Bengal SSC Scam: ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए हाईकोर्ट के किस आदेश को किया रद्द?
Bengal SSC Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा SSC (School Service Commission) शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बनाए गए सुपरन्यूमेररी (अतिरिक्त) पदों की जांच CBI से कराने का निर्देश दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, हाईकोर्ट का CBI जांच का आदेश न्यायिक रूप से टिकाऊ नहीं है
- कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि, राज्य सरकार को अपने प्रशासनिक अधिकारों के तहत पद सृजन का अधिकार है
- इससे पहले, हाईकोर्ट ने SSC भर्ती घोटाले के संदर्भ में 2016 की नियुक्तियों की वैधता पर सवाल उठाते हुए CBI जांच के आदेश दे दिया था
- वहीं सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला राज्य सरकार के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
जानिए पूरा मामला?
2016 - पश्चिम बंगाल में SSC (School Service Commission) के तहत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। जिसमें बडे़ पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। जिसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी सौंपी। CBI जांच के दौरान - कई नियुक्तियाँ रद्द कर दी गईं, और गिरफ्तारियाँ भी हुईं।
सरकार ने रद्द की गई नौकरियों को राहत देने के लिए सुपरन्यूमेररी (अतिरिक्त) पद बनाए। कोर्ट ने कहा कि ये सुपरन्यूमेररी पोस्ट भी एक चाल है और इसकी भी CBI से जांच होनी चाहिए। वहीं अब हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन
- 2016 - पश्चिम बंगाल में SSC (School Service Commission) के तहत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई।
- 2018-2021 - आरोप लगने लगे कि भर्ती प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, कई अयोग्य लोगों को नौकरी दी गई।
- 2022 - कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी सौंपी।
- CBI जांच के दौरान - कई नियुक्तियाँ रद्द कर दी गईं, और गिरफ्तारियाँ भी हुईं।
- पश्चिम बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया - सरकार ने रद्द की गई नौकरियों को राहत देने के लिए सुपरन्यूमेररी (अतिरिक्त) पद बनाए।
- हाईकोर्ट का नया आदेश - कोर्ट ने कहा कि ये सुपरन्यूमेररी पोस्ट भी एक चाल है और इसकी भी CBI से जांच होनी चाहिए।
अप्रैल 2025 - सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया और कहा:
सरकार को ऐसे पद बनाने का अधिकार है।
हर प्रशासनिक निर्णय पर CBI जांच नहीं हो सकती।












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