Varanasi News: 'राजभर' नाम ढकने से नाराजगी, पुलिस की पहल से रैपर हटा, समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग
Varanasi News: वाराणसी के ऐतिहासिक सारनाथ इलाके में शनिवार को उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब 'राजभर' शब्द को एक स्मृति द्वार से हटाए जाने की खबर सामने आई। सोमवार की सुबह जैसे ही यह बात फैली, राजभर समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
देखते ही देखते वहां काफी संख्या में लोग पहुंच गए। क्योंकि आशापुर से सारनाथ जाने वाले मार्ग पर ही यह स्मृति द्वार है, ऐसे में भीड़ के चलते वहां जाम लग गया। भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस ने कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन समाज के लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ।

बताया जा रहा है कि शनिवार को स्थानीय लोगों ने देखा कि महाराजा सुहेलदेव राजभर के नाम पर बने स्मृति द्वार के बोर्ड पर 'राजभर' शब्द की जगह हरे रंग का एक रैपर चिपका पाया गया। उसके बाद लोग फोटो वीडियो बनाने के साथ ही इसकी जानकारी संगठन के लोगों को दिया।
इस मामले की जानकारी मिलते ही राजभर युवा महासमिति के अध्यक्ष फागू लाल राजभर भी अपने समुदाय के लोगों के साथ वहां पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद लोगों ने बोर्ड पर रैपर लगाए जाने का विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब रैपर हटाने के लिए पहले पुलिस कर्मियों और फिर समाज के स्वयंसेवकों को सीढ़ियों के सहारे ऊपर चढ़ाया गया। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी किसी से भी रैपर नहीं हट सका। उसके बाद लोगों ने इसे कुछ लोगों की साजिश बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
स्मृति द्वार पर सम्मान से खिलवाड़ का आरोप
बताया जा रहा है कि 10 जून को स्थानीय विधायक निधि से बनाए गए 'राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर स्मृति द्वार' का उद्घाटन किया गया था। इस द्वार को समुदाय के लिए गर्व का प्रतीक माना जा रहा था। इसी बीच शनिवार को लोगों को 'राजभर' शब्द के उपर रैपर चिपका दिखाई दिया।
राजभर समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि किसी अराजक तत्व ने जानबूझकर यह हरकत की है ताकि समाज की भावनाओं को चोट पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे संगठन के लोग शांतिपूर्ण तरीके से रैपर हटवाना चाहते थे, लेकिन आवागमन और अव्यवस्था के चलते यह संभव नहीं हो सका।
जब तक रैपर नहीं हटेगा, आंदोलन रहेगा जारी
धरना दे रहे नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक स्मृति द्वार से 'राजभर' शब्द को ढकने वाला रैपर पूरी तरह नहीं हटाया जाएगा, तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने इसे सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि समाज की अस्मिता का मुद्दा बताया।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के प्रतिनिधि संजय सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है और इस पर तुरंत संज्ञान लेना जरूरी है।
विरोध प्रदर्शन में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सुभासपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नित्यानंद पाण्डेय, भाजपा महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष ममता पटेल और अन्य नेताओं ने मंच साझा कर समाज के समर्थन में बयान दिए।
वहीं मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी सारनाथ विवेक त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित भीड़ को शांत करने के साथ ही स्मृति द्वार से हटाए गए 'राजभर' शब्द को पुनः स्थापित कराया। वहीं मामले में युवा समिति ने लिखित प्रार्थना पत्र पर दिया। जिसपर थाना प्रभारी ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।












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