बंगाल में सियासत तेज, CM ममता का महिलाओं के साथ मार्च, संदेशखाली की घटना के बीच मणिपुर, हाथरस का जिक्र
पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की बारासात में आयोजित जनसभा के ठीक एक दिन बाद सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता में महिलाओं के साथ पैदल मार्च किया। इस मार्च को लेकर मीडिया के सवालों को जवाब देते हुए उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार और पीएम मोदी को निशाने पर लिया। इस दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने कहा कि भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि बंगाल में महिलाओं पर अत्याचार होने का दावा गलत है। सीएम ने कहा किबंगाल में महिलाएं सबसे सुरक्षित हैं।
बारासात में भाजपा के महिला मोर्चा के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने मंगलवार को बंगाल की टीएमसी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। पीएम ने तृणमूल सरकार को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि बंगाल में महिलाएं गुस्से में हैं और "संदेशखाली का तूफान" संदेशखाली तक ही सीमित नहीं रहेगा और पूरे बंगाल में फैल जाएगा।

पीएम ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि बंगाल सरकार संदेशखाली के ताकतवर नेता शेख शाहजहां को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है, जो अब सीबीआई की हिरासत में हैं। संदेशखाली निवासियों ने शाहजहां और उसके सहयोगियों पर जमीन हड़पने, जबरन वसूली और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
वहीं बुधवार (07 मार्च ) को बंगाल में महिलाओं के साथ मार्च के बाद सीएम ममता बनर्जी ने संदेशखाली मामले को लेकर बीजेपी नेताओं के बयान पर पलटवार किया। सीएम ममता ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "कल, भाजपा नेताओं ने कहा कि बंगाल में महिलाओं पर अत्याचार होता है। मैं चुनौती दे सकती हूं कि बंगाल में महिलाएं सबसे सुरक्षित हैं।"
उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "जब मणिपुर में महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया, जब हाथरस में एक महिला के साथ बलात्कार किया गया और उसके शव का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया गया, तब वह कहां थे? क्या आप बिलकिस (बानो) को भूल गए हैं?"












Click it and Unblock the Notifications