डॉक्टर हत्या की जांच के बीच सीबीआई ने झूठ पकड़ने वाले परीक्षण शुरू किए, मुख्य आरोपी के विश्लेषण में देरी
कोलकाता के में लेडी डॉक्टर रेप- मर्डर केस में आरजी कर मेडिकल कॉलेज पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और पांच अन्य आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट शुरू किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने घटना को लेकर कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला भी दर्ज किया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में घटना के अलावा महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
मामले में इससे पहले गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय रॉय के लिए पॉलीग्राफ परीक्षण तकनीकी खराबी के कारण स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी जल्द ही एक नई तारीख तय करेगी। घोष और पांच अन्य लोगों, जिनमें इंटर्न, डॉक्टर और रॉय से जुड़ा एक व्यक्ति शामिल है, पर पॉलीग्राफ परीक्षण किए जा रहे हैं। तकनीकी खराबी के कारण नागरिक स्वयंसेवक रॉय के परीक्षण रोक दिया गया था।

वहीं अब मामले में आरोपी संजय रॉय का लाई डिटेक्टर टेस्ट रविवार को प्रेसीडेंसी करेक्शनल होम में किया जा सकता है। पॉलीग्राफ टेस्ट में समय लगने के चलते परीक्षण पूरा होने में कुछ दिन लग सकते हैं।
मामले में शनिवार को सीबीआई ने 15 से अधिक लोगों से पूछताछ की, जिनमें 10 पुलिस अधिकारी और नागरिक स्वयंसेवक शामिल थे।आरोपियों पर लेडी डॉक्टर के साथ घटना में संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल में स्कूल शिक्षा विभाग ने तीन शैक्षणिक संस्थानों - बालुहाटी हाई स्कूल, बालुहाटी गर्ल्स हाई स्कूल और बंटरा राजलक्ष्मी गर्ल्स स्कूल - को शो-कॉज नोटिस जारी किए, जिसमें अपराध के विरोध में स्कूल के समय के दौरान रैली में छात्रों को शामिल करने के लिए कहा गया था। स्कूलों को नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, गुरुवार को हुई रैली में न केवल छात्र बल्कि शिक्षक और गैर-शिक्षण स्टाफ शामिल थे और इसे नियमों का उल्लंघन करके आयोजित किया गया था।
बता दें कि नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को अपराध में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पिछले हफ्ते कोलकाता पुलिस से जांच अपने हाथ में ली। इस बीच, शनिवार को सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला दर्ज किया।
एजेंसी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) से यह जांच अपने हाथ में ली। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को तीन सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह निर्देश पूर्व उप अधीक्षक अख्तर अली की याचिका पर आया था, जिसमें संदीप घोष के प्राचार्य पद पर रहते हुए वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।












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