'India बनेगा भारत, जिन्हें यह पसंद नहीं आ रहा...': बंगाल बीजेपी नेता का विवादित बयान
इंडिया बनाम भारत के मुद्दे को लेकर बंगाल बीजेपी के एक नेता के बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी के सांसद और बंगाल में पार्टी के बड़े नेता दिलीप घोष ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कह दिया कि 'गुलामी के निशान' को हटाने के लिए इंडिया का नाम 'भारत' किया जाएगा और जिन्हें नाम में यह परिवर्तन पसंद नहीं है, वे 'देश छोड़ सकते हैं।'
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने यह विवादित टिप्पणी बंगाल के खड़गपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ 'चाय पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान की है। उन्होंने कहा, 'इंडिया का नाम भारत किया जाएगा। जिन्हें यह पसंद नहीं आ रहा है, वे देश छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं।'

टीएमसी और सीपीएम पर निशाना
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता ने राज्य में सत्ताधारी टीएमसी और सीपीएम को भी देश के नाम बदले जाने का विरोध करने के लिए उनपर हमला किया और कहा, 'टीएमसी में मेरे मित्रों को शायद नहीं पता होगा कि वे भारत या इंडिया क्यों कह रहे हैं....इसके पीछे का इतिहास क्या है। यह सीपीएम के लोगों के लिए भी बहुत मुश्किल है, जो हमेशा से दूसरे देशों पर ध्यान देते रहे हैं।'
'जिन्हें यह पसंद नहीं आ रहा, वे जा सकते हैं'
उन्होंने कहा कि 'विदेशी कई शहरों का नाम नहीं बोल पाते थे, इसलिए उन्होंने उनके नाम बदल दिए। अब फिर से सारे नाम बदले जा रहे हैं। इंडिया भारत हो जाएगा। जिन्हें यह पसंद नहीं आ रहा, वे जा सकते हैं।' इस दौरान भाजपा सांसद ने कोलकाता से सभी विदेशियों की प्रतिमाएं हटाने का भी वादा किया।
अंग्रेजों की मूर्तियां हटाएंगे-बीजेपी नेता
घोष बोले, 'कोलकाता की कई सड़कों पर अंग्रेजों की कई मूर्तियां थीं। अब वे कहां हैं? जब बीजेपी सत्ता में आएगी तो हम उन सभी को उखाड़कर विक्टोरिया मेमोरियल हाउस में रख देंगे..... म्यूजियम की चीजें म्यूजियम में ही रहेंगी, सड़कों पर नहीं। हमारे बच्चे सुबह में उठेंगे तो उन्हें सुबह में विदेशियों का चेहरा नहीं देखना पड़ेगा।'
जी20 शिखर सम्मेलन में हर जगह लिखा गया 'भारत'
दरअसल, इंडिया बनाम भारत का यह विवाद जी20 शिखर सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित डिनर के निमंत्रण पत्र में 'राष्ट्रपति ऑफ भारत' लिखने के साथ शुरू हुआ। केंद्र सरकार ने इस सम्मेलन में प्रमुखता से अंग्रेजी में भी इंडिया की जगह BHARAT (भारत) ही लिखा। खुद प्रधानमंत्री जब जी20 लीडर्स समिट की अध्यक्षता कर रहे थे तो उनके सामने भी अंग्रेजी में भारत ही लिखा हुआ था, इंडिया नहीं।
इसी के बाद से यह अटकलें लग रही हैं कि केंद्र सरकार आधिकारिक तौर पर अंग्रेजी में भी इंडिया हटाकर सिर्फ भारत नाम ही रख सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से खूब राजनीति हो रही है।












Click it and Unblock the Notifications