आसनसोल उपचुनाव: टीएमसी और शत्रुघ्न सिन्हा के लिए क्यों खास है ये रिकॉर्डतोड़ जीत
कोलकाता, 16 अप्रैल: पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा को रिकॉर्ड मतों से जीत मिली है। शत्रुघ्न ने इस सीट पर भाजपा की उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल को तीन लाख से ज्यादा वोटों से हराया है। शत्रुघ्न सिन्हा को कुल पड़े मतों का करीब 57 फीसदी हासिल हुआ है। ये जीत ना सिर्फ शत्रुघ्न सिन्हा के लिए खास है बल्कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए भी विशेष है।
Recommended Video

आसनसोल में पहली बार मिली टीएमसी को जीत
शत्रुघ्न सिन्हा ने आसनसोल लोकसभा सीट जीतने वाले तृणमूल कांग्रेस के पहले उम्मीदवार बने हैं। टीएमसी राज्य में बड़ी चुनावी सफलता हासिल करने के बावजूद आसनसोल से नहीं जीत पाई थी। इस सीट के इतिहास की बात करें तो 1957 से 1967 के बीच आसनसोल लोकसभा सीट कांग्रेस की थी। 1967 से 1971 तक यहां संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी जीती। 1971 से 1980 तक सीपीआई (एम) ने इस सीट पर कब्जा जमाया। 1989 में कांग्रेस और फिर 2014 तक यह सीट सीपीआई (एम) के पास रही। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। अब पहला मौका है जब टीएमसी यहां जीती है।
शत्रु के लिए क्यों खास है ये जीत
टीएमसी के लिए तो आसनसोल की जीत इसलिए खास है क्योंकि उसे पहली बार यहां जीत मिली है। वहीं शत्रुघ्न सिन्हा के लिए भी इस जीत का काफी महत्व है। शत्रुघ्न सिन्हा ने लंबे समय तक भाजपा में राजनीति की है। वो अटल बिहारी सरकार में मंत्री भी रहे, 2014 में भी वो बिहार से चुनकर आए लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनको मंत्री नहीं बनाया। जिसके बाद भाजपा से उनकी दूरी बनी और वो कांग्रेस में शामिल हो गए। 2019 में वो कांग्रेस के टिकट पर लड़े लेकिन हार गए। जिसके बाद कहा जा रहा था कि उनकी राजनीति खत्म हो गई है लेकिन जिस तरह से कुछ दिन पहले ही टीएमसी में आकर उन्होंने ये धमाकेदार जीत हासिल की है, उसने उनके राजनीतिक जीवन को भी एक नई ताकत दे दी है।












Click it and Unblock the Notifications