रूपा गांगुली के रोने को डोला सेन ने बताया 'ड्रामा', कहा-बड़ी कलाकार हैं
नई दिल्ली, 25 मार्च: पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हिंसा के मामले में ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार चौतरफा निशाने पर है। शुक्रवार को ये मुद्दा संसद में उठाया गया। राज्यसभा में बीरभूम में हुए नरसंहार पर बोलते हुए भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने जमकर आंसू बहाए। अब रूपा गांगुली के रोने को टीएमसी सांसद डोला सेन में ड्रामा करार दिया है। डोला ने कहा, 'ममता जी के कार्यकाल में बंगाल में लॉ एंड ऑर्डर सबसे अच्छा है।

टीएमसी सांसद डोला सेन ने रूपा गांगुली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, आज राज्यसभा में बीजेपी सांसद रूपा गांगुली ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाकर खूब ड्रामा किया। वह भी रोने लगी, हम सभी जानते हैं कि वह एक बड़ी अभिनेत्री है, उसने महाभारत की 'द्रौपदी' को चित्रित करते हुए दिखाया है। डोला ने कहा, 'ममता जी के कार्यकाल में बंगाल में लॉ एंड ऑर्डर सबसे अच्छा है।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, डोला ने कहा,' मुझे याद है 2012 में एक घटना हुई थी बंगाल में, वहां काउंसलर थे शंभू काऊ, उनको आज भी जेल से बाहर नहीं आने दिया। ममता यह नहीं सोचती है कि ये अपने आदमी हैं या बाहर के आदमी हैं। वह बस यही सोचती हैं कि क्या सच है क्या गलत है। '2012 में भी कोलकाता में ऐसा हुआ था। टीएमसी के नेता अजीत दा गुजर गए। इसके कारण जांच के बाद पता लगा कि काउंसलर जिम्मेदार हैं, वह काउंसलर आज भी जेल के अंदर हैं।
इससे पहले रूपा ने ममता सरकार पर तंज कसाते हुए कहा कि, इस बार सिर्फ 8 लोग मरे हैं। ज्यादा नहीं मरे, ज्यादा के मरने से फर्क नहीं पड़ता। बात यह है कि उन्हें जला के मारा जाता है। वहां गैरकानूनी बंदूकें रखी जाती हैं। पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है। सिर्फ अनीस खान मरता है तब सीबीआई की मांग की जाती है। 7 दिन में 26 पॉलिटिकल मर्डर हुए हैं। अटॉप्सी रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले उनके हाथ पैर तोड़े, फिर कमरे में बंद करके मारकर जला दिया गया।












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