Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Mohammed Manik रियल हीरो! जान पर खेलकर बचाई 9 लोगों की जान, मूर्ति विसर्जन के दौरान आ गई थी बाढ़

Mohammed Manik: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान गुरुवार को मल नदी में अचानक आई बाढ़ में 8 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं करीब 80 लोगों को रेस्क्यू किया गया था। इसी दुर्गा विर्सजन को देखने 28 साल का मोहम्मद मानिक पहुंचा था। अचानक आई बाढ़ से नदीं में बहते लोगों को देख मोहम्मद ने बिना जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। मोहम्मद ने 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। (वीडियो-नीचे देखें)

मूर्ति विसर्जन के दौरान आ गई थी बाढ़

मूर्ति विसर्जन के दौरान आ गई थी बाढ़

दरअसल गुरुवार देर शाम लोग मल नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन करने गए थे। इस दौरान नदी में तेज बहाव आ गया, मूर्ति विसर्जन के लिए पानी में घुसे कई लोग इसकी चपेट में आ गए। दुर्गा विर्सजन को देखने के लिए मानिक भी वहां पहुंचा था। अचनाक आई बाढ़ में लोग बहने लगे। लोगों को बहता देख मानिक नदी में कूद गया। मानिक ने एक के बाद एक 9 लोगों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला।

लोगों को बचाते हुए खुद भी हुए घायल

लोगों को बचाते हुए खुद भी हुए घायल

पानी में बह रहे लोगों को बचाने के दौरान मोहम्मद माणिक के पैर में भी चोट लग गई। उन्हें रात में मालबाजार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। यह मोहम्मद माणिक अब सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। हर कोई उनकी बहादुरी की तारीफ कर रहा है। लोग उन्हें रियल हीरो बता रहा हैं।

'मैं खड़ा होकर नहीं देख सकता था'

'मैं खड़ा होकर नहीं देख सकता था'

मानिक ने बताया कि, मैंने लोगों को और मेरे बेटे जैसे छोटे बच्चों को बहते हुए देखा। मैं खड़ा होकर नहीं देख सकता था। मैं अल्लाह का नाम लेकर नदी में कूद पड़ा। बस इतना विश्वास था कि ईश्वर है और मुझे तैरना आता है। लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की। माणिक अपने दम पर 9 लोगों को जिंदा बहार निकालने में सफल रहे। टेलीग्राफ से बात करते हुए मोहम्मद मानिक ने कहा कि, मैं आपको सटीक संख्या नहीं बता सकता, लेकिन हां, मैंने कई लोगों को किनारे तक पहुंचने में मदद की ।

जान की परवाह किए बिना लगा दी नदी में छलांग

जान की परवाह किए बिना लगा दी नदी में छलांग

मोहम्मद मानिक पेशे से वेल्डर हैं। वह अपने माता-पिता, पत्नी, तीन साल के बेटे और छोटे भाई के साथ मालबाजार से कुछ किलोमीटर दूर पश्चिम तेशिमाला गांव में रहते हैं। मानिक ने बताया कि, हर साल मैं एक दोस्त के साथ विसर्जन स्थल पर जाता हूं। इस बार भी गया था। कुछ देर बाद बाढ़ आ गई। मैंने अपनी मोबाइल दोस्त दिया और नदी में छलांग लगा दी।

'जब तक हिम्मत ने साथ दिया लोगों को निकालता रहा'

'जब तक हिम्मत ने साथ दिया लोगों को निकालता रहा'

मानिक ने बताया कि, लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। जो भी मुझे पास में मिला, मैंने उन्हें पानी से बाहर खींच लिया। नदी का बहाव बहुत तेज था। बचाव के दौरान मुझे महसूस हुआ कि मेरे अंगूठे से खून बह रहा है। एक फायर फाइटर ने मुझे एक रूमाल दिया और मैंने उसे कट के चारों ओर बांध दिया। फिर मैंने लोगों की मदद करना शुरू किया। मैं तब तक लोगों को निकालता रहा। जब तक मेरी हिम्मत साथ देती रही।

सोशल मीडिया पर छाए मानिक

लोग सोशल मीडिया पर मोहम्मद मानिक की तारीफ कर रहे हैं। मानिक के एक दोस्त ने कहा कि, अगर हमारे पास कुछ और मानिक होते, तो कम लोगों की मौत होती।। हमें उस पर गर्व है। लोग मानिक के इस साहसिक कार्य की तारीफ कर रहे हैं। उनसे आज के सामाज का रियल हीरो बता रहे हैं।

फोटो: सोशल मीडिया

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+