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Varanasi News: कचहरी में वकील और पुलिस में कैसे भड़का बवाल, दरोगा पर हमला क्यों हुआ? जानें विवाद की जड़

Varanasi News: वाराणसी की कचहरी मंगलवार को अचानक जंग का मैदान बन गई। कचहरी परिसर में एक दरोगा को वकीलों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। वकीलों ने मारपीट कर दरोगा को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद हड़कंप मच गई।

गंभीर रूप से घायल दरोगा मिथिलेश को पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया उसके बाद गंभीर हालत को ध्यान में रखते हुए ट्रामा सेंटर बीएचयू में रेफर कर दिया गया। फिलहाल लोगों के बीच सवाल है कि आखिर इस मारपीट की वजह क्या है?

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दरअसल, मामला सीधे-सीधे जमीन विवाद से जुड़ा है। बड़ागांव इलाके में दो परिवारों के बीच कई महीनो से भूमि विवाद चल रहा है । इसी विवाद में हाल ही में एक वकील घायल हो गया था। आरोप लगा कि उसी दरोगा ने उसे पीटा था। उसके बाद से ही पुलिस दरोगा का कचहरी में इंतजार कर रहे थे।

मंगलवार को दरोगा मिथलेश प्रजापति किसी काम से कचहरी पहुंचे। वकीलों ने जैसे ही उन्हें देखा भीड़ एकजुट हो गई। माहौल इतना गर्मा गया कि किसी ने बचाने की कोशिश की तो वह भी चोट खा बैठा। दरोगा की हालत गंभीर है और फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।

आईए जानते हैं कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद

दरअसल, बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी खुर्द गांव की आराजी नंबर 125 और 126 इस पूरे विवाद की जड़ हैं। गांव के रहने वाले मोहित कुमार सिंह और उनके चाचा प्रेमचंद मौर्या के बीच जमीन का विवाद चल रहा है। 28 जून को प्रेमचंद मकान निर्माण करवा रहे थे।

इस दौरान मोहित उन्हें रोकने गया था। आराप है कि इसी दौरान मोहित और प्रेमचंद दोनों पक्ष के लोगों में मारपीट हुई थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस से शिकायत करते हुए मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी।

एक दौरान मोहित 13 सितंबर को समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचा वहां दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों पक्ष थाने में ही लड़ने झगड़ने लगे। इस दौरान थाने में भी कुछ देर तक अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला था।

पुलिस पर लगा मारपीट का आरोप

बताया जा रहा है कि समाधान दिवस में जनसुनवाई के दौरान पुलिस के सामने मारपीट करने पर इस मामले में दोनों पक्षों को पकड़ कर पुलिस द्वारा शांति भंग की धाराओं में उनका चालान कर दिया गया। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने मोहित सिंह के साथ मारपीट की थी।

उस समय बड़ागांव थानाध्यक्ष और थाने के सब इंस्पेक्टर के ऊपर मारपीट का आरोप लगा था। वकील को घायल बताते हुए उसका फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि, मामला तूल नहीं पकड़ा इसलिए इस प्रकरण को पुलिस या वकीलों ने गंभीरता से नहीं लिया।

वकीलों का गुस्सा क्यों फूटा?

हालांकि, साथी के साथ हुई मारपीट का बदला लेने के लिए वकीलों का समूह बड़ागांव थाने की पुलिसकर्मियों का कचहरी में इंतजार कर रहा था। इसी बीच मंगलवार को न्यायालय से कोई पर्चा लेने के लिए बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश कचहरी पहुंचे।

मिथिलेश को कचहरी में देखने के बाद वकीलों ने पहचान लिया और शोर मचा दिया। इस दौरान वकीलों का समूह दरोगा को घेर लिया और दरोगा को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान जमीन पर गिर जाने के बाद भी वकील दरोगा को पीटते रहे।

भीड़ में शामिल वकील बचाने वाले लोगों की भी बात नहीं मानें। मारपीट के चलते दरोगा गंभीर रूप से घायल हो गया। मारपीट में दरोगा की वर्दी फट गई इसके अलावा शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी चोट लगने की बात सामने आ रही है।

अफसर ने किसी तरह हालात पर पाया काबू

जैसे ही घटना की खबर फैली पूरे कचहरी क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। डीएम, डीआईजी, डीसीपी समेत जिले के बड़े अफसर तुरंत मौके पर पहुंच गए। छह थानों से करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। कोर्ट परिसर खाली कराया गया ताकि हालात काबू में आएं।

अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच होगी। चाहे वकील हो या पुलिस किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी। अभी घायल दरोगा को आईसीयू में रखा गया है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

तीन सीसीटीवी फुटेज भी आए सामने

कचहरी परिसर में दरोगा के साथ मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। मारपीट से जुड़े तीन सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें दिखाई दे रहा है कि किस तरह वकीलों का समूह दरोगा की पिटाई कर रहा है।

वही इस मामले में घायल दरोगा मिथिलेश की तहरीर पर 10 नामजद समेत 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं वकीलों द्वारा इस पूरे मामले पर पुलिसकर्मियों को दोषी बताया जा रहा है। अभी मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।

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