'BJP बंगाल को बांटना चाहती', नीति आयोग की बैठक का ममता ने किया बहिष्कार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करेंगी। साथ ही ममता ने कहा कि बैठक में बंगाल के साथ हो रहे राजनीतिक भेदभाव का विरोध करूंगी। उनके मंत्रियों और बीजेपी नेताओं का रवैया ऐसा है कि वे बंगाल को बांटना चाहते हैं। साथ ही आर्थिक नाकेबंदी भी करेंगे।
ममता ने यह भी कहा कि वे भौगोलिक नाकाबंदी भी करना चाहते हैं। अलग-अलग नेता झारखंड, बिहार और बंगाल को विभाजित करने के लिए अलग-अलग बयान दे रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं। हम अपनी आवाज रिकॉर्ड करना चाहते हैं और मैं ऐसा करने के लिए वहां मौजूद रहूंगी।

27 जुलाई को आयोग की बैठक, विरोध में विपक्ष
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 27 जुलाई को दिल्ली में नीति आयोग की बैठक होगी। इस बैठक का टीएमसी सुप्रीमों, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
बजट में अनदेखी का आरोप
एमके स्टालिन ने घोषणा की कि वह नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करेंगे और कहा कि केंद्रीय बजट में तमिलनाडु को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। इसके बाद पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्य भी नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार का बजट भेदभाव से भरा है और यह कदम संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है।












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