West Bengal: कौन हैं सौमित्र खान? TMC के 50 MLA और 20 MP टूटने का दावा, क्या बोली ममता बनर्जी की पार्टी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा भूचाल आया हुआ है। भारतीय पानाता पार्टी (BJP) के एक सांसद ने दावा किया है कि राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 50 विधायक और 20 सांसद अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि बीजेपी के बड़े नेताओं का इशारा मिलते ही ये सभी नेता टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं।
इस दावे के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है। हालांकि, टीएमसी ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा बताया है। आइए जानतें हैं बंगाल की राजनीति में मचे इस घमासान के पीछे की पूरी कहानी क्या है?

'बीजेपी का एक इशारा और खत्म हो जाएगी TMC'
सांसद सौमित्र खान ने मीडिया से बात करते हुए सीधे टीएमसी के बड़े नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के अंदर इस समय भारी नाराजगी है। खान ने कहा, 'अगर बीजेपी के बड़े नेताओं ने सिर्फ एक बार हां कह दिया, तो टीएमसी का नामोनिशान मिट जाएगा। उनके 50 विधायक और 20 सांसद हमारे संपर्क में हैं और पाला बदलने के लिए बिल्कुल तैयार हैं।' इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि गलत काम करने वालों को जेल जाना ही पड़ेगा।
टीएमसी का पलटवार
सौमित्र खान के इस बड़े दावे पर तृणमूल कांग्रेस ने भी तुरंत जवाब दिया है। टीएमसी के सीनियर सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'यह बात पूरी तरह से झूठ और बकवास है। सौमित्र खान और बीजेपी जानबूझकर अफवाह फैला रहे हैं ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके। हमारी पार्टी में ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है।'
क्यों लग रहे हैं TMC में टूट के कयास?
भले ही टीएमसी इन दावों को अफवाह बता रही हो, लेकिन पिछले कुछ दिनों में बंगाल के अंदर जो कुछ हुआ है, उसने पार्टी की चिंता जरूर बढ़ा दी है:
- पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे: हाल के दिनों में अलग-अलग नगरपालिकाओं (Municipalities) के करीब 100 पार्षदों ने अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। भाटपारा, हालिशहर और कांचरापाड़ा जैसी जगहों पर तो पूरी की पूरी नगर पालिकाएं संकट में आ गई हैं क्योंकि आधे से ज्यादा पार्षदों ने साथ छोड़ दिया है। पार्षदों का आरोप है कि उन्हें सैलरी नहीं मिल रही और पार्टी से कोई मदद भी नहीं मिल रही है।
- सांसद काकोली घोष की नाराजगी: बारासात से टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तिदार को जब से लोकसभा में चीफ व्हिप के पद से हटाया गया है, वे नाराज चल रही हैं। हाल ही में उन्होंने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी की एक मीटिंग में हिस्सा लिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Y-कैटेगरी की सुरक्षा भी दे दी है।
- भ्रष्टाचार के आरोप और जांच का डर: बंगाल में भर्ती घोटाले और अवैध वसूली को लेकर केंद्रीय एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। कई नेताओं की गिरफ्तारी और हाल ही में एक रसूखदार पार्षद संजय दास की संदिग्ध मौत के बाद से टीएमसी के स्थानीय नेताओं में डर का माहौल है।
आखिर कौन हैं सौमित्र खान?
टीएमसी के खेमे में खलबली मचाने वाला यह बयान देने वाले सौमित्र खान पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-माना नाम हैं। सौमित्र खान पश्चिम बंगाल की विष्णुपुर (Bishnupur) लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद हैं। 43 साल के सौमित्र खान ने साल 1999 में अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की थी। सौमित्र खान के पिता का नाम धनंजय खान है। सौमित्र खुद को एक सोशल वर्कर (समाजसेवी) बताते हैं, जबकि उनकी पत्नी पेशे से वकील (एडवोकेट) हैं।














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