कोलकाता में मुस्लिम समुदाय ने पेश की मिसाल, हिंदू परिवारों के लिए तैयार किया दुर्गा पूजा पंडाल
कोलकाता, 11 अक्टूबर: पश्चिम बंगाल से आपसी सम्मान, सौहार्दपूर्ण और सांप्रदायिक सद्भाव की तस्वीर सामने आई है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुस्लिम लोगों ने पड़ोस में रहने वाले हिंदू परिवारों के लिए दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना की है। दरअसल, अलीमुद्दीन स्ट्रीट मुस्लिम बहुल इलाका है। अधिकांश हिंदू परिवारों के इलाके से चले जाने के बाद लगभग 15 साल पहले वहां दुर्गा पूजा उत्सव बंद कर दिया गया था। मौजूदा वक्त में यहां सिर्फ तीन हिंदू परिवार रहते हैं।

तीनों हिंदू परिवारों ने इस साल इलाके में दुर्गा पूजा आयोजित करने के लिए वहां के रहने वाले मुस्लिम भाईयों से संपर्क किया, जिसके बाद मुस्लिम लोगों ने उत्साहपूर्वक हिंदू परिवारों के लिए दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना की, जो समाज में भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश कर रहा है।
दुर्गा पूजा के आयोजकों में से एक तौसीफ ने कहा कि विविधता में एकता हमारे सांस्कृतिक मूल्यों का हिस्सा है। हम सभी पहले बंगाली हैं, हम यहां पैदा हुए हैं। सांप्रदायिक सद्भाव ही हमारी संस्कृति का हिस्सा है। ऐसे ही दूसरे स्थानीय निवासी हाजी शकील रफीक ने कहा कि यहां लोग सभी त्योहार एक साथ मनाते हैं, भले ही वे हिंदू, इस्लाम, ईसाई, सिख या किसी अन्य धर्म का पालन करते हों। रफीक ने बताया कि ईद के त्योहारों के दौरान हिंदू, ईसाई हमारे घरों में आते हैं और हम उनकी पूजा में शामिल होते हैं।
बता दें कि खतरों के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने नौ दिन के दुर्गा उत्सव के दौरान किसी भी आतंकवादी हमले को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की है। राजधानी में 38 प्वाइंट पर कॉम्बैट बटालियन और स्पेशल स्ट्राइक फोर्स के कमांडो तैनात करने का फैसला लिया गया है। साथ ही 31 रैपिड पेट्रोलिंग टीमें भी लगाई गई हैं। वहीं खुद सीएम ममता बनर्जी ने रविवार को कोलकाता में तीन दुर्गा पूजा के उद्घाटन में हिस्सा लिया। ममता बनर्जी 6 अक्टूबर से पूजा पंडालों का उद्घाटन करने में लगीं हुईं हैं।












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