ममता-मोदी मीटिंग विवाद के बाद केंद्र ने बंगाल के मुख्य सचिव को वापस बुलाया
नई दिल्ली, मई 28: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तकरार अभी कम होती नजर नहीं आ रही है। आज एक बार फिर से पीएम मोदी और ममता बनर्जी के बीच की तल्खी देखने को मिली। पीएम मोदी के साथ मीटिंग में देर से पहुंची और 15 मिनट में मीटिंग छोड़कर निकल गईं। अब इसकी गाज पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव पर गिरी। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय को वापस बुलाया। राज्य सरकार को कहा कि जल्द उन्हें रिलीव किया जाए। 31 मई तक बंद्योपाध्याय को DoPT में रिपोर्ट करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ घंटों बाद बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय की तत्काल प्रभाव से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति दी गई है। बता दें कि, बंद्योपाध्याय का कार्यकाल हाल ही में केंद्र द्वारा राज्य के अनुरोध पर तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। आईएएस अधिकारी बंद्योपाध्याय 1987-कैडर के अधिकारी हैं। बंद्योपाध्याय को लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में प्रतिनियुक्त किया गया है।
उन्हें 31 मई को सुबह 10 बजे डीओपीटी, नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। नबन्ना से 24 मई को जारी एक अधिसूचना में, राज्य सचिवालय पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्तमान मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय की सेवा के तीन महीने के विस्तार के लिए कहा था। बंद्योपाध्याय के कार्यकाल को भारत सरकार द्वारा 24 मई को नए आदेश से 4 दिन पहले मुख्य सचिव के रूप में बढ़ा दिया गया था।
अलापन बंद्योपाध्याय को सीएम ममता बनर्जी के करीबी के रूप में जाना जाता है। अलपन बंद्योपाध्याय पश्चिम बंगाल सरकार के वर्तमान मुख्य सचिव हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के दूसरे कार्यकाल के तहत अपना कार्यकाल शुरू करते हुए वर्ष 2020 में आईएएस अधिकारी राजीव सिन्हा के स्थान पर पदभार ग्रहण किया।












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