Varanasi News: योजनाओं की सुस्ती पर डीएम ने अफसरों को लगाई फटकार, सुधार के दिए सख्त निर्देश
Varanasi News: वाराणसी प्रशासन ने विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिले के तमाम विभागों को स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही अब नहीं चलेगी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन कर रहे विभागों की एक-एक करके समीक्षा हुई और जिम्मेदारों को फटकार भी लगाई गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने विकास कार्यक्रमों की ग्रेडिंग के आधार पर समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि डैशबोर्ड पर गिरती रैंकिंग अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि योजनाओं में गुणात्मक सुधार हो और प्रदर्शन में स्पष्ट बढ़त दिखे।

बैठक में ODOP, टेल फीडिंग, ग्राम पंचायत से जुड़ी वित्तीय योजनाओं, बैंक क्रेडिट लिंकेज और फैमिली आईडी से संबंधित कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। जिलाधिकारी ने इन विभागों के अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कराने का निर्देश दिया। साथ ही, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
ग्राम पंचायत योजनाओं में ढिलाई पर नोटिस
15वें वित्त आयोग से जुड़े इंडिकेटर्स में कम प्रगति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को फटकार लगाई। सहायक विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि और खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
फैमिली आईडी से जुड़े वृद्ध, विधवा, निराश्रित और दिव्यांग लाभार्थियों के लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता में रखा गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन प्रकरणों का सत्यापन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से कराया जाए और जल्द से जल्द फैमिली आईडी तैयार की जाए।
मनरेगा के लंबित मामलों को लेकर डीसी मनरेगा को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश मिले। वहीं, नई सड़कों के निर्माण और अनुरक्षण में पिछड़ रहे लोक निर्माण विभाग को लक्ष्य के अनुरूप काम में तेजी लाने को कहा गया।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों में पेयजल योजनाओं का निर्माण, रेट्रोफिटिंग और कनेक्शन की प्रक्रिया तेज की जाए। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मध्याह्न भोजन योजना और छात्रों की उपस्थिति पर निगरानी
जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन योजना और स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए और योजना के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी निगरानी हो।
इसके अलावा बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की प्रगति के बारे में भी अधिकारियों से पूछताछ हुई। जिसमें संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए कि वे तय समयसीमा में लक्ष्यों को प्राप्त करें।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी हुई सख्त समीक्षा
बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़े वर्ग से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। छात्रवृत्तियों के वितरण और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने कहा कि वित्तीय और भौतिक प्रगति दोनों का तुलनात्मक विश्लेषण जरूरी है।
पर्यटन, स्वच्छ भारत मिशन, महिला एवं बाल विकास जैसी योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए। जनहित की योजनाओं में किसी भी तरह की सुस्ती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि लाभार्थीपरक योजनाओं का संचालन हर हाल में समयबद्ध हो। आम जनता की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए।
अधिकारियों से यह भी कहा गया कि किसी भी योजना का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। जिन योजनाओं में अब तक लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं, उन्हें तय समयसीमा में पूरा किया जाए।












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