मोदी और ममता से बंगाली सुपरस्टार ने की Swiggy की शिकायत, खाना नहीं मिला तो लिख दिया लेटर
कोलकाता, 06 नवंबर: देश में वैसे तो कई परेशानियां हैं, जिसका हल जनता चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के सामने बढ़ती महंगाई, रोजगार, क्राइम, प्रदूषण, पानी से लेकर सड़कों तक की समस्याएं, लेकिन इन सब के बीच बंगाली सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी ने एक फूड डिलिवरी ऐप की शिकायत करते हुए पीएम मोदी और सीएम ममता बनर्जी को एक खुला पत्र लिख दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनको जमकर घेर लिया। क्या है पूरा मामला पढ़िए...

बंगाली सुपरस्टार की थाली रह गई खाली
वैसे को पीएम मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्लेटें आम लोगों के मुद्दों से भरी हुई हैं, जिनको तुरंत हल करने की जरूरत हैं, लेकिन शनिवार की दोपहर बंगाली सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी की थाली तब खाली रह गई, जब स्विगी ने कंफर्म करने के बाद भी अपना ऑर्डर देने में फेल रहा, जिसके बाद फूड डिलिवरी ऐप से नाराज सुपरस्टार ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम लेटर लिख दिया।

स्विगी ऐप ने ऑर्डर लेने के बाद भी नहीं भेजा खाना
शनिवार को एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी ने देश के दो बड़े नेताओं को अपनी पीड़ा बताने के लिए एक ओपन लेटर पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि स्विगी ऐप ने ऑर्डर लेने के बाद भी खाना नहीं भेजा। उन्होंने अपने लेटर में कहा कि वह इसे देश के नेताओं के संज्ञान में ला रहे हैं, क्योंकि यह उन लोगों के लिए निराशाजनक हो सकता है, जो अपने भोजन की जरूरतों के लिए पूरी तरह से डिलीवरी ऐप पर निर्भर हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐप द्वारा उनके पैसे वापस कर दिए गए थे।

मोदी और ममता को लिखा ओपन लेटर
उन्होंने लिखा, 'आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी त्योहार की बधाई। आशा है कि आप स्वस्थ होंगे। मैं आपका ध्यान एक ऐसे मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जिसका मैंने हाल ही में सामना किया है। 3 नवंबर को मैंने ऐप स्विगी पर खाने का एक ऑर्ड दिया था। कुछ समय बाद ऑर्डर की स्थिति डिलीवर में बदल गई, लेकिन मुझे खाना नहीं मिला। स्विगी के साथ इस मुद्दे को उठाने के बाद उन्होंने मुझे पैसे वापस कर दिए क्योंकि ऑर्डर प्रीपेड था।

'कोई भी इस मुद्दे का कर सकता है सामना'
उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि, मैं आपका ध्यान इस पर आकर्षित करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि कोई भी इस मुद्दे का सामना कर सकता है। क्या होगा यदि कोई अपने मेहमानों के लिए भोजन पहुंचाने के लिए फूड ऐप पर निर्भर है और खाना नहीं आता है? क्या होगा यदि कोई इन पर निर्भर है तो क्या होगा? उनके खाने के लिए फूड ऐप? क्या वे भूखे रहेंगे? ऐसी कई स्थितियां हो सकती हैं। इस प्रकार मुझे लगा कि इसके बारे में बात करना जरूरी है।

ट्रोलिंग का शिकार हुए बंगाली स्टार
इधर, प्रोसेनजीत चटर्जी को भले ही खाने का ऑर्डर नहीं मिला हो, लेकिन ट्विटर पर अपना लेटर पोस्ट करने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना जरूर करना पड़ा। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनको जमकर घेर लिया। एक यूजर ने लिखा 'वास्तव में एक राष्ट्रीय समस्या बुंबा दा !! जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला हुआ तो इस समस्या की तुलना में अपनी आवाज उठाना एक छोटी सी समस्या है...। ऐसे में एक और यूजर ने लिखा, 'बहुत ही गंभीर मामला, कृपया बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाएं मोदी जी'। वहीं दूसरे यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा कि आपने भारत के माननीय राष्ट्रपति को बख्शा? कृपया उनको भी टैग करें।












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