Bengal SSC Scam: एसएससी ऑफिस के बाहर शिक्षकों की भूख हड़ताल, शासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
Bengal SSC Scam: पश्चिम बंगाल में 25,000 शिक्षक भर्ती घोटाले के चलते हजारों शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरी चली गई अब वे न्याय की गुहार के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों का एक वर्ग गुरुवार, 10 अप्रैल से साल्ट लेक स्थित पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के कार्यालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गया है।
प्रदर्शनकारी शिक्षक आचार्य सदन नामक एसएससी कार्यालय के बाहर बुधवार रात से ही डटे हुए हैं। उनका कहना है कि वे पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की गड़बड़ियों की सजा भुगत रहे हैं, जबकि वे खुद निर्दोष हैं। इन शिक्षकों का आरोप है कि राज्य प्रशासन की लापरवाही और एसएससी की अनियमितताओं के कारण उनकी नौकरी चली गई, और अब उन्हें ही दोषी ठहराया जा रहा है।

Bengal teachers scam: BJP सांसद गंगोपाध्याय का समर्थन
प्रदर्शनकारियों में शामिल होकर भाजपा सांसद और कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र को इन शिक्षकों की वर्तमान हालत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। गंगोपाध्याय ने यह भी कहा कि वह पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली के साथ धरना स्थल पर शिक्षकों के प्रति एकजुटता दिखाने पहुंचे हैं।
गंगोपाध्याय वही न्यायाधीश हैं, जिन्होंने नवंबर 2021 में कलकत्ता उच्च न्यायालय में रहते हुए शिक्षक भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। उन्होंने 2016 की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। इस आदेश को बाद इसे उच्च न्यायालय की खंडपीठ और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा।
West Bengal Teachers Recruitment Scam पर सुप्रिम कोर्ट ने फैसले को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल 2024 को अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया "दूषित और दागी" थी और इसमें गहरी अनियमितताएं पाई गईं। अदालत ने एसएससी द्वारा 2016 में किए गए पूरे चयन अभियान को अमान्य करार देते हुए सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया।
हालांकि प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे सभी धोखाधड़ी में शामिल नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि एसएससी यह तय नहीं कर सका कि किसने गलत तरीके से नौकरी हासिल की और किसने ईमानदारी से। अब इन सबको एक ही तराजू में तौला जा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है।
इन शिक्षकों का आक्रोश उस समय और भड़क गया जब बुधवार को दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआई) कार्यालय के बाहर उनके प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें लात-घूसे भी मारे गए। इसके अलावा, विरोध कर रहे कई शिक्षकों के खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज कर दिया है।
Bengal SSC Scam में ED और CBI कर रही है जांच
इस पूरे मामले की तह तक जाएं तो केंद्रीय जांच एजेंसियां सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले ही इस घोटाले की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और कई अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी पर भर्ती प्रक्रिया में व्यापक भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप है।












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