Kolkata Case: बंगाल में 8 सितंबर को महिलाओं का एक और 'रिक्लेम द नाइट' आंदोलन, न्याय की मांग के लिए संघर्ष
Kolkata Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर के दुष्कर्म-हत्याकांड के इंसाफ की मांग चिंगारी और भड़कती जा रही है। आगामी 8 सितंबर की मध्यरात्रि को हजारों महिलाएं 'रिक्लेम द नाइट' अभियान के तीसरे पडाव में भाग लेने वाली हैं।
ट्रेनी डॉक्टर संग हुई भयवाह घटना राज्यभर में महिलाओं के लिए सुरक्षा और न्याय की गंभीर मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों का केंद्र बन गई है। यह प्रदर्शन उस घटना के एक महीने बाद हो रहा है, जिसने राज्य को झकझोर कर रख दिया।

14 अगस्त को शुरू हुए सभाओं के बाद, आंदोलन ने 4 सितंबर को तेजी पकड़ी। छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक, पूरे राज्य में 'हम न्याय चाहते हैं' के नारे गूंजने लगे। शुरुआत में इस प्रदर्शन की योजना सिर्फ तीन-चार स्थानों पर थी, लेकिन जनता के उत्साह और समर्थन ने इसे एक बड़े विरोध में बदल दिया।
आंदोलन की प्रमुख आयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता रिमझिम सिन्हा ने कहा कि उन्हें आंदोलन शुरू होने के बाद से कई फोन कॉल और संदेश मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह एक जन आंदोलन है। प्रदर्शनकारी महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल की मांग कर रहे हैं, जिसे राज्य और केंद्र सरकारें प्रदान करने में विफल रही हैं।
गैर-राजनीतिक आंदोलन
इस आंदोलन की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है। पहले हुए प्रदर्शनों में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं था। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराया, जो न्याय की मांग को राजनीतिक पार्टियों से परे ले जाता है। इस विरोध में सभी वर्गों की महिलाएं - अभिनेत्रियाँ, छात्राएं, पेशेवर और गृहिणियां - ने हिस्सा लिया। 14 अगस्त और 4 सितंबर को इन सभी ने एकजुट होकर मार्च किया, उनके हाथों में पोस्टर और मोमबत्तियां थीं, जिनसे उनकी न्याय की पुकार और भी गहरी हो गई।
8 सितंबर और भविष्य की योजनाएं
8 सितंबर को होने वाले इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई जगहों पर सभाएं होंगी, जहां महिलाएं डॉक्टर के लिए न्याय की मांग करेंगी। आयोजकों का कहना है कि वे इस बार भी संगीत के जरिए विरोध प्रदर्शन करेंगे। कई गायक व्यक्तिगत अधिकारों और महिलाओं की सुरक्षा पर पूरे रात प्रदर्शन करेंगे।
इसके अलावा, 9 सितंबर को सिलीगुड़ी में 'वुमन टेक ओवर द डॉन' नामक एक अन्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पूर्व टेबल टेनिस चैंपियन मंटू घोष ने घोषणा की है कि इस कार्यक्रम में संगीत बैंड और गायक सुबह 2 बजे से 4:30 बजे तक प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन केवल डॉक्टर के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए होगा जो कभी भी यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं।
क्या है घटना और जांच?
यह आंदोलन 9 अगस्त की उस घटना के बाद शुरू हुआ, जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद किया गया। इस अपराध के संबंध में एक नागरिक स्वयंसेवक को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। बाद में, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के तहत सीबीआई ने इस कथित बलात्कार और हत्या की जांच शुरू की।












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