Nikay Chunav 2023: 16 लाख से ज्यादा वोटर चुनेंगे मेयर, अब तक हमेशा बीजेपी के पाले में रही है यह सीट
यूपी निकाय चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी पार्टियों के दावेदार अपने अपने स्तर से चुनाव प्रचार शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी इस बार कांटे की टक्कर होने वाली है।

Nikay Chunav 2023 का बिगुल बजने के बाद चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे उम्मीदवारों द्वारा अपने अपने पक्ष में मतदाताओं को साधने का दौर शुरू हो गया है। वाराणसी में भी काफी गहमागहमी का माहौल देखने को मिल रहा है।
वाराणसी मंडल में भी पहले चरण में ही निकाय चुनाव कराए जाने हैं ऐसे में मंगलवार से नगर निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस बार वाराणसी में मेयर की सीट अनारक्षित है ऐसे में जानकारों का कहना है कि चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भी इस सीट पर जिताऊ उम्मीदवार को उतारने का प्रयास कर रही है। हालांकि अभी तक वाराणसी में महापौर के सीट पर भारतीय जनता पार्टी का ही कब्जा रहा है।
1995 हुआ था नगर निगम का गठन: मालूम हो कि साल 1989 में सभासदों द्वारा दिए गए वोट के माध्यम से स्वालेह अंसारी को वाराणसी का महापौर बनाया गया था। उसके बाद साल 1995 में वाराणसी नगर निगम का गठन हुआ।
नगर निगम का गठन होने के बाद 1995 में यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई तो उस समय सरोज सिंह वाराणसी की महापौर बनीं थीं। फिर साल 2000 में इस सीट को ओबीसी पुरुष के लिए आरक्षित किया गया और उस समय अमरनाथ यादव महापौर बनें।
साल 2006 में दोबार वाराणसी महापौर की सीट फिर ओबीसी पुरुष के लिए आरक्षित हुई तो भारतीय जनता पार्टी से कौशलेंद्र सिंह महापौर बने। उसके बाद साल 2012 में यह सीट अनारक्षित हो गई।
2012 में सीटें आरक्षित किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा रामगोपाल मोहले को मैदान में उतारा गया। भाजपा के रामगोपाल मोहाले 132800 वोट पाकर जीत हासिल किए जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ अशोक कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
साल 2017 में फिर इस सीट को ओबीसी महिला के लिए कर दी गई। साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने मृदुला जायसवाल को चुनाव मैदान में उतारा। 2017 के महापौर चुनाव में भी भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर हुई।
हालांकि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मृदुला जायसवाल को 2017 चुनाव में 192188 मत मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस के प्रत्याशी को 113345 वोट और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहीं।
वर्ष 2017 में कांग्रेस पार्टी द्वारा शालिनी यादव को मैदान में उतारा गया था जबकि समाजवादी पार्टी ने साधना गुप्ता और बहुजन समाजवादी पार्टी ने सुधा चौरसिया को महापौर के लिए चुनाव मैदान में उतारा था। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच इस सीट पर हमेशा कांटे की टक्कर हुई है।
अब इस बार यह सीट अनारक्षित हो गई है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार अपने-अपने पार्टी से टिकट लेने की जुगत लगा रहे हैं। वाराणसी में पहले चरण में चुनाव होगा ऐसे में सभी पार्टियों नेता चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।
वाराणसी के अब तक के मेयर की लिस्ट
सरोज सिंह (भारतीय जनता पार्टी) - 30 नवंबर 1995 से 29 नवंबर 2000 (ओबीसी महिला)
अमरनाथ यादव (भारतीय जनता पार्टी) - 30 नवंबर 2000 से 20 जनवरी 2006 (ओबीसी पुरुष)
कौशलेंद्र सिंह (भारतीय जनता पार्टी) - 17 नवंबर 2006 से 19 जुलाई 2012 (ओबीसी पुरुष)
रामगोपाल मोहले (भारतीय जनता पार्टी) - 20 जुलाई 2012 से अगस्त 2017 (यूआर)
मृदुला जायसवाल (भारतीय जनता पार्टी) - 12 दिसंबर 2017 से 6 जनवरी 2023 (ओबीसी महिला)












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