UP News: राहुल गांधी ने अचानक क्यों रोक दी भारत जोड़ो न्याय यात्रा, सामने आई ये बात, कल पहुंचेंगे प्रयागराज
UP News: उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज दूसरा दिन था। वाराणसी में राहुल गांधी ने करीब 5 घंटे में 12 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया। वाराणसी से होते हुए आज राहुल गांधी की यात्रा भदोही जाने वाली थी।
लेकिन अचानक राहुल गांधी की यात्रा को स्थगित कर दिया गया। यात्रा को स्थगित करने के बाद राहुल गांधी वाराणसी रिंग रोड फेज दो से होते हुए सीधे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से राहुल गांधी फ्लाइट से प्रस्थान कर गए।

राहुल गांधी की यात्रा अचानक रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद भदोही में उनका इंतजार कर रहे लोग मायूस नजर आए। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा राहुल गांधी की यात्रा स्थगित होने का कारण वायनाड जाना बताया गया।
अजय राय द्वारा बताया गया कि राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड में जंगली हाथी के हमले से दो लोगों की मौत हो गई है। मौत होने के बाद वहां के लोग प्रशासन से नाराज हैं और बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
ऐसे में लोगों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को आचानक स्थगित करना पड़ा। वहीं कांग्रेस के नेता जयराम रमेश द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी की यात्रा स्थगित होने की जानकारी दी गई।
कांग्रेस नेताओं द्वारा यह भी बताया गया कि राहुल गांधी 18 फरवरी अर्थात रविवार को प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद दोपहर 3 बजे से प्रयागराज से राहुल गांधी की यात्रा पुनः प्रारंभ होगी।
विश्वनाथ धाम का फोटो उपलब्ध न कराने का आरोप
राहुल गांधी शनिवार को करीब 8 घंटे वाराणसी में रहे। राहुल गांधी की यात्रा सुबह 9 बजे से चंदौली से पड़ाव इलाके से होते हुए वाराणसी में प्रवेश की। वाराणसी में पहुंचने के बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम में पूजा और दर्शन किया।
दर्शन पूजन करने के बाद गोदौलिया चौराहे पर उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। जनसभा में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। वहीं सुबह साढ़े दस बजे कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मैसेज लिखा कि "आज सवेरे करीब 10.30 बजे @RahulGandhi जी ने काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और अभिषेक किया।
अंतिम क्षण पर मंदिर में जाने के लिए हमारे कैमरा को मिली अनुमति निरस्त कर दी गई। ज़िला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि मंदिर के कैमरापर्सन द्वारा फोटो साझा की जाएगी। साढ़े तीन घंटे तक लगातार प्रयास करने पर भी फोटो उपलब्ध नहीं कराई गई।
फिर कुछ 7 तस्वीरें भेजी गईं, जिनमें से एक भी दर्शन करने की नहीं हैं - जबकि मंदिर के कैमरापर्सन ने फोटो खींची थीं। ऐसा करके वाराणसी के जिला प्रशासन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह दिल्ली में बैठे 'कैमराजीवी' के मुलाजिम से ज़्यादा और कुछ नहीं।
यह राजनीति और चाटुकारिता नहीं ओछापन है - पर याद रहे शिव के भक्त को न उनके संकल्प से, न न्याय के इस महासंग्राम से कोई ताकत रोक सकती है। बाबा विश्वनाथ सबका भला करें, दुष्टों को सन्मति दें।"












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