने समय में इन संबंधों में कितनी उठा-पटक देखने को मिलेगी, इसका अभी से अंदाजा लगाना मुश्किल है।












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