Baba Shivanand का निधन: पीएम मोदी बोले- योग गुरु का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए रहेगा प्रेरणा
Baba Shivanand News: वाराणसी में योग गुरु बाबा शिवानंद के निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके आश्रम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हर कोई अपने प्रिय गुरु को अंतिम बार नमन करने के लिए पहुंचा।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि बाबा का तप और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। उन्होंने समाज में योग के प्रचार-प्रसार के लिए जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। बाबा शिवानंद को देश ने पद्मश्री से भी नवाजा था।
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट (अब X) अकाउंट पर लिखा कि "योग साधक और काशी निवासी शिवानंद बाबा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। योग और साधना को समर्पित उनका जीवन देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। योग के जरिए समाज की सेवा के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित भी किया गया था।
शिवानंद बाबा का शिवलोक प्रयाण हम सब काशीवासियों और उनसे प्रेरणा लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं इस दुःख की घड़ी में उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।"
129 साल की उम्र में भी फुर्तीले थे बाबा
बाबा शिवानंद का दावा था कि उनकी उम्र 129 वर्ष थी। इतने लंबे जीवन के बावजूद उनकी ऊर्जा और स्फूर्ति देखकर लोग हैरान रह जाते थे। संयम, योग और सादगी को उन्होंने जीवन का मंत्र बना लिया था, जो उनकी दीर्घायु का राज भी बताया जाता है।
बंगाल में जन्मे शिवानंद जी ने अपना जीवन वाराणसी में योग और साधना में समर्पित कर दिया। उनकी सरल जीवनशैली और अनुशासन ने उन्हें लाखों अनुयायियों के बीच पूज्य बना दिया। लोग उन्हें योग और स्वास्थ्य का चलता-फिरता उदाहरण मानते थे।
सीएम योगी ने भी जताया दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बाबा शिवानंद के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि काशी के इस महान योग गुरु का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है। बाबा का जीवन संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री योगी ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को सद्गति मिले और उनके अनुयायियों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान हो। उन्होंने कहा कि बाबा शिवानंद ने अपना पूरा जीवन योग के प्रचार में समर्पित कर दिया।
सीएम योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि " 'योग' के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान देने वाले काशी के प्रख्यात योग गुरु 'पद्म श्री' स्वामी शिवानंद जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! आपकी साधना एवं योगमय जीवन संपूर्ण समाज के लिए महान प्रेरणा है। आपने अपना पूरा जीवन योग के विस्तार में समर्पित कर दिया।
बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं उनके शोकाकुल अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!"
पद्मश्री से नवाजे गए थे योग गुरु शिवानंद
साल 2022 में भारत सरकार ने बाबा शिवानंद को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खुद उन्हें यह सम्मान प्रदान किया था। बाबा के चेहरे पर उस समय भी वही सरल मुस्कान थी, जो उन्हें खास बनाती थी।
बाबा शिवानंद न सिर्फ योग गुरु थे, बल्कि समाज सेवा में भी उनका बड़ा योगदान रहा। उन्होंने हमेशा लोगों को योग के जरिए स्वास्थ्य और मानसिक शांति पाने के लिए प्रेरित किया। उनकी साधना की मिसाल आज भी दी जाती है।
महाकुंभ में भी दिखी थी उनकी आस्था
बाबा शिवानंद महाकुंभ के अवसरों पर स्नान करने भी पहुंचते थे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जोश देखने लायक था। भक्तों के बीच उनका यही जज़्बा चर्चा का विषय बन जाता था। आश्रम के अनुयायियों का कहना है कि बाबा ने कभी अपने स्वास्थ्य का विशेष दावा नहीं किया, बल्कि योग को ही इसका कारण बताया।












Click it and Unblock the Notifications