Varanasi News: काशी में पर्यटन सुविधाओं का निरीक्षण, PMO अधिकारी ने स्टेशन से मंदिर तक की ली जानकारी
Varanasi News: काशी में पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक रूप देने की कवायद तेज़ हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त सचिव सुभाशीष पांडा वाराणसी पहुंचे। उन्होंने विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक स्थलों का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत कैंट रेलवे स्टेशन से हुई, जहां यात्री सुविधाओं का विस्तार और सौंदर्यीकरण केंद्र में रहा। स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के पुनर्विकास को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। जन सुविधा केंद्र की सेवाओं का भी मूल्यांकन किया गया।

कैंट रोडवेज परिसर में भी अधिकारी ने मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं जैसे टैक्सी, होटल, मंदिर दर्शन और टूर बुकिंग सिस्टम की समीक्षा की गई। पर्यटन सूचना केंद्र में अधिकारियों से बातचीत भी हुई।
विद्यापीठ क्षेत्र में स्थित भारत माता मंदिर का निरीक्षण भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। मंदिर में उकेरी गई देवनागरी, ब्राह्मी और सिंधु सभ्यता की लिपियों के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा हुई। संरक्षक राजू सिंह ने मंदिर की विरासत साझा की।
अखंड भारत के भौगोलिक नक्शे और इसकी संरचना पर भी अधिकारियों का ध्यान गया। मंदिर के संस्थापक और उससे जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारी ने इसे सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित रखने की बात कही।
दुर्गाकुंड में पुरानी इमारतों के संरक्षण पर जाेर
सचिव पांडा ने दुर्गाकुंड क्षेत्र में आनंद वन पार्क और उसके आसपास के भवनों का निरीक्षण किया। एक जर्जर हो चुकी इमारत को लेकर एएसआई से रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया गया। यह कदम पुरातत्व संरक्षण की दिशा में अहम माना जा रहा है।
तुलसी मानस मंदिर और संकट मोचन मंदिर में दर्शन कर सचिव ने परिसर में हुए विकास कार्यों को सराहा। प्रधानमंत्री द्वारा कराए गए सौंदर्यीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई और यात्री सुविधा प्राथमिकता में रही।
घाटों की संस्कृति और परंपराओं को मिला विशेष महत्व
अस्सी घाट पर मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने रामनगर की रामलीला, नक्कटैया मेला और भरत-मिलाप जैसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। घाट पर हर दिन होने वाले कार्यक्रमों को भी बताया गया।
इसके बाद सचिव दशाश्वमेध घाट पहुंचे। यहां शीतला माता मंदिर, हनुमान मंदिर और दशाश्वमेध सरोवर की संरचना और धार्मिक महत्व पर चर्चा हुई। मान महल मंदिर स्थित संग्रहालय में भी उन्होंने काशी की कला और इतिहास को नज़दीक से देखा।
सारनाथ के बौद्ध स्थलों का भी किया निरीक्षण
सचिव ने चौकाघाट स्थित अर्बन हाट का जायज़ा लिया और शिल्प कार्यों की गुणवत्ता पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने सारनाथ के चौखंडी स्तूप, पुरातात्विक संग्रहालय और धमेख स्तूप का निरीक्षण किया।
मूलगंध कुटी विहार, थाई बुद्ध विहार और अशोक स्तंभ जैसे स्थलों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को भी उन्होंने समझा और धम्मचक्र प्रवर्तन स्थल का निरीक्षण कर उन्होंने पर्यटन और अध्यात्म के संतुलन की बात कही।












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