UP News: इस शहर में भिखारियों को ढूंढ रहे हैं लोग, वजह जानकर आप भी निकल सकते हैं खोजने
UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में अब भिखारी देखने को नहीं मिलेंगे। वाराणसी शहर को भिखारी मुक्त करने के लिए बेगर्स कॉरपोरेशन द्वारा वाराणसी में अभियान चलाया जा रहा है और यह अभियान 2027 तक चलाया जाएगा। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस बारे में जानकारी देते हुए बैगर्स कॉरपोरेशन के संस्थापक चंद्र मिश्रा द्वारा बताया गया कि वाराणसी के लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि यदि उन्हें कहीं भी भिखारी दिखाई दे तो उसे दान न दें। इसके अलावा यदि कोई भिखारी को पड़कर लेकर आएगा तो उसे 1000 रुपए का पुरस्कार भी दिया जाएगा।

यह भी बताया गया कि एक सर्वेक्षण की माने तो वाराणसी में करीब 6000 से अधिक भिखारी हैं जिनमें 14 बच्चे शामिल है। अधिकतर भिखारी शारीरिक रूप से सक्षम है और वह खुद रोजगार कर सकते हैं लेकिन रोजगार करने की बजाय वह भीख मांग कर अपना जीवन यापन करते हैं।
ऐसे में कार्पोरेशन द्वारा बताया गया कि भिखारी को पकड़ने के बाद उन्हें 3 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें बाग पूजा की सामग्री फूलों की दुकान सहित अन्य सामग्री तैयार करने के बारे में भिखारी सीख जाएंगे और फिर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। बताया गया की 2027 तक कुल 6 चरणों में 1000 भिखारियों को रोजगार देने का प्लान तैयार किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि कारपोरेशन के द्वारा भिखारी को हर महीने 10000 और 3 साल के बाद उन्हें एक लाख की न्यूनतम आजीविका सहायता राशि भी दी जाएगी तथा उनके साथ 3 साल का अनुबंध भी किया जाएगा। ऐसे में रोजगार से जुड़ने के बाद भिखारी भीख मांगना छोड़ देंगे और वाराणसी जनपद भिखारी में हो जाएगा।
चंद्र मिश्रा द्वारा यह भी बताया गया कि लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि काशी की सड़कों और मंदिरों के बाहर यदि आपको भिखारी दिखाई देते हैं तो उन्हें पड़कर आप कारपोरेशन के पास लाएं या फिर 9336 109 052 मोबाइल नंबर पर फोन करके भी भिखारी के बारे में जानकारी दी जा सकती है। एक भिखारी को पड़कर लाने के एवज में एक हजार रुपए दिए जाएंगे।












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