Varanasi Mock Drill: कल बजेगा सायरन, होगा ब्लैकआउट... पीएम मोदी के क्षेत्र में मॉक ड्रिल का पूरा शेड्यूल जानें

Varanasi Mock Drill: वाराणसी जिले में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को पूरे जनपद में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें युद्ध या हवाई हमले जैसी स्थितियों में सुरक्षा और बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार और अपर पुलिस कमिश्नर एस चेनप्पा ने इसकी रूपरेखा तय करने के लिए अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।

इस बैठक में सेना, एयरफोर्स, एनडीआरएफ, नगर निगम, चिकित्सा, शिक्षा विभाग समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में तय हुआ कि स्कूलों-कॉलेजों से लेकर बाजार और ग्रामीण इलाकों तक मॉक ड्रिल कर लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान सायरन बजाने और ब्लैकआउट करने की प्रक्रिया का भी रिहर्सल किया जाएगा।

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सुबह 6 बजे पुलिस लाइन से होगी शुरुआत

अपर पुलिस कमिश्नर एस चेनप्पा ने बताया कि बुधवार की सुबह 6 बजे वाराणसी की पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का पहला आयोजन किया जाएगा। इसके बाद पूरे जिले के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समयों पर इस अभ्यास को दोहराया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को भी इस प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।

जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने निर्देश दिया कि यह मॉक ड्रिल सिर्फ कागजी न रहे, बल्कि हर नागरिक तक इसका संदेश पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष आयोजन होंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं, बल्कि प्रशिक्षित तरीके से सुरक्षित रहें।

हर विभाग को सतर्क रहने का आदेश

डीएम ने नागरिक सुरक्षा के वॉलंटियर्स और सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपातकालीन कमांड सेंटर और क्विक रिस्पांस टीमों को भी एक्टिव किया जाएगा। ताकि युद्ध या आपदा की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

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साथ ही उन्होंने कहा कि सायरन संकेत और ब्लैकआउट की प्रक्रिया को लेकर लोगों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि जब असली हालात बने, तो सभी लोग समझ सकें कि किस संकेत का क्या मतलब है और कैसे बचाव करना है। जिलाधिकारी ने मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए हर विभाग को ठोस प्लानिंग और तैयारी सुनिश्चित करने को कहा है।

स्कूलों में भी चलेगा जागरूकता अभियान

शहर के स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें छात्रों को बताया जाएगा कि युद्ध या हवाई हमले के वक्त क्या सावधानियां बरतनी हैं। इसके अलावा बाजारों, कॉलोनियों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी प्रदर्शन किया जाएगा ताकि हर वर्ग के लोग इससे लाभान्वित हो सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभ्यास केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जनसहभागिता का भी हिस्सा है। लोगों की भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी-अपनी टीमों को सक्रिय करें और मॉक ड्रिल के हर पहलू पर पैनी नजर रखें।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

जनता को युद्ध या किसी भी आपातकालीन स्थिति में बचाव और सुरक्षा के गुर सिखाना, ताकि खतरे के वक्त अफरा-तफरी न मचे।

मॉक ड्रिल में कौन-कौन से विभाग शामिल रहेंगे?

सेना, एयरफोर्स, एनडीआरएफ, पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, शिक्षा विभाग समेत तमाम विभागों की भागीदारी होगी।

क्या स्कूल-कॉलेजों में भी मॉक ड्रिल कराई जाएगी?

हां, जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि स्कूल, कॉलेज, बाजारों और ग्रामीण इलाकों में भी अभ्यास कराया जाए।

मॉक ड्रिल में किस प्रकार की आपात स्थितियों का अभ्यास होगा?

इसमें युद्ध, हवाई हमले, सायरन संकेत, ब्लैकआउट और रेस्क्यू बचाव जैसी स्थितियों का अभ्यास कराया जाएगा।

वाराणसी में मॉक ड्रिल कब और कहां आयोजित की जाएगी?

मॉक ड्रिल बुधवार सुबह 6 बजे पुलिस लाइन से शुरू होगी और दिनभर जिले के विभिन्न स्थानों पर चलेगी।

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