West Bengal News: बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले पर हंगामा, CM ममता ने कहा बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा?
West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिक्षकों को बर्खास्त करने के मामले में सु्प्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा कि वह अदालत का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन मानवीय आधार पर इस फैसले को स्वीकार नहीं करती हैं।
सीएम ममता बनर्जा ने सोमवार (7 अप्रैल) को नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के साथ मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हमें यह नहीं बता सका कि कौन योग्य है और कौन अयोग्य है। उन्होंने अखिल भारतीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट का उदाहरण दिया और कहा कि शीर्ष अदालत ने उस मामले में पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि आप हमें सूची दीजिए। शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का किसी को अधिकार नहीं है।

बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
सीएम ममता बनर्जी नेताजी इंडोर स्टेडियम में बर्खास्त शिक्षकों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा शासित मध्य प्रदेश में व्यापम मामले में बहुत से लोग मारे गए। उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला। नीट में कई आरोप सामने आए। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द नहीं की। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हम जानना चाहते हैं। आप बंगाल की प्रतिभा से डरे हुए हैं,"
बीजेपी पार्टी के लोगों ने तो हमेशा नौकरी छिनने का काम किया है: ममता बनर्जी
इस मौके पर उन्होंने विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाया। सीएम ने कहा खेल 2022 में शुरू हुआ। जिनके पास नौकरी देने की ताकत नहीं है, उन्होंने नौकरियां छीन ली हैं। 2026 विधानसभा का जिक्र करते हुए उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कहते हैं कि वे आपको 2026 में नौकरी देंगे। बीजेपी पार्टी के लोगों ने तो हमेशा नौकरी छिनने का काम किया है।
बता दे कि सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग द्वारा 2016 में भर्ती किए गए 25,000 से अधिक शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने एसएससी द्वारा बंगाल के स्कूलों में 25,000 से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है।
बंगाल के स्कूलों में 25,000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरी जाने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला क्या है?
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला (Bengal Teacher Recruitment Scam) एक बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला है जो पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ की भर्ती से जुड़ा हुआ है। यह मामला मुख्य रूप से स्कूल सर्विस कमिशन (SSC) के तहत हुई भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर सामने आया था। इसमे आरोप लगया गया था कि 2014 से 2021 के बीच पश्चिम बंगाल में स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और धांधली हुई। योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज करके कई ऐसे लोगों को नौकरी दी गई जिनके पास जरूरी मेरिट या अर्हता नहीं थी। नौकरी देने के लिए रिश्वत (bribes) ली गई और अनियमित रूप से सूची बदली गई।
इसमे जो सबसे चर्चीत नाम सामने आया था वो पार्थ चटर्जी का था जो समय पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री थे। उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के पास से करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और संपत्ति बरामद हुई थी। इस मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई दोनों ने जांच की, और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसमे 50 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति अर्पिता मुखर्जी के घर से जब्त की गई थी। मामले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी जेल में हैं।












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