जाल में फंसी दुर्लभ स्टिंगरे मछली, 800 किलो के इस 'दैत्य' को उठाने के लिए बुलानी पड़ी क्रेन
कोलकाता, 30 अगस्त। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 182 किलोमीटर दूर दीघा में रविवार को एक दैत्याकार मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। समुद्र के किनारे बसे इस शहर में मछुआरे हमेशा की तरह मछली पकड़ने के लिए पानी में उतरे, इस दौरान उनके जाल में कुछ ऐसा फंसा जिसे देख मछुआरों के होश उड़ गए। जाल पानी से बाहर निकालने पर लोगों ने देखा कि उसमें एक विशालकाय स्टिंगरे प्रजाति की एक मछली फंसी हुई है।

8 कुंतल की मछली देख लोग हैरान
पश्चिम बंगाल के दीघा में मछुआरे मछली पकड़कर उसे बाजार में बेचते हैं, इस दौरान उनके जाल में कई अजीबोगरीब चीजें फंस जाती हैं। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन मछुआरों को उम्मीद नहीं थी कि उनके जाल में भारी-भरकम मछली फंस जाएगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि मछली का वजन 50-100 किलो नहीं बल्कि 800 किलोग्राम था।

सोशल मीडिया पर फोटो वायरल
मछली की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जो जमकर वायरल हो रही हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 8 कुंतल की ये मछली शंकर प्रजाति की हैं, जिन्हें खाना समुद्र तटीय इलाके के लोग पसंद नहीं करते। जाल में फंसने के बाद अक्सर इन मछलियों को दूसरे इलाकों में भेज दिया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को पकड़ी गई मछली का वजन करीब आठ कुंतल था।

मछली को बाहर निकालने में छूटे पसीने
जाल में फंसने के बाद मछली को नाव के ऊपर खीचना मछुआरों के लिए भी काफी मुश्किल हो गया था। हालांकि काफी मशक्कत के बाद किसी तरह मछली को समुद्र तट पर लाया गया, जहां इसे देखने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों से ज्यादा मछली को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि मछली के लिए मछुआरों को अच्छा दाम भी मिला।

मछली को बेच मछुआरे बने मालामाल
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दूसरे इलाके में इस विशालकाय मछली के लिए 40000 रुपए की बोली लगी, वहीं एक अन्य छोटी मछली को स्थानीय व्यक्ति ने 25 हजार रुपए में खरीदा। बता दें कि स्थानीय लोग स्टिंगरे प्रजाति की मछलियों को शंकर मछली के नाम से जानते हैं। 29 अगस्त को पकड़ी गई स्टिंगरे से पहले आज तक कभी इतनी बड़ी मछली नहीं देखी गई थी। पहले तो लोग इसे देखकर डर गए। किसी ने मछली को दैत्य कहा तो किसी ने राक्षस। हालांकि बाद में पता चला कि ये स्टिंगरे है।

पिछले साल भी पकड़ी गई थी ऐसी ही मछली
बता दें कि ठीक एक साल पहले 27 जुलाई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बॉर्डर पर ऐसी ही एक दैत्याकर मछली पकड़ी गई थी। इसका वजन भी 800 किलो बताया जा रहा था। इस मछली को रस्सी से बांधकर एक वैन में रखा गया जो मोहाना फिशर एसोसिएशन से ली गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब मछली की बोली लगाई गई तो इसके लिए करीब 50000 रुपए मिले थे। लॉकडाउन के दौरान यह मछुआरे के लिए किसी लॉटरी निकलने की तरह था।

दीघा समुद्री तट पर जांच करेंगे एक्सपर्ट्स
सोशल मीडिया पर मछली की कई तस्वीरें सामने आई थीं जिसे देख यूजर्स भी डर गए थे। लोगों को विस्वास नहीं हो रहा था कि इतनी बड़ी स्टिंगरे भी हो सकती है। इस मछली के तेल और हड्डियों से दवाई बनाई जाती है। बाकी की हिस्सा मानसून के दौरान खाने की डिश की तरह इस्तेमाल होता है। बताया जा रहा है कि दीघा के इस समुद्री तट पर जांच के लिए एक एक्सपर्ट्स की टीम भी पहुंची है, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या पानी के अंदर ऐसे कई और विशालकाय जीव मौजूद हैं।

बंगाल की खाड़ी में पकड़ी गई 400 Kg की मछली
एक सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल के ही बरगुना जिले के पाथरघाटा उपजिला में मछुआरों ने लगभग 400 किलोग्राम वजन की एक विशाल स्टिंगरे मछली पकड़ी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मछली सुंदरबन के पूर्वी हिस्से से सटे बंगाल की खाड़ी से पकड़ी गई थी। मंगलवार की सुबह, मछली को बिक्री के लिए बागेरहाट के एक प्रसिद्ध मछली लैंडिंग स्टेशन केबी घाट पर ले जाया गया। मछली पकड़ने वाले हाफिज सरदार और जाकिर सरदार ने मछली को 52,000 में बेचा। दोनों ने कहा कि उन्होंने पिछले 30 वर्षों में इतनी बड़ी स्टिंगरे मछली कभी नहीं देखी।
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